Saturday, 1 August 2026

सहरसा कोर्ट परिसर में ईंट-भट्ठा कांड के गवाहों को मिली जान से मारने की धमकी, मचा हड़कंप, केस दर्ज


सहरसा
(स्थानीय संवाददाता): सहरसा व्यवहार न्यायालय परिसर में गवाही देने पहुंचे एक पीड़ित मजदूर परिवार को सरेआम जान से मारने और अंजाम भुगतने की धमकी देने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। धमकी देने का आरोप जेल में बंद मुख्य आरोपी चुन्ना मुखिया के चचेरे भाई पर लगा है। घटना के बाद पीड़ित परिवार ने सदर थाना में आवेदन देकर सुरक्षा की गुहार लगाई है। वहीं सदर थाना पुलिस ने केस दर्ज कर मामले में अग्रतर कार्रवाई शुरू कर दिया है। 

क्या है पूरा मामला?

मिली जानकारी के अनुसार, असम के धुबरी जिले के रहने वाले कृष्णा राय अपने परिवार के साथ सहरसा बस्ती स्थित स्टार ईंट भट्ठा पर मजदूरी का काम करते थे। आरोप है कि ईंट भट्ठा मालिक औवैसी करणी उर्फ चुन्ना मुखिया और उसके मुंशी अमित द्वारा मजदूर परिवार की महिलाओं व नाबालिग बच्चियों के साथ छेड़खानी, गंदा काम, मारपीट और बंधुआ मजदूरी कराई जाती थी।

इस मामले में मार्च 2026 में सदर थाना और महिला थाना में पोक्सो एक्ट तथा बंधुआ मजदूरी अधिनियम के तहत प्राथमिकी (कांड सं० 330/26, 342/26 और 09/26) दर्ज कराई गई थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी चुन्ना मुखिया और उसके मुंशी अमित को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था, और आरोपी चुन्ना मुखिया अभी भी जेल में ही बंद है।

कोर्ट परिसर में दी धमकी

पीड़ित कृष्णा राय ने बताया कि 31 जुलाई की सुबह करीब 10:30 बजे वे अपने परिवार और अन्य गवाहों (हसेन अली, रोफिकुल हुसैन आदि) के साथ माननीय न्यायालय में गवाही देने पहुंचे थे। जैसे ही वे कोर्ट के मुख्य द्वार से अंदर जा रहे थे, तभी एक व्यक्ति ने पीछे से आकर उन्हें रोका और गाली-गलौज शुरू कर दी।

आरोपी ने पीड़ित को धमकाते हुए कहा— "अगर तुमने चुन्ना मुखिया और मुंशी अमित के पक्ष में अपनी बच्चियों की गवाही नहीं करवाई, तो तुम और तुम्हारा परिवार जान से जाएगा। परिणाम भुगतने के लिए तैयार रहो।"

पुलिस अधिकारी की सतर्कता से हुई पहचान

घटना के वक्त मौके पर मौजूद सदर थाना के 'बड़ा बाबू' ने मुस्तैदी दिखाते हुए भागने की कोशिश कर रहे आरोपी को कोर्ट गेट के बाहर रोका और पूछताछ की। पूछताछ में आरोपी की पहचान मो० इमरान उर्फ लड्डू (43 वर्ष), पिता- स्व० मो० सहामत अली, निवासी- सहरसा बस्ती (वार्ड नं० 26) के रूप में हुई। पुलिस जांच में सामने आया कि इमरान जेल में बंद मुख्य आरोपी चुन्ना मुखिया का चचेरा भाई है। बताया जा रहा है कि कोर्ट गेट के बाहर 4-5 अन्य अज्ञात लोग भी किसी वाहन के साथ खड़े थे।

पीड़ित परिवार में दहशत, पुलिस से गुहार

न्यायालय परिसर जैसी सुरक्षित जगह पर सरेआम मिली इस धमकी से असम से आए पीड़ित मजदूर परिवार में भारी दहशत का माहौल है। पीड़ित कृष्णा राय ने सदर थाना अध्यक्ष से लिखित शिकायत कर आरोपी मो० इमरान एवं उसके अन्य साथियों पर कड़ी कानूनी कार्रवाई करने और गवाहों को सुरक्षा प्रदान करने की मांग की है। पुलिस मामले की जांच में जुट गई है।

Monday, 20 July 2026

Bihar News: सहरसा में डॉक्टर की लापरवाही से किशोरी की मौत का आरोप, अस्पताल में हंगामा, सड़क जाम कर प्रदर्शन

Saharsa News : बिहार के सहरसा जिले से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। यहां बनगांव रोड स्थित एक निजी क्लिनिक में सोमवार की शाम को 14 वर्षीय एक किशोरी की मौत हो गई। किशोरी की मौत के बाद परिजनों का गुस्सा फूट पड़ा। उन्होंने डॉक्टर पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए अस्पताल में जमकर हंगामा किया और शव को सड़क पर रखकर बनगांव-बरियाही मुख्य मार्ग को जाम कर दिया। हंगामा बढ़ता देख अस्पताल के डॉक्टर और पूरा स्टाफ क्लिनिक में ताला लगाकर मौके से फरार हो गया। डॉक्टर ने दिया था ठीक होने का भरोसा मृतक किशोरी की पहचान महिषी थाना क्षेत्र के झाझा नवटोलिया निवासी गंगाराम मुखिया की 14 वर्षीय बेटी काजल कुमारी के रूप में हुई है। मृतका की मां अंजू देवी ने बताया कि शनिवार की दोपहर उन्होंने अपनी बेटी को 'आशा इमरजेंसी हॉस्पिटल एंड चाइल्ड केयर' के डॉक्टर को दिखाया था। जांच के बाद डॉक्टर ने बताया कि काजल के सिर (ब्रेन) में पानी है, लेकिन एक छोटा सा ऑपरेशन करने के बाद वह पूरी तरह ठीक हो जाएगी। डॉक्टर की बात पर भरोसा कर सोमवार को काजल को ऑपरेशन के लिए भर्ती कराया गया। सोमवार की शाम जैसे ही ऑपरेशन शुरू हुआ, कुछ ही देर में काजल की मौत हो गई। परिजनों का आरोप है कि डॉक्टर की घोर लापरवाही के कारण उनकी बेटी की जान गई है। सड़क जाम कर मुआवजे की मांग किशोरी की मौत की खबर मिलते ही बड़ी संख्या में स्थानीय ग्रामीण अस्पताल पहुंच गए। आक्रोशित लोगों ने अस्पताल के बाहर हंगामा शुरू कर दिया और मुआवजे की मांग को लेकर बनगांव-बरियाही मुख्य मार्ग को पूरी तरह जाम कर दिया। सड़क जाम होने की वजह से दोनों तरफ वाहनों की लंबी कतारें लग गईं, जिससे राहगीरों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। क्या कहती है पुलिस? घटना की जानकारी मिलते ही सहरसा सदर थाने की पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंची। पुलिस अधिकारियों ने आक्रोशित परिजनों और ग्रामीणों को समझा-बुझाकर शांत कराया और जाम खुलवाया। सदर थाना के सब-इंस्पेक्टर राघवेंद्र कुमार ने बताया कि पीड़ित परिवार से मिले आवेदन के आधार पर मामले की जांच की जा रही है। जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसके अनुसार दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस फरार डॉक्टरों और स्टाफ की तलाश कर रही है।

Tuesday, 31 March 2026

2.41 करोड़ की 'काली कमाई'! सहरसा DRDA डायरेक्टर वैभव कुमार के मुजफ्फरपुर समेत कई ठिकानों पर EOU का छापा



ब्लॉग: ब्रजेश की बात (Brajesh Ki Baat)

नमस्कार! 'ब्रजेश की बात' में आज की सबसे बड़ी खबर बिहार के प्रशासनिक महकमे से आ रही है, जहां भ्रष्टाचार के खिलाफ आर्थिक अपराध इकाई (EOU) ने एक बार फिर बड़ा हंटर चलाया है। अगर आप सोचते हैं कि सिस्टम में बैठकर करोड़ों की काली कमाई छिप जाएगी, तो सहरसा के DRDA निदेशक वैभव कुमार पर हुई आज की कार्रवाई आपको जरूर पढ़नी चाहिए।

आय से अधिक संपत्ति (DA) के मामले में आज अहले सुबह से ही वैभव कुमार के सहरसा और मुजफ्फरपुर स्थित कई ठिकानों पर EOU की ताबड़तोड़ छापेमारी चल रही है। इस अचानक हुई रेड से सूबे के भ्रष्ट नौकरशाहों में हड़कंप मच गया है।



2 करोड़ 41 लाख से ज्यादा की अवैध संपत्ति का खुलासा

'ब्रजेश की बात' के पाठकों को बता दें कि EOU को लगातार DRDA निदेशक वैभव कुमार के खिलाफ भ्रष्टाचार की शिकायतें मिल रही थीं। जब विभाग ने गुपचुप तरीके से इसकी जांच की, तो आंखें फटी की फटी रह गईं। जांच में सामने आया कि वैभव कुमार ने अपने पद का रसूख दिखाते हुए 2 करोड़ 41 लाख 14 हजार रुपये की अवैध संपत्ति अर्जित कर ली है, जो उनकी वैध आय से कई गुना अधिक है। पुख्ता सबूत हाथ लगते ही आज सुबह EOU की टीम सहरसा स्थित उनके किराये के मकान पर धमक पड़ी और दस्तावेजों को खंगालना शुरू कर दिया।

मुजफ्फरपुर कनेक्शन: पैतृक घर से लेकर ITI कॉलेज तक रेड

यह कार्रवाई सिर्फ सहरसा तक सीमित नहीं है। वैभव कुमार मूल रूप से मुजफ्फरपुर जिले के मनियारी थाना क्षेत्र स्थित मिश्रा मनियारी के रहने वाले हैं। EOU की एक टीम मुजफ्फरपुर में उनके पैतृक आवास को खंगाल रही है। इसके अलावा, मुजफ्फरपुर-समस्तीपुर NH-28 पर स्थित उनके एक निजी ITI कॉलेज पर भी दूसरी टीम ने धावा बोल दिया है।


रसूखदार है वैभव कुमार का परिवार

वैभव कुमार कोई साधारण अधिकारी नहीं हैं, वे BPSC पास अफसर हैं और सहरसा में DRDA डायरेक्टर बनने से पहले बिहार के कई जिलों में BDO (प्रखंड विकास पदाधिकारी) के रूप में काम कर चुके हैं। उनका पारिवारिक बैकग्राउंड भी काफी रसूखदार है:
पिता: एल एम झा (अंग्रेजी के रिटायर्ड प्रोफेसर और मुजफ्फरपुर सिविल कोर्ट में वरीय अधिवक्ता)
पत्नी: चांदनी कुमारी (पेशे से प्राध्यापिका)
भाई: मुजफ्फरपुर में जिस ITI कॉलेज पर छापा पड़ा है, उसका संचालन वैभव कुमार का छोटा भाई ही करता है।

आगे क्या?

खबर लिखे जाने तक सहरसा और मुजफ्फरपुर में EOU की टीम का सर्च ऑपरेशन जारी है। घर और कॉलेज के अंदर से बैंक खातों, जमीनों की डीड, निवेश के कागजात और अन्य बेनामी संपत्तियों की डिटेल जुटाई जा रही है।

तय मानिए कि जब यह रेड खत्म होगी, तो कई और चौंकाने वाले खुलासे सामने आएंगे। इस मामले से जुड़ी हर छोटी-बड़ी अपडेट के लिए जुड़े रहें 'ब्रजेश की बात' के साथ।

आप इस तरह की भ्रष्ट कार्रवाई पर क्या सोचते हैं? नीचे कमेंट बॉक्स में अपनी राय जरूर दें!
लेखक: ब्रजेश भारती 

Saturday, 21 March 2026

बिहार न्यूज: जमीन विवाद में घर में सो रही विवाहिता की गला रेतकर निर्मम हत्या, पति ने छत से कूदकर बचाई जान

सहरसा। बिहार के सहरसा जिले में जमीनी रंजिश ने एक खौफनाक रूप ले लिया है। सलखुआ थाना क्षेत्र के गौरदह पंचायत स्थित ओरेली भलेवा (वार्ड संख्या 7) में देर रात बेखौफ अपराधियों ने घर में घुसकर 25 वर्षीय विवाहिता रौशनी कुमारी की चाकू गोदकर निर्मम हत्या कर दी। वारदात के वक्त महिला का पति किसी तरह छत के रास्ते भागकर अपनी जान बचाने में कामयाब रहा। घटना के बाद से पूरे गांव में दहशत और मातम का माहौल है।

आहट सुनकर छत से भागा पति, पत्नी को उतारा मौत के घाट

मृतका के पति छेलाबिहारी ने खौफनाक मंजर बयां करते हुए बताया कि रात करीब एक बजे वे लोग सो रहे थे। तभी घर के बाहर कुछ आहट महसूस हुई। नींद खुलने पर उसने देखा कि दर्जनों की संख्या में हथियारबंद बदमाश उनके घर की तरफ तेजी से बढ़ रहे हैं। खतरा भांपकर वह शोर मचाते हुए छत के रास्ते भाग निकला। इधर, घर के अंदर सो रही रौशनी कुमारी बदमाशों के हत्थे चढ़ गई। हमलावरों ने उसकी गर्दन में ताबड़तोड़ चाकू गोद दिए, जिससे रौशनी ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। भागते वक्त बदमाशों ने दहशत फैलाने के लिए घर के बाहर हवाई फायरिंग भी की।


15 दिन पहले हुआ था विवाद, एफआईआर भी हुई थी दर्ज

घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए सहरसा भेज दिया है। सिमरी बख्तियारपुर एसडीपीओ मुकेश कुमार ठाकुर ने बताया कि प्रथम दृष्टया यह पूरा मामला जमीनी रंजिश से जुड़ा हुआ है। इसी महीने की 2 तारीख को दोनों पक्षों के बीच जमीन को लेकर हिंसक झड़प हुई थी। उस समय सलखुआ थाने में दोनों तरफ से क्रॉस एफआईआर दर्ज कराई गई थी। उस मामले के आरोपी फिलहाल फरार चल रहे थे और इसी बीच उन्होंने इस खौफनाक वारदात को अंजाम दे दिया।

ननिहाल में थे दोनों मासूम, सिर से उठा मां का साया

जानकारी के अनुसार, रौशनी कुमारी की शादी करीब पांच साल पहले हुई थी। उसके दो छोटे बच्चे हैं- पांच साल की बेटी कोमल और तीन साल का बेटा गोलू। गनीमत रही कि घटना के समय दोनों बच्चे अपने ननिहाल गए हुए थे, जिससे वे सुरक्षित हैं। हालांकि, इस जघन्य हत्याकांड ने दो मासूमों के सिर से हमेशा के लिए मां का साया छीन लिया है। मृतका के परिवार में कोहराम मचा हुआ है और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।


आरोपियों की तलाश में छापेमारी तेज

पुलिस आसपास के लोगों से पूछताछ कर रही है और मामले के सभी बिंदुओं की गहराई से जांच कर रही है। एसडीपीओ ने बताया कि आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी के लिए पुलिस की कई टीमें लगातार संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही हैं।

Friday, 13 March 2026

सहरसा में सीएम नीतीश की हुंकार: सरकारी डॉक्टरों की प्राइवेट प्रैक्टिस पर लगेगी रोक

अगले 5 साल में 1 करोड़ युवाओं को रोजगार, सहरसा के विकास में नहीं छोड़ेंगे कोई कसर, सहरसा में बनेंगे नए पुल और अस्पताल

सहरसा, 13 मार्च: मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने शुक्रवार को 'समृद्धि यात्रा' के तहत सहरसा स्टेडियम में आयोजित जन संवाद कार्यक्रम में विशाल जनसभा को संबोधित किया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने जहाँ एक ओर 2005 से पहले के बिहार की याद दिलाते हुए पिछली सरकारों पर जमकर निशाना साधा, वहीं अगले 5 वर्षों के लिए 'सात निश्चय-3' का विजन पेश करते हुए 1 करोड़ युवाओं को रोजगार देने का बड़ा ऐलान किया। सीएम ने सहरसा जिले के लिए कई अहम विकास योजनाओं की जानकारी भी दी।

2005 से पहले था खौफ का माहौल, आज है कानून का राज

जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि 2005 से पहले राज्य में क्या स्थिति थी, यह किसी से छिपा नहीं है। लोग शाम के बाद घर से निकलने में डरते थे। आज बिहार में भय का माहौल खत्म हुआ है और कानून का राज स्थापित है। साम्प्रदायिक सौहार्द का जिक्र करते हुए सीएम ने कहा कि पहले हिन्दू-मुस्लिम झगड़े आम थे, लेकिन 2006 से कब्रिस्तानों और 2016 से पुराने हिन्दू मंदिरों की घेराबंदी करायी गयी, जिससे विवाद और चोरी की घटनाएँ बंद हो गयी हैं।

सहरसा के विकास पर विशेष जोर

स्थानीय लोगों को संबोधित करते हुए सीएम ने कहा कि सहरसा के विकास के लिए सरकार लगातार काम कर रही है। उन्होंने याद दिलाया कि 2008 में कोसी त्रासदी के दौरान सरकार ने किस तरह राहत कार्य चलाया था।

सहरसा के लिए मुख्य घोषणाएं और उपलब्धियां:

सहरसा में मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल का निर्माण कार्य जारी है। इंजीनियरिंग कॉलेज, पॉलिटेक्निक और महिला ITI की स्थापना की जा चुकी है। शहर में रेलवे ओवरब्रिज, बाईपास और स्टॉर्म-वाटर ड्रेनेज सिस्टम बनाया जा रहा है। माँ उग्रतारा मंदिर का विकास और खेल परिसर का निर्माण होगा। जिले के सभी 10 प्रखंडों में आदर्श विद्यालय और डिग्री कॉलेज खुलेंगे। रोजगार के लिए जिले की 3 लाख 78 हजार महिलाओं को 10-10 हजार रुपये दिए जा चुके हैं, और आगे 2 लाख रुपये तक की सहायता दी जाएगी।


शिक्षा और शिक्षक बहाली में ऐतिहासिक कदम

मुख्यमंत्री ने शिक्षा क्षेत्र में हुए बदलावों का जिक्र करते हुए कहा कि राज्य में अब तक 5 लाख 24 हजार सरकारी शिक्षक हो गए हैं। नियोजित शिक्षकों को मामूली परीक्षा लेकर सरकारी शिक्षक बनाया जा रहा है। 4 परीक्षाओं में अब तक 2 लाख 66 हजार शिक्षक पास हो चुके हैं, बचे हुए 73 हजार शिक्षकों को एक और मौका दिया जाएगा। साथ ही 45 हजार नए पदों पर हेडमास्टरों की बहाली शुरू की जा रही है।

सरकारी डॉक्टर अब नहीं कर सकेंगे प्राइवेट प्रैक्टिस

स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार का दावा करते हुए सीएम ने बताया कि 2006 से पहले प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में महीने में सिर्फ 39 मरीज आते थे, जो आज बढ़कर औसतन 11,600 हो गए हैं। राज्य में मेडिकल कॉलेजों की संख्या 6 से बढ़ाकर 12 कर दी गई है और जल्द ही 21 अन्य जिलों में भी निर्माण पूरा होगा। उन्होंने एक बड़ा ऐलान करते हुए कहा कि सरकार जल्द ही ऐसी नीति लाएगी जिससे सरकारी चिकित्सकों की निजी प्रैक्टिस पर पूरी तरह रोक लगेगी।

सात निश्चय-3: 1 करोड़ रोजगार और दोगुनी आय का लक्ष्य

मुख्यमंत्री ने आगामी योजनाओं का खाका खींचते हुए बताया कि अगले 5 वर्षों के लिए 'सात निश्चय-3' का गठन किया गया है। इसके तहत राज्य की प्रति व्यक्ति आय को दोगुना करने और 1 करोड़ युवाओं को नौकरी व रोजगार उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा गया है। नए उद्योग लगाने के लिए मुफ्त जमीन और अनुदान दिया जाएगा।


जातीय गणना और गरीब कल्याण

जातीय आधारित गणना का जिक्र करते हुए सीएम ने कहा कि इसके आधार पर पाए गए 94 लाख गरीब परिवारों को रोजगार हेतु 2 लाख रुपये की सहायता दी जा रही है। अब तक 83 लाख से अधिक परिवारों को पहली किश्त दी जा चुकी है। साथ ही वृद्धावस्था, दिव्यांग और विधवा पेंशन की राशि को 400 रुपये से बढ़ाकर 1100 रुपये कर दिया गया है, जिसका लाभ सवा करोड़ लोगों को मिल रहा है। महिलाओं के सशक्तिकरण पर बोलते हुए उन्होंने बताया कि 'जीविका' के तहत आज 1 करोड़ 69 लाख दीदियाँ जुड़ चुकी हैं।

कार्यक्रम के अंत में मुख्यमंत्री ने केंद्र सरकार से मिल रहे पूर्ण सहयोग के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार व्यक्त किया और आश्वस्त किया कि बिहार विकास के पथ पर तेज गति से आगे बढ़ता रहेगा। कार्यक्रम को डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी, जलसंसाधन मंत्री विजय चौधरी, सांसद दिनेशचंद्र यादव, विधायक रत्नेश सादा, विधायक संजय कुमार सिंह, पूर्व विधायक डॉ आलोक रंजन सहित अन्य ने भी संबोधित किया।

Sunday, 8 March 2026

सहरसा में खौफनाक वारदात: मक्के के खेत में 20 वर्षीय युवती की गोली मारकर निर्मम हत्या, इलाके में मची सनसनी

सहरसा न्यूज़: बिहार के सहरसा जिले में रविवार को एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। सलखुआ थाना क्षेत्र के कोपरिया गांव के बहियार (खेत) में दिनदहाड़े एक 20 वर्षीय युवती की गोली मारकर निर्मम हत्या कर दी गई। युवती का शव मक्के के खेत से बरामद हुआ है। इस खौफनाक वारदात के बाद पूरे इलाके में दहशत का माहौल है और घटनास्थल पर ग्रामीणों की भारी भीड़ जमा हो गई।

घास लाने घर से निकली थी युवती

मृतका की पहचान कोपरिया पंचायत के वार्ड 13 निवासी धीरेन्द्र यादव की बेटी शुषम कुमारी (20 वर्ष) के रूप में हुई है। जानकारी के मुताबिक, शुषम रविवार दोपहर को घर से मवेशियों के लिए घास लाने बहियार की ओर गई थी। इसी दौरान यज्ञ स्थल से करीब दो किलोमीटर दूर मक्के के खेत में अज्ञात बदमाशों ने उसे घेर लिया और उसकी गर्दन में सटाकर गोली मार दी। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी सूनसान इलाके का फायदा उठाकर आसानी से फरार हो गए।


महिलाओं ने देखा खून से लथपथ शव, मचा कोहराम

इस सनसनीखेज वारदात का खुलासा तब हुआ जब गांव की कुछ अन्य महिलाएं घास लेकर वापस घर लौट रही थीं। रास्ते में मक्के के खेत के पास उन्होंने शुसम को खून से लथपथ मृत अवस्था में पड़ा देखा। घबराई महिलाओं ने शोर मचाया और दौड़कर गांव वालों को इसकी सूचना दी। खबर फैलते ही परिजन और सैकड़ों ग्रामीण बदहवास हालत में मौके पर दौड़ पड़े। जवान बेटी का शव देखते ही परिजनों की चीख-पुकार निकल गई और उनका रो-रोकर बुरा हाल है।

एफएसएल की टीम ने जुटाए साक्ष्य

हत्या की सूचना मिलते ही सलखुआ थाना पुलिस तुरंत हरकत में आई। एसआई बबलू कुमार, कृष्णा प्रसाद और दीपक कुमार के बाद सर्किल इंस्पेक्टर मो. सुजाउद्दीन व थानाध्यक्ष संजना कुमारी दल-बल के साथ मौके पर पहुंचीं। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर कागजी कार्रवाई पूरी की और पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल, सहरसा भेज दिया है। मामले की वैज्ञानिक जांच के लिए साइबर डीएसपी अजित कुमार के नेतृत्व में एफएसएल की टीम को भी बुलाया गया, जिसने घटनास्थल से कई अहम साक्ष्य संकलित किए हैं।

क्या कहती है पुलिस?

घटनास्थल का मुआयना करने पहुंचे साइबर डीएसपी अजित कुमार ने बताया, "कोपरिया गांव के बहियार में युवती का शव मिला है। प्रथम दृष्टया यह स्पष्ट है कि युवती की गोली मारकर हत्या की गई है; गोली सीधे गर्दन में मारी गई है। परिजनों के अनुसार, वह घास लाने गई थी तभी यह वारदात हुई।"

डीएसपी ने आगे कहा कि पुलिस हत्या के कारणों का पता लगाने के लिए हर एक बिंदु पर बारीकी से जांच कर रही है। जल्द ही अपराधियों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया जाएगा। फिलहाल गांव में तनावपूर्ण शांति बनी हुई है और पुलिस लगातार गश्त कर रही है।

Friday, 6 March 2026

Bihar News: टारगेट पर था कोई और, मार दिया 13 साल का मासूम... पुलिस ने किया अधिवक्ता पुत्र हत्याकांड का सनसनीखेज खुलासा

अनिल वर्मा - सहरसा | बिहार के सहरसा जिले में 18 फरवरी को सिमराहा चौक के पास हुई अधिवक्ता अनुज कुमार के 13 वर्षीय मासूम की हत्या कोई इत्तेफाक नहीं थी। यह एक गहरी साजिश का नतीजा थी, जिसमें टारगेट पर कोई और था, लेकिन मौका न मिलने पर अपराधियों ने एक बेकसूर बच्चे को मौत के घाट उतार दिया। सहरसा पुलिस की एसआईटी टीम ने वैज्ञानिक अनुसंधान के जरिए इस अंधे कत्ल की गुत्थी सुलझाते हुए मुख्य साजिशकर्ता राजीव कुमार उर्फ बौआ ठाकुर को गिरफ्तार कर लिया है। इस मामले में अब तक कुल 9 आरोपी सलाखों के पीछे पहुँच चुके हैं।

क्या था पूरा मामला?

सदर थाना क्षेत्र के सिमराहा में 18 फरवरी को बाइक सवार अज्ञात बदमाशों ने स्कूल से घर लौट रहे व्यवहार न्यायालय सहरसा के अधिवक्ता अनुज कुमार के 13 वर्षीय पुत्र अंकित को गोली मार दी। गंभीर रूप से जख्मी छात्र का इलाज के दौरान दर्दनाक मौत हो गई। घटना की गंभीरता को देखते हुए एसपी हिमांशु के निर्देश पर सदर एसडीपीओ आलोक कुमार के नेतृत्व में एसआईटी का गठन किया गया था। सीसीटीवी फुटेज, तकनीकी सर्विलांस और मुखबिरों की सूचना के आधार पर पुलिस एक-एक कर अपराधियों तक पहुँच गई।

पति-पत्नी के झगड़े से शुरू हुई खूनी खेल की साजिश

पुलिस जांच में जो कहानी सामने आई है, वह हैरान करने वाली है। दरअसल, मुख्य आरोपी राजीव कुमार का अपनी पत्नी से अक्सर विवाद रहता था। इस पारिवारिक कलह में राजीव की पत्नी का रिश्तेदार होने की वजह से अधिवक्ता अनुज कुमार लगातार दखलंदाजी करता था। इस बात से बौखलाए राजीव ने अपने भाई रंजन ठाकुर के साथ मिलकर अनुज को ही रास्ते से हटाने (मारने) का खौफनाक प्लान बना डाला।

दुश्मनों ने मिलाया हाथ, दी गई सुपारी

राजीव को पता था कि अधिवक्ता अनुज को पड़ोसियों के साथ भी पुराने विवाद चल रहे हैं। राजीव ने इसी का फायदा उठाया। राजीव ने अनुज के पड़ोसी पारस ठाकुर से संपर्क किया, जिसका अनुज के साथ लंबे समय से रास्ते को लेकर विवाद था। पारस ने अपना रास्ता साफ करने के लिए हत्या की सुपारी ले ली, फिर पारस के साथ एक अन्य पड़ोसी पवन ठाकुर भी इस साजिश में शामिल हो गया, जिसका वादी से पोखर की जमीन का पुराना झगड़ा था।


4 महीने तक की रेकी, फिर मासूम की दी बलि

सुपारी मिलने के बाद हत्यारों ने नवंबर महीने में एक नया मोबाइल और सिम कार्ड खरीदा ताकि पुलिस की नजर से बच सकें। लगभग 4 महीने तक वे अधिवक्ता अनुज का पीछा करते रहे, लेकिन उन्हें हत्या करने का सही मौका नहीं मिला। जब मुख्य टारगेट हाथ नहीं लगा, तो साजिशकर्ता राजीव ने हत्यारों को एक नया और खौफनाक फरमान सुनाया। उसने कहा कि वादी को भारी नुकसान पहुँचाने के लिए उसके परिवार के "किसी भी सदस्य" की हत्या कर दी जाए। इसी अंधी साजिश का शिकार वह 13 साल का बेकसूर बच्चा हो गया।

शानदार जांच के लिए पुलिसकर्मी होंगे पुरस्कृत

एसपी हिमांशु ने बताया कि यह पूरी तरह से एक योजनाबद्ध और सुनियोजित हत्या थी। अपराधियों के इरादे और मकसद को पूरी तरह से उजागर कर दिया गया है। इस कांड के 'गुणात्मक अनुसंधान' और बेहतरीन साक्ष्य जुटाने के लिए अनुसंधानकर्ता को पुलिस विभाग द्वारा विशेष रूप से पुरस्कृत किया जाएगा।

इस टीम ने किया खुलासा:

हत्याकांड की गुत्थी सुलझाने वाली एसआईटी में सदर एसडीपीओ आलोक कुमार, साइबर थाना डीएसपी अजीत कुमार, अनुसंधानकर्ता जितेंद्र ठाकुर, रौशन कुमार, गुंजन कुमार, सनोज वर्मा के साथ जिला आसूचना इकाई और सदर थाना का सशस्त्र बल शामिल रहा। 

Tuesday, 3 March 2026

बिहार न्यूज़: रात 9 बजे आया एक फोन और छिन गई जिंदगी... सड़क हादसे में रेलवे इंजीनियर की दर्दनाक मौत, सदमे में परिवार

सहरसा। बिहार के सहरसा जिले में मंगलवार रात एक दर्दनाक सड़क हादसे में रेलवे इंजीनियर की मौत हो गई। घटना बैजनाथपुर थाना क्षेत्र की है, जहां उनकी तेज रफ्तार कार अनियंत्रित होकर डिवाइडर से जा टकराई। इस मनहूस खबर के बाद से मृतक के परिवार में कोहराम मचा हुआ है और इलाके में शोक की लहर है।

पांच भाइयों में सबसे छोटे थे स्नेह रंजन

मृतक की पहचान 34 वर्षीय स्नेह रंजन के रूप में हुई है, जो मूल रूप से नवादा (बिहार शरीफ) के रहने वाले थे। वे सहरसा के सिमरी बख्तियारपुर सेक्शन में रेलवे में आईओडब्लू के पद पर अपनी सेवाएं दे रहे थे। जानकारी के मुताबिक, स्नेह रंजन पिछले छह वर्षों से अपनी पत्नी मिनी और दो छोटे बच्चों के साथ सहरसा रेलवे के सरकारी क्वार्टर में रह रहे थे। वे अपने पांच भाइयों में सबसे छोटे थे।


रात 9 बजे आया था वो आखिरी फोन कॉल

इस हादसे से ठीक पहले की घटना परिजनों को और भी ज्यादा साल रही है। मृतक की पत्नी मिनी ने रोते हुए बताया कि मंगलवार रात करीब 9 बजे स्नेह रंजन के मोबाइल पर किसी का फोन आया था। फोन कॉल के बाद वे काफी जल्दबाजी में अपनी कार लेकर घर से निकल गए। परिवार को इस बात का जरा भी अंदाजा नहीं था कि वे अब कभी लौटकर नहीं आएंगे। घर से निकलने के महज एक घंटे बाद, रात करीब 10 बजे परिवार को उनके एक्सीडेंट की सूचना मिली।

अस्पताल पहुंचते ही डॉक्टरों ने किया मृत घोषित

एक्सीडेंट की खबर मिलते ही बदहवास परिजन तुरंत सदर अस्पताल भागे। लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। अस्पताल में डॉक्टरों ने जांच के बाद स्नेह रंजन को मृत घोषित कर दिया। इस आकस्मिक घटना से पूरा परिवार गहरे सदमे में है। सिर से पिता का साया उठ जाने के बाद दोनों मासूम बच्चों का रो-रोकर बुरा हाल है।

मामले की जांच में जुटी पुलिस

सदर थाना अध्यक्ष सुबोध कुमार ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि रेलवे इंजीनियर की मौत सड़क दुर्घटना में हुई है। प्रारंभिक जांच में यह बात सामने आई है कि कार अनियंत्रित होकर डिवाइडर से टकरा गई थी। पुलिस हादसे से जुड़ी सभी परिस्थितियों की जांच कर रही है। फिलहाल पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराकर उसे अंतिम संस्कार के लिए परिजनों को सौंप दिया है।

Sunday, 1 March 2026

बंधक युवकों को छुड़ाने गई डायल 112 की पुलिस टीम पर ग्रामीणों का हमला, पूर्व वार्ड सदस्य गिरफ्तार



 

सिमरी बख्तियारपुर (सहरसा) बख्तियारपुर थाना क्षेत्र के हिन्दुपुर गांव (वार्ड नंबर 08) में शुक्रवार को उस वक्त भारी बवाल और तनाव की स्थिति उत्पन्न हो गई, जब एक घर में बंधक बनाए गए दो युवकों को छुड़ाने पहुंची डायल 112 की पुलिस टीम पर ग्रामीणों ने हमला कर दिया। उग्र भीड़ ने पुलिसकर्मियों के साथ न सिर्फ धक्का-मुक्की की, बल्कि सरकारी कार्य में बाधा भी पहुंचाया।

इस गंभीर मामले में पुलिस ने कड़ा रुख अपनाते हुए अपने ही बयान पर 5 नामजद और 10 अज्ञात लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपियों में से एक, पूर्व वार्ड सदस्य निर्मल यादव को गिरफ्तार कर लिया है, जिसे रविवार को न्यायिक हिरासत में सहरसा न्यायालय भेज दिया गया।

फोटो खींचने के आरोप में बनाया था बंधक:

प्राप्त जानकारी के अनुसार, शनिवार को दोपहर करीब 12:52 बजे डायल 112 की टीम को सूचना मिली कि हिन्दुपुर के वार्ड नंबर 08 में दो युवकों को ग्रामीणों ने एक घर में बंधक बना रखा है। सूचना मिलते ही पुलिस की टीम मौके पर पहुंची, जहां पहले से ही लोगों की भारी भीड़ जमा थी।

पुलिस की पूछताछ में बंधक युवकों ने अपनी पहचान सहरसा जिले के सिरादेय पट्टी (कहरा, वार्ड नंबर 07) निवासी भैरव कुमार और राहुल कुमार के रूप में बताई। मौके पर मौजूद ग्रामीणों का आरोप था कि दोनों युवक बिना अनुमति घर में घुसकर मोबाइल से फोटो खींच रहे थे, इसी वजह से उन्हें पकड़कर कमरे में बंद कर दिया गया था।

समझाने के दौरान उग्र हुई भीड़, पुलिस से की धक्का-मुक्की:

घटना स्थल पर जब पुलिस टीम ग्रामीणों को समझा-बुझाकर कानून हाथ में न लेने की हिदायत दे रही थी, तभी भीड़ अचानक उग्र हो गई। आरोप है कि इसी दौरान कुछ महिलाओं सहित अन्य ग्रामीणों ने पुलिसकर्मियों के साथ बदसलूकी और धक्का-मुक्की शुरू कर दी तथा जानलेवा हमला करने का प्रयास किया। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने किसी तरह सूझबूझ का परिचय दिया और भारी विरोध के बीच दोनों युवकों को सुरक्षित बाहर निकालकर थाने ले आई।

वीडियो फुटेज से हुई हमलावरों की पहचान:

घटना के बाद पुलिस ने स्थानीय चौकीदार की मदद से मौके के वीडियो फुटेज खंगाले, जिसके आधार पर हमलावरों की शिनाख्त की गई। इसके बाद पुलिस ने सरकारी कार्य में बाधा डालने और पुलिस टीम पर हमला करने के आरोप में मामला दर्ज किया।

क्या कहते हैं थानाध्यक्ष:

इस संदर्भ में सिमरी बख्तियारपुर के थानाध्यक्ष अमरनाथ कुमार ने बताया कि बंधक युवकों को छुड़ाने गई पुलिस टीम के साथ धक्का-मुक्की करने और सरकारी काम में बाधा डालने के आरोप में नामजद आरोपी निर्मल यादव (पूर्व वार्ड सदस्य) को गिरफ्तार कर लिया गया है। रविवार को उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है। घटना में शामिल अन्य अज्ञात व नामजद आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस लगातार छापेमारी कर रही है, जल्द ही सभी को सलाखों के पीछे भेजा जाएगा।

Saturday, 28 February 2026

बिहार न्यूज़: सड़क हादसे में दो चचेरे भाइयों की मौत के बाद सदर अस्पताल में बवाल, परिजनों ने की तोड़फोड़; डॉक्टर पर लापरवाही का आरोप


बिहार के सहरसा जिले में शनिवार की देर रात उस वक्त अफरा-तफरी का माहौल बन गया, जब एक सड़क हादसे में घायल दो युवकों की मौत के बाद परिजनों ने सदर अस्पताल में जमकर बवाल काटा। आक्रोशित परिजनों ने अस्पताल में स्ट्रेचर समेत अन्य चीजों में तोड़फोड़ की। उनका आरोप था कि ड्यूटी पर तैनात डॉक्टर की लापरवाही और अनदेखी के कारण दोनों युवकों की जान गई है।

अज्ञात वाहन ने बुलेट को रौंदा

जानकारी के अनुसार, मृतक युवकों की पहचान 25 वर्षीय मोहम्मद उमर (पिता- मो. सुब्हान) और 22 वर्षीय मोहम्मद अलीशेर (पिता- मो. मजलिस) के रूप में हुई है। दोनों बिहरा थाना क्षेत्र के बिजलपुर वार्ड नंबर 1 के रहने वाले थे और आपस में चचेरे भाई थे। मृतक के परिजन मोहम्मद इसराइल ने बताया कि शनिवार देर शाम दोनों एक बुलेट पर सवार होकर मुरली गांव से रहा चौक के रास्ते अपने घर लौट रहे थे। इसी दौरान एक तेज रफ्तार अज्ञात वाहन ने उन्हें कुचल दिया।


डॉक्टर ने किया रेफर, टूट गई सांसें

हादसे में गंभीर रूप से घायल दोनों युवकों को स्थानीय लोगों की सूचना पर परिजनों द्वारा तुरंत सहरसा सदर अस्पताल लाया गया। परिजनों का आरोप है कि यहां डॉक्टर ने उनके इलाज में अनदेखी की और उन्हें बिना प्राथमिक उपचार के रेफर कर दिया, जिससे दोनों की मौत हो गई। मौत की खबर सुनते ही परिजन आक्रोशित हो गए और अस्पताल में करीब 15 मिनट तक हंगामा और तोड़फोड़ की। परिजनों की मांग है कि आरोपी डॉक्टर पर सख्त कार्रवाई की जाए।

पुलिस और प्रशासन का क्या है कहना?

हंगामे की सूचना मिलते ही सहरसा सदर थाने की पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस के समझाने-बुझाने और आश्वासन के बाद मामला शांत हो सका। सदर थानाध्यक्ष सुबोध कुमार ने बताया कि दोनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम की कार्रवाई की जा रही है। वहीं, इस पूरे मामले पर सिविल सर्जन डॉ. राज नारायण प्रसाद ने कहा कि यह घटना उनके संज्ञान में आई है और पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच की जाएगी।

Friday, 27 February 2026

बच्चा चोरी की अफ़वाह पर विक्षिप्त महिला की पिटाई मामले में केस दर्ज, एसआई को मिला जांच का जिम्मा


सहरसा
: सदर थाना क्षेत्र के मोरकाही गांव में 'बच्चा चोरी' की अफवाह में एक मानसिक रूप से विक्षिप्त महिला को बंधक बनाकर बेरहमी से पीटने का मामला सामने आया है। इस घटना को गंभीरता से लेते हुए सहरसा पुलिस ने उग्र भीड़ के खिलाफ विभिन्न संगीन धाराओं में प्राथमिकी (FIR) दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।

क्या है पूरा मामला?

प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह घटना 26 फरवरी 2026 की है। सदर थाने में पदस्थापित पीएसआई (प्रशिक्षु दारोगा) रूपा कुमारी अपने दलबल के साथ गश्ती और वाहन चेकिंग पर निकली थीं। सुबह करीब 11:10 बजे जब वे झपड़ा टोला बाईपास के पास थीं, तभी सदर थानाध्यक्ष द्वारा उन्हें फोन पर सूचना दी गई कि मोरकाही गांव में लोगों ने एक महिला को बच्चा चोर समझकर पकड़ लिया है और उसके साथ मारपीट कर रहे हैं।

20-25 लोगों की भीड़ कर रही थी मारपीट

सूचना मिलते ही पुलिस टीम तुरंत मोरकाही गांव पहुंची। वहां का नजारा देखकर पुलिस भी सन्न रह गई। करीब 20 से 25 महिला और पुरुषों की भीड़ 'बच्चा चोर - बच्चा चोर' का हल्ला करते हुए एक महिला को घेरकर पीट रही थी। पुलिस बल ने तुरंत हस्तक्षेप किया और काफी मशक्कत के बाद आक्रोशित भीड़ के चंगुल से महिला को सुरक्षित बाहर निकाला।

अपना नाम तक नहीं बता सकी डरी-सहमी महिला

पुलिस के अनुसार, जब भीड़ से बचाकर महिला से उसका नाम-पता पूछा गया, तो वह कुछ भी नहीं बता सकी। देखने से ही स्पष्ट हो रहा था कि महिला की मानसिक स्थिति ठीक नहीं है। पुलिस तुरंत उसे लेकर सहरसा सदर अस्पताल पहुंची, जहां उसका इलाज कराया गया।

दर्ज हुई प्राथमिकी, जांच शुरू

कानून को अपने हाथ में लेने और अफवाह फैलाकर एक लाचार महिला की जान खतरे में डालने के आरोप में पुलिस ने सख्ती दिखाई है। पीएसआई रूपा कुमारी के लिखित आवेदन के आधार पर सदर थाने में कांड संख्या - 212/26 (दिनांक 26.02.2026) दर्ज कर लिया गया है। यह मामला भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 191(2), 190, 126(2), 127(2), 115(2), 117(2), 109, 125 और 76 के तहत (बलवा, मारपीट आदि) दर्ज किया गया है।

सदर थानाध्यक्ष ने इस पूरे मामले के अनुसंधान (जांच) की जिम्मेदारी सब-इंस्पेक्टर (एसआई) चंचल कुमारी को सौंपी है। पुलिस अब उन लोगों की पहचान करने में जुट गई है जो इस अफवाह और मारपीट में शामिल थे।