ब्लॉग: ब्रजेश की बात (Brajesh Ki Baat)
नमस्कार! 'ब्रजेश की बात' में आज की सबसे बड़ी खबर बिहार के प्रशासनिक महकमे से आ रही है, जहां भ्रष्टाचार के खिलाफ आर्थिक अपराध इकाई (EOU) ने एक बार फिर बड़ा हंटर चलाया है। अगर आप सोचते हैं कि सिस्टम में बैठकर करोड़ों की काली कमाई छिप जाएगी, तो सहरसा के DRDA निदेशक वैभव कुमार पर हुई आज की कार्रवाई आपको जरूर पढ़नी चाहिए।
आय से अधिक संपत्ति (DA) के मामले में आज अहले सुबह से ही वैभव कुमार के सहरसा और मुजफ्फरपुर स्थित कई ठिकानों पर EOU की ताबड़तोड़ छापेमारी चल रही है। इस अचानक हुई रेड से सूबे के भ्रष्ट नौकरशाहों में हड़कंप मच गया है।
2 करोड़ 41 लाख से ज्यादा की अवैध संपत्ति का खुलासा
'ब्रजेश की बात' के पाठकों को बता दें कि EOU को लगातार DRDA निदेशक वैभव कुमार के खिलाफ भ्रष्टाचार की शिकायतें मिल रही थीं। जब विभाग ने गुपचुप तरीके से इसकी जांच की, तो आंखें फटी की फटी रह गईं। जांच में सामने आया कि वैभव कुमार ने अपने पद का रसूख दिखाते हुए 2 करोड़ 41 लाख 14 हजार रुपये की अवैध संपत्ति अर्जित कर ली है, जो उनकी वैध आय से कई गुना अधिक है। पुख्ता सबूत हाथ लगते ही आज सुबह EOU की टीम सहरसा स्थित उनके किराये के मकान पर धमक पड़ी और दस्तावेजों को खंगालना शुरू कर दिया।
मुजफ्फरपुर कनेक्शन: पैतृक घर से लेकर ITI कॉलेज तक रेड
यह कार्रवाई सिर्फ सहरसा तक सीमित नहीं है। वैभव कुमार मूल रूप से मुजफ्फरपुर जिले के मनियारी थाना क्षेत्र स्थित मिश्रा मनियारी के रहने वाले हैं। EOU की एक टीम मुजफ्फरपुर में उनके पैतृक आवास को खंगाल रही है। इसके अलावा, मुजफ्फरपुर-समस्तीपुर NH-28 पर स्थित उनके एक निजी ITI कॉलेज पर भी दूसरी टीम ने धावा बोल दिया है।
रसूखदार है वैभव कुमार का परिवार
वैभव कुमार कोई साधारण अधिकारी नहीं हैं, वे BPSC पास अफसर हैं और सहरसा में DRDA डायरेक्टर बनने से पहले बिहार के कई जिलों में BDO (प्रखंड विकास पदाधिकारी) के रूप में काम कर चुके हैं। उनका पारिवारिक बैकग्राउंड भी काफी रसूखदार है:
पिता: एल एम झा (अंग्रेजी के रिटायर्ड प्रोफेसर और मुजफ्फरपुर सिविल कोर्ट में वरीय अधिवक्ता)
पत्नी: चांदनी कुमारी (पेशे से प्राध्यापिका)
भाई: मुजफ्फरपुर में जिस ITI कॉलेज पर छापा पड़ा है, उसका संचालन वैभव कुमार का छोटा भाई ही करता है।
आगे क्या?
खबर लिखे जाने तक सहरसा और मुजफ्फरपुर में EOU की टीम का सर्च ऑपरेशन जारी है। घर और कॉलेज के अंदर से बैंक खातों, जमीनों की डीड, निवेश के कागजात और अन्य बेनामी संपत्तियों की डिटेल जुटाई जा रही है।
तय मानिए कि जब यह रेड खत्म होगी, तो कई और चौंकाने वाले खुलासे सामने आएंगे। इस मामले से जुड़ी हर छोटी-बड़ी अपडेट के लिए जुड़े रहें 'ब्रजेश की बात' के साथ।
आप इस तरह की भ्रष्ट कार्रवाई पर क्या सोचते हैं? नीचे कमेंट बॉक्स में अपनी राय जरूर दें!
लेखक: ब्रजेश भारती



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