बिहार के सहरसा जिले में शनिवार की देर रात उस वक्त अफरा-तफरी का माहौल बन गया, जब एक सड़क हादसे में घायल दो युवकों की मौत के बाद परिजनों ने सदर अस्पताल में जमकर बवाल काटा। आक्रोशित परिजनों ने अस्पताल में स्ट्रेचर समेत अन्य चीजों में तोड़फोड़ की। उनका आरोप था कि ड्यूटी पर तैनात डॉक्टर की लापरवाही और अनदेखी के कारण दोनों युवकों की जान गई है।
अज्ञात वाहन ने बुलेट को रौंदा
जानकारी के अनुसार, मृतक युवकों की पहचान 25 वर्षीय मोहम्मद उमर (पिता- मो. सुब्हान) और 22 वर्षीय मोहम्मद अलीशेर (पिता- मो. मजलिस) के रूप में हुई है। दोनों बिहरा थाना क्षेत्र के बिजलपुर वार्ड नंबर 1 के रहने वाले थे और आपस में चचेरे भाई थे। मृतक के परिजन मोहम्मद इसराइल ने बताया कि शनिवार देर शाम दोनों एक बुलेट पर सवार होकर मुरली गांव से रहा चौक के रास्ते अपने घर लौट रहे थे। इसी दौरान एक तेज रफ्तार अज्ञात वाहन ने उन्हें कुचल दिया।
डॉक्टर ने किया रेफर, टूट गई सांसें
हादसे में गंभीर रूप से घायल दोनों युवकों को स्थानीय लोगों की सूचना पर परिजनों द्वारा तुरंत सहरसा सदर अस्पताल लाया गया। परिजनों का आरोप है कि यहां डॉक्टर ने उनके इलाज में अनदेखी की और उन्हें बिना प्राथमिक उपचार के रेफर कर दिया, जिससे दोनों की मौत हो गई। मौत की खबर सुनते ही परिजन आक्रोशित हो गए और अस्पताल में करीब 15 मिनट तक हंगामा और तोड़फोड़ की। परिजनों की मांग है कि आरोपी डॉक्टर पर सख्त कार्रवाई की जाए।
पुलिस और प्रशासन का क्या है कहना?
हंगामे की सूचना मिलते ही सहरसा सदर थाने की पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस के समझाने-बुझाने और आश्वासन के बाद मामला शांत हो सका। सदर थानाध्यक्ष सुबोध कुमार ने बताया कि दोनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम की कार्रवाई की जा रही है। वहीं, इस पूरे मामले पर सिविल सर्जन डॉ. राज नारायण प्रसाद ने कहा कि यह घटना उनके संज्ञान में आई है और पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच की जाएगी।


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