अगले 5 साल में 1 करोड़ युवाओं को रोजगार, सहरसा के विकास में नहीं छोड़ेंगे कोई कसर, सहरसा में बनेंगे नए पुल और अस्पताल
सहरसा, 13 मार्च: मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने शुक्रवार को 'समृद्धि यात्रा' के तहत सहरसा स्टेडियम में आयोजित जन संवाद कार्यक्रम में विशाल जनसभा को संबोधित किया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने जहाँ एक ओर 2005 से पहले के बिहार की याद दिलाते हुए पिछली सरकारों पर जमकर निशाना साधा, वहीं अगले 5 वर्षों के लिए 'सात निश्चय-3' का विजन पेश करते हुए 1 करोड़ युवाओं को रोजगार देने का बड़ा ऐलान किया। सीएम ने सहरसा जिले के लिए कई अहम विकास योजनाओं की जानकारी भी दी।
2005 से पहले था खौफ का माहौल, आज है कानून का राज
जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि 2005 से पहले राज्य में क्या स्थिति थी, यह किसी से छिपा नहीं है। लोग शाम के बाद घर से निकलने में डरते थे। आज बिहार में भय का माहौल खत्म हुआ है और कानून का राज स्थापित है। साम्प्रदायिक सौहार्द का जिक्र करते हुए सीएम ने कहा कि पहले हिन्दू-मुस्लिम झगड़े आम थे, लेकिन 2006 से कब्रिस्तानों और 2016 से पुराने हिन्दू मंदिरों की घेराबंदी करायी गयी, जिससे विवाद और चोरी की घटनाएँ बंद हो गयी हैं।
सहरसा के विकास पर विशेष जोर
स्थानीय लोगों को संबोधित करते हुए सीएम ने कहा कि सहरसा के विकास के लिए सरकार लगातार काम कर रही है। उन्होंने याद दिलाया कि 2008 में कोसी त्रासदी के दौरान सरकार ने किस तरह राहत कार्य चलाया था।
सहरसा के लिए मुख्य घोषणाएं और उपलब्धियां:
सहरसा में मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल का निर्माण कार्य जारी है। इंजीनियरिंग कॉलेज, पॉलिटेक्निक और महिला ITI की स्थापना की जा चुकी है। शहर में रेलवे ओवरब्रिज, बाईपास और स्टॉर्म-वाटर ड्रेनेज सिस्टम बनाया जा रहा है। माँ उग्रतारा मंदिर का विकास और खेल परिसर का निर्माण होगा। जिले के सभी 10 प्रखंडों में आदर्श विद्यालय और डिग्री कॉलेज खुलेंगे। रोजगार के लिए जिले की 3 लाख 78 हजार महिलाओं को 10-10 हजार रुपये दिए जा चुके हैं, और आगे 2 लाख रुपये तक की सहायता दी जाएगी।
शिक्षा और शिक्षक बहाली में ऐतिहासिक कदम
मुख्यमंत्री ने शिक्षा क्षेत्र में हुए बदलावों का जिक्र करते हुए कहा कि राज्य में अब तक 5 लाख 24 हजार सरकारी शिक्षक हो गए हैं। नियोजित शिक्षकों को मामूली परीक्षा लेकर सरकारी शिक्षक बनाया जा रहा है। 4 परीक्षाओं में अब तक 2 लाख 66 हजार शिक्षक पास हो चुके हैं, बचे हुए 73 हजार शिक्षकों को एक और मौका दिया जाएगा। साथ ही 45 हजार नए पदों पर हेडमास्टरों की बहाली शुरू की जा रही है।
सरकारी डॉक्टर अब नहीं कर सकेंगे प्राइवेट प्रैक्टिस
स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार का दावा करते हुए सीएम ने बताया कि 2006 से पहले प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में महीने में सिर्फ 39 मरीज आते थे, जो आज बढ़कर औसतन 11,600 हो गए हैं। राज्य में मेडिकल कॉलेजों की संख्या 6 से बढ़ाकर 12 कर दी गई है और जल्द ही 21 अन्य जिलों में भी निर्माण पूरा होगा। उन्होंने एक बड़ा ऐलान करते हुए कहा कि सरकार जल्द ही ऐसी नीति लाएगी जिससे सरकारी चिकित्सकों की निजी प्रैक्टिस पर पूरी तरह रोक लगेगी।
सात निश्चय-3: 1 करोड़ रोजगार और दोगुनी आय का लक्ष्य
मुख्यमंत्री ने आगामी योजनाओं का खाका खींचते हुए बताया कि अगले 5 वर्षों के लिए 'सात निश्चय-3' का गठन किया गया है। इसके तहत राज्य की प्रति व्यक्ति आय को दोगुना करने और 1 करोड़ युवाओं को नौकरी व रोजगार उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा गया है। नए उद्योग लगाने के लिए मुफ्त जमीन और अनुदान दिया जाएगा।
जातीय गणना और गरीब कल्याण
जातीय आधारित गणना का जिक्र करते हुए सीएम ने कहा कि इसके आधार पर पाए गए 94 लाख गरीब परिवारों को रोजगार हेतु 2 लाख रुपये की सहायता दी जा रही है। अब तक 83 लाख से अधिक परिवारों को पहली किश्त दी जा चुकी है। साथ ही वृद्धावस्था, दिव्यांग और विधवा पेंशन की राशि को 400 रुपये से बढ़ाकर 1100 रुपये कर दिया गया है, जिसका लाभ सवा करोड़ लोगों को मिल रहा है। महिलाओं के सशक्तिकरण पर बोलते हुए उन्होंने बताया कि 'जीविका' के तहत आज 1 करोड़ 69 लाख दीदियाँ जुड़ चुकी हैं।
कार्यक्रम के अंत में मुख्यमंत्री ने केंद्र सरकार से मिल रहे पूर्ण सहयोग के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार व्यक्त किया और आश्वस्त किया कि बिहार विकास के पथ पर तेज गति से आगे बढ़ता रहेगा। कार्यक्रम को डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी, जलसंसाधन मंत्री विजय चौधरी, सांसद दिनेशचंद्र यादव, विधायक रत्नेश सादा, विधायक संजय कुमार सिंह, पूर्व विधायक डॉ आलोक रंजन सहित अन्य ने भी संबोधित किया।



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