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Friday, 22 February 2019

दो विदेशी पिस्टल के साथ सफारी सवार चार बदमाश चढ़ा पुलिस के हत्थे

दो मैगजीन, दस जिंदा कारतूस,चार मोबाइल व एक सफारी गाड़ी किया गया जप्त

गिरफ्त में आए बदमाशों पर है कई मामले दर्ज, पुलिस मामले की छानबीन में जुटी

सहरसा से ब्रजेश भारती की रिपोर्ट :-

सहरसा जिले के महिषी थाना पुलिस को मिली बड़ी सफलता मिली है। दो विदेशी पिस्टल के साथ एक सफारी गाड़ी पर सवार चार लोग पुलिस के हत्थे चढ़ गया है। पुलिस ने इन लोगों के पास से दो विदेशी पिस्टल, दो मैगजीन, दस जिंदा कारतूस, चार मोबाइल किया बरामद । वहीं एक चार पहिया सफारी वाहन को किया जब्त।
दरअशल पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि कुछ लोग हथियार के साथ एक चार पहिया वाहन पर सवार होकर बलुवाहा पुल से गुजरने वाले हैं, जिसको लेकर सदर एसडीपीओ प्रभाकर तिवारी के नेतृत्व में पुलिस टीम गठित की गई और महिषी थाना क्षेत्र के बलुवाहा पुल के पास वाहन चेकिंग लगाया गया। वाहन चेकिंग के दौरान एक सफारी गाड़ी को पुलिस द्वारा रोका गया । 

पुलिस को देखते ही एक शख्स गाड़ी से उतर कर फरार हो गया जबकि चालक सहित चार लोगों को पुलिस ने दबोच लिया गया। पुलिस के द्वारा तलासी लेने पर इनके पास से एक मेड इन इटली लिखा हुआ पिस्टल, जबकि दूसरा मेड इन यूएसए लिखा हुआ पिस्टल बरामद हुआ। वहीं दो मैगजीन, दस जिंदा कारतूस व चार मोबाइल बरामद किया गया। 

गिरफ्तार लोगों में एक का नाम संतोष गुप्ता  बताया जाता है जो बनगांव थाना क्षेत्र के बरियाही का रहने वाला है, दूसरे का नाम संदीप कुमार है जो खगड़िया जिले के बेलदौर का रहने वाला बताया जाता है, तीसरा वाहन का चालक भूषण कुमार बताया जाता है, जबकि पुलिस को देख फरार होने वाले शख्स का नाम शम्भू सिंह बताया जाता है जो रहुआमनी गांव का रहने वाला बताया जाता है। 
सदर एसडीपीओ प्रभाकर तिवारी ने बताया कि गिरफ़्तार लोगों में संतोष गुप्ता का पूर्व से भी आपराधिक इतिहास रहा है और इनके ऊपर बनगाँव थाना में हत्या का मामला दर्ज है।  जबकि संदीप कुमार का आपराधिक इतिहास खंगाला जा रहा है। एसडीपीओ ने बताया कि संदीप कुमार और संतोष गुप्ता जाँच के दौरान शराब के नशे में पाए गए हैं, जिनके ऊपर मध निषेद अधिनियम के तहत अलग से मामला दर्ज किया गया है। वहीं एक अन्य युवक को शराब के नशे में गिरफ्तार किया गया है। फिलहाल पुलिस आगे की कारवाई में जुट गई है।

Tuesday, 23 October 2018

कोसी नदी पर पुल निर्माण के लिए फिर शुरू होगा बड़ा जन-आंदोलन

अनिश्चित कालीन भूख हड़ताल व जल सत्याग्रह किए जाने को लेकर विचार विमर्श बैठक हुई

सिमरी बख्तियारपुर (सहरसा) से ब्रजेश भारती की रिपोर्ट :-

सहरसा जिले के पूर्व कोसी तटबंध के अन्दर कोसी नदी के कठडुमर के समीप आगर दह घाट पर पुल निर्माण को लेकर एक भी बड़ा जन आन्दोलन शुरू होगा। 
इस बार आन्दोलन वृहत पैमाने पर की जाएगी यह आन्दोलन संभवत छठ पूजा के बाद शुरू हो सकती है। उक्त बातों को लेकर मंगलवार को राजनपुर तिलाठी चौक पर कठडुमर पुल निर्माण संघर्ष समिति के बैनर तले एक बैठक आयोजित की गई। 
बैठक की अध्यक्षता भाजपा नेता अरविंद कुमार सिंह ने करते हुए कहा कि अगर आगर दह कोसी नदी घाट पर पुल नहीं बनेगा तो छठ के बाद अनिश्चितकाली जल सत्याग्रह भूख हड़ताल एवं जल समाधि जैसे आन्दोलन की जाएगी। उन्होंने कहा कि सरकार अगर जल्द पुल निर्माण की दिशा में ठोस पहल नहीं शुरू करती है तो यहां की लाखों आबादी के समर्थन के बीच उपरोक्त आन्दोलन शुरू कर दिया जाएगा। 
जिसमें पुल निर्माण संघर्ष समिति के अध्यक्ष सिंदु यादव ने कहा कि सरकार अगर जल्द पुल निर्माण नहीं शुरू कराएगी तो इस बार का आन्दोलन गत आन्दोलन से बहुत बड़ा होगा,जिसकी सारी ज़बाब देही सरकार की होगी। 

इस मौके पर बड़ी संख्या में आमजनों के साथ सचिव रणविजय सिंह संयोजक बेचु यादव  चंदेश्वरी यादव मनोरंजन सिंह आदि मौजूद रहे। 
यहां बताते चलें कि गत वर्ष उपरोक्त नदी घाट पर पुल निर्माण को लेकर बड़ा जन आन्दोलन किया गया था कई दिनों तक स्थानिय लोग जल में उतर जल सत्याग्रह शुरू कर दिए थे हालांकि जाप संरक्षक सह मधेपुरा सांसद पप्पू यादव के आश्वासन पर आन्दोलनकारी आन्दोलन समाप्त कर दिए थे लेकिन उसके बावजूद अभी तक पुल निर्माण की दिशा में कोई ठोस शुरुआत नहीं हुई जिसकी वजह से एक बार फिर यहां की जनता आन्दोलन की ओर रूख करने की ओर आतुर हो गई है।

कोसी नदी में स्नान के क्रम में बड़ा हादसा चार बच्चे डूबें दो की मौत

सहरसा जिले के महिषी थाना क्षेत्र के बिशनपुर घाट(राजनपुर) की घटना 

सहरसा से ब्रजेश भारती की रिपोर्ट :-

पूर्व कोसी तटबंध के अन्दर कोसी नदी में मंगलवार को बड़ा हादसा हो गया इस हादसे में चार बच्चे नदी में स्नान करने के क्रम में डूब गए जिनसे दो बच्चों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है जबकि दो बच्चे की मौत हो गई। 
हादसा जिले के महिषी थाना क्षेत्र के राजनपुर गांव स्थित बिशनपुर घाट पर कोसी नदी में हुई है। हादसे के संबंध में प्राप्त जानकारी के अनुसार नहाने के दौरान एक साथ चार बच्चे डूब गए। बच्चों के डूबने की खबर मिलते ही आस - पास के ग्रामीणों ने आनन फानन में सभी बच्चों को नदी से बाहर निकाल लिया। हालाँकि इस दर्दनाक हादसे में दो बच्चों की मौत हो चुकी थी। जबकि दो बच्चों बचा लिया गया। 
मृतक बच्चों में एक 11 साल का बालक है जिसका नाम मो. सादिक बताया जाता है जबकि दूसरा एक 9 साल की बच्ची है जिसका नाम दरकशा बताया जाता है। वहीं अन्य बच्चों का नाम शहनाज (10 साल)  एवं चांदनी 9 (साल) बताया जाता है। सभी बच्चे अलग - अलग परिवार के हैं और राजनपुर गांव के ही रहने वाले बताए जाते हैं। 
वहीं घटना की सुचना मिलने पर मौके पर पहुंची पुलिस ने मृतक बच्चों के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम हेतु भेज दिया है और छानबीन में जुट गई है। वहीं इस घटना से मृतक बच्चों के परिजनों में मातम पसरा हुआ है।

Tuesday, 16 October 2018

इस महान संत के मंदिर में चढ़ावे के दुध से बह गया नदी का धारा

दुर्गा सप्तमी के दिन बिहार सहित पड़ोसी देश नेपाल से दुध चढ़ाने पहुंचते हैं लोग

दुध एवं अन्य सामग्री से बनें महाप्रसाद खीर होती है अद्भुत

सहरसा से ब्रजेश भारती की रिपोर्ट :-

बिहार के कोशी इलाका हमेशा साधू संतों के लिए जाना जाता है यहां एक से बढ़कर एक महान संत जन्म व कर्म भूमि रहा है।
उन्हीं संतों में से एक संत है बाबा कारू खिरहरि। पशुपालकों खास करके यादव वंशज के अग्रज अनुयाईयों में सबसे पहले इन्हीं का नाम आता है। 
जिले के मैना महपुरा में इस महान संत का कोशी नदी की कछार पर मंदिर बना है।

यू तो यहां सालों भर भक्त अपने पशु का प्रथम दुध चढ़ाने आते रहते हैं लेकिनन वरात्र के सप्तमी दिन संत बाबा कारू खिरहरि मंदिर में पूजा-अर्चना के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ती है।  नेपाल सहित देश के विभिन्न राज्यों व खासकर कोसी इलाके के कोने-कोने से पहुंचने वाले हजारों श्रद्धालुओं के द्वारा बाबा पर हजारों क्विंटल दूध का चढ़ावा चढ़ाया जाता है। 
फाइल फोटो मंदिर
मंगलवार को दुर्गा सप्तशती की वजह से बाबा पर चढ़ाये गये दूध की धारा बह कर कोसी नदी में प्रवाहित होता रहा। इस मौके पर महाखीर प्रसाद का वितरण किया गया। कोसी नदी के किनारे स्थित महपुरा गांव स्थित संत बाबा कारू खिरहरि मंदिर में सप्तमी के दिन श्रद्धालुओं ने दूध के साथ बाबा का प्रिय खड़ाऊ, लाठी, गांजा का भी चढ़ावा चढ़ाया। 
बहती दुध की धारा (फाइल फोटो)
पूजा-अर्चना के लिए उमड़ी भीड़ से कोसी तटबंध पर दो किलोमीटर तक वाहनों व लोगों की लंबी कतार व जाम लगा रहा। मंदिर प्रांगण में जगह-जगह भक्तों द्वारा भगैत गायन व बाबा के जयकारे सेे मंदिर परिसर गुंजायमान रहा। हवन, मुंडन, प्रसाद चढ़ाने की श्रद्धालुओं में होड़ मची रही। विगत कई वर्षों से सप्तमी के दिन दूध चढ़ाने पहुंचे समस्तीपुर जिले के निवासी रामउदगार यादव ने बताया कि बाबा की महिमा अपरंपार है। हर वर्ष हमलोगों की उन्नति कारू बाबा की कृपा से हो रही है। नेपाल से पहुंचे श्रद्धालु ने बताया कि नेपाल में भी बाबा की भगैत गायन बड़े ही भक्तिभाव से सुनी जाती है।
सिमरी बख्तियारपुर के चंदन यादव ने बताया कि कोसी की महिमा से बाबा और भी महिमा मंडित हो रहे हैं। उन्होंने बताया कि मैं हर वर्ष आता हूं और कोसी नदी के बीच स्थित भव्य बन रहे कारू मंदिर को देख काफी खुशी होती है। कोसी में चढ़ावे की बहती दूध को प्रसाद के रूप में श्रद्धालु लोटा में भरते रहे। 
यहां बताते चलें कि कोसी नदी के तट पर स्थित, संत बाबा कारू खिरहरी का एक मंदिर है, जिसे शिव-भक्ति के गुणों से गाय के लिए समर्पण के कारण देवत्व प्राप्त हुआ है। जीवन के सभी क्षेत्रों से लोग कारू खिरहरी बाबा को दूध की पेशकश करते हैं। यद्यपि महिषी गांव के पास यह मंदिर, महिषी प्रखंड कार्यालय से 2 किमी दूर, पूर्वी कोशी तटबंध के नदी के किनारे स्थित है। यह अशांत कोसी नदी के मुहाने पर स्थित है एवं हाल ही में बिहार सरकार ने करू खिरहारी मंदिर को एक प्रमुख पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने की घोषणा की है।