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Thursday, 7 February 2019

बिहार के निजी स्कूलों मे सुरक्षा मानक अपनाने के लिए उच्च न्यायालय द्वारा आदेश पारित

सुबे के निजी स्कूलों में सुरक्षा मानक की नहीं है शिक्षा विभाग को जानकारी

पटना से सहयोगी संवाददाता की रिपोर्ट :-

सुबे मे संचालित निजी विद्यालयों मे CBSE द्वारा जारी सुरक्षा मानको का पालन नही किया जा रहा है ! निजी विद्यालयों के अंदर एवं बाहर सुरक्षा मानक अपनाने के संदर्भ मे बिहार सरकार के शिक्षा विभाग को भी कोई जानकारी उपलब्ध नही है ! 
गया जिला एवं बिहार सरकार के शिक्षा विभाग तथा जिला परिवहन विभाग, गया द्वारा प्राप्त दस्तावेज के अनुसार,  गया जिला मे 13 निजी विद्यालयो के बसों मे सुरक्षा मानक के सन्दर्भ मे जांच रिपोर्ट के अनुसार 12 निजी बसों के सुरक्षा मानक अपनाने मे अनियमितता पायी गई ! विद्यालयो मे फायर एन ओ सी भी नही लिया गया है ! बिहार सरकार के पास भी निजी स्कूलों के अंदर एवं बाहर सुरक्षा मानक अपनाने के संदर्भ मे कोई भी रिकॉर्ड दर्ज नही है ! 

इस सन्दर्भ मे फाउण्डर चेयरमैन सह वरिय अधिवक्ता सर्वोच्च न्यायालय सह हेल्पिंग ह्यूमन एन जी ओ के भास्कर अग्रवाल द्वारा राज्य सरकार शिक्षा विभाग को पूर्व मे नोटिस दिया जा चुका था ! लेकिन सरकार द्वारा कोई भी कार्रवाई नही किये जाने के उपरांत बच्चो के सुरक्षा का मामला होने के कारण माननीय उच्च न्यायालय, पटना मे जनहित याचिका दिया गया था।

दिनांक 7 फरवरी को इस संबंध में सुनवाई हुई ! केस नं  CWJC No. 2213/2019 माननीय न्यायमूर्ति ज्योति शरण के बेंच मे हेल्पिंग ह्यूमन एन जी ओ के तरफ से वरीय अधिवक्ता कल्याण शंकर के मौजूदगी मे सुनवाई हुई ! सुनवाई के दौरान बिहार सरकार और राष्ट्रीय बाल संरक्षण अधिकार आयोग को नोटिस करने का आदेश पारित किया गया है।
क्या है सीबीएसई का सुरक्षा मानक -

सुप्रीम कोर्ट की गाइड लाइन के अनुसार स्कूल बस पीले रंग से पेंट होने चाहिए। उसके आगे एवं पीछे ‘ऑन स्कूल ड्यूटी लिखा हो। 2 : बसों की सभी खिड़कियों में आड़े छड़ लगे होने चाहिए। 3 : बस में अग्निशमन यंत्र लगा हो। 4 : बस में स्कूल का नाम और फोन नंबर लिखा होना चाहिए। 5 : बस के दरवाजे में अच्छी क्वालिटी का ताला लगा हो। 6 : सीटों के बीच पर्याप्त जगह हो। बच्चों को बस में चढ़ाने व उतारने के लिए अनुभवी अटेंडेंट रहे। 7 : स्कूल बस में कोई अभिभावक या शिक्षक बच्चों के साथ रहे। 8 : स्कूल बस के चालक को कम से कम 5 साल का अनुभव हो। 

Monday, 22 October 2018

नेशनल जर्नलिस्ट एसोसिएशन का प्रथम स्थापना दिवस संपन्न

कार्यक्रम का शुभारंभ जी मीडिया (जी बिहार-झारखंड) के संपादक स्वयं प्रकाश सहित अन्य ने दीप प्रज्जवलित कर किया

कार्यक्रम स्थल पटना से अतिथि सहयोगी संवाददाता संजय कुमार सुमन की विशेष रिपोर्ट :-

राज्य की राजधानी पटना के नव ज्योति सेवा केन्द्र कुर्जी में नेशनल जर्नलिस्ट एसोसिएशन 2018 का प्रथम स्थापना दिवस समारोह बड़े धूमधाम से मनाया गया।
कार्यक्रम का विधिवत उद्घाटन जी मीडिया समूह के जी बिहार-झारखंड न्यूज चैनल के संपादक स्वयं प्रकाश सहित अन्य लोगों ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्जवलित कर किया। वहीं कार्यक्रम की अध्यक्षता राष्ट्रीय अध्यक्ष  राकेश कुमार गुप्ता ने की ।

इस मौके पर ज़ी मीडिया के संपादक स्वयं प्रकाश ने कहा कि पत्रकारिता के बदलते स्वरूप में विकास की ओर पत्रकारिता बढी है ।आधुनिकता से लैस हो गई है। इस दौर में सूझबूझ के साथ काम करने की जरूरत है ।निर्भीक होकर काम करना है । कलम से निकलने वाली आवाज लोगों को सचेत करती है ,ज्ञान देती है तथा कार्य के परिणाम तक पहुंचाती है।
वहीं राष्ट्रीय सहारा के संपादक ओमप्रकाश अस्क ने कहा कि पत्रकारिता जगत में समय के साथ बदलाव हुआ है। पूर्व में आजादी कि मिशन को लेकर पत्रिकारिता में लोग आते थे ।इसके बाद आजादी के मिशन से भटक न जाए ।पत्रकारों के द्वारा इसके लिए कार्य किया गया और वर्तमान में समय यह आ गया है ।विकास के आधारशिला पर पत्रकारिता की कारी हो रही है ।बदलते स्वरूप को ध्यान में रखकर कार्य करने की जरूरत है।  

वहीं प्रोफेसर डॉ जितेंद्र प्रसाद सिंह ने कहा कि प्रखंड से लेकर जिला तक में कार्य कर रहे पत्रकारों को चुनौतियां मिलती है। खासकर आर्थिक चुनौती से जूझते रहते हैं। इसके लिए संपादकीय टीम के द्वारा कुछ कदम उठाकर उन्हें समय-समय पर मदद किया जाए उचित होगा। 

वहीं राष्ट्रीय अध्यक्ष राकेश कुमार गुप्ता ने कार्यक्रम में भाग लेने आ तमाम सदस्यों का स्वागत अभिवादन किया और कहा कि जब तक संगठन रहेगी ,तब तक पत्रकारों की हित के लिए सरकार तक हमारी आवाज पत्रकार के हितों में उठता रहेगा। अंतोगत्वा पत्रकार बंधुओं को न्याय मिलेगी।सरकार पत्रकार सुरक्षा कानून लागू करें तथा पत्रकार आयोग का गठन करें ।इसके लिए आगामी उधर नीति तैयार की जाएगी ।
वहीं बिहार सूचना सेवा के डॉक्टर सुनील कुमार पाठक ने कहा कि इमानदारी के साथ पत्रिकारिता करें तथा सूझबूझ का परिचय देकर क्षेत्र में रहें। इससे अच्छा कुछ नहीं ।

वहीं राजस्थान के सतीश पांडे एवं आचार्य रामगोपाल शास्त्री ने कहा कि नारद कि हम लोग वरद पुत्र हैं ।नारद भगवान तीनों लोकों में संदेश को पहुंचाते थे ।आज उन्हीं  के नक्शे कदम पर चल कर हम लोग कार्य करते हैं।

इस मौके पर नेशनल जर्नलिस्ट एसोसिएशन द्वारा वेवसाईट का लंच किया गया। वहीं मंच का संचालन संजय वीजित्वर तथा धन्यवाद ज्ञापन प्रदेश अध्यक्ष अबोध ठाकुर ने की।

इस मौके पर राष्ट्रीय महासचिव संजय कुमार सुमन, कुमुद रंजन ,राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष संजीव कुमार, प्रदेश उपाध्यक्ष नीरज कुमार सिंह ,प्रदेश मीडिया प्रभारी कुंज बिहारी शास्त्री ,प्रदेश कोषाध्यक्ष संजय राजा, रामनाथ विद्रोही ,विजय आनंद ,गंगा रजक, संजय कुमार, डॉ सियाराम शर्मा ,किशोर कुमार चौहान, सोनू कुमार, सुबोध सौरव ,निशांत कुमार, मंजेश मिश्र, राकेश कुमार सिंह ,दीपक कुमार दुबे, रंजीत कुमार मिश्रा, शैलेंद्र कुमार, सदरे आलम, लाल मोहन महाराज,रणजीत राणा ,सुमित आनंद ,राजेश कुमार डेंजिल ,सतीश कुमार शांडिल्य, फतेहपुर राजस्थान के अलावे सैकड़ो  पत्रकार बंधु उपस्थित हुए।

Sunday, 7 October 2018

11 अक्टूबर को पटना में होगा छात्र जदयू का विराट समागम

सुबे के मुखिया नीतीश कुमार होंगे इस कार्यक्रम में शामिल, तैयारी जोरों पर

पटना से सहयोगी संवाददाता की रिपोर्ट :-

राज्य की राजधानी पटना में अगामी 11 अक्टूबर को छात्र जदयू का विराट सम्मेलन होने जा रहा है।इस कार्यक्रम में सुबे के मुखिया नीतीश कुमार शामिल होंगे। सम्मेलन की सफलका के लिए तैयारीयों का दौर अंतिम चरण में है। इस कार्यक्रम में राज्य के विभिन्न हिस्सों से बड़ी संख्या में छात्रों के भाग लेने की बात कही जा रही है। 
इस बाबत कार्यक्रम की रूपरेखा के बारे में छात्र जदयू के प्रदेश उपाध्यक्ष सह पटना यूनिवर्सिटी प्रभारी शादाब आलम ने बताया की यह सम्मेलन अपने आप में ऐतिहासिक होगा, जो बिहार के छात्रों के लिए एक सुंदर भविष्य के सपनो को साकार करने की दिशा में आगे बढ़ाएगी।

उन्होंने कहा कि स्व. जयप्रकाश नारायण ने सम्पूर्ण क्रांति का नारा बिहार से दिया था, जो देश भर में अलख जगाया। समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति को सत्ता में भागीदारी का अनुभव प्राप्त हुआ। 
जेपी का आंदोलन छात्रों का आंदोलन था। वर्तमान में भी नीतीश कुमार जी अपने आप में अलग तरह की राजनीति के लिए जाने जाते है। छात्र हितों से लेकर जिस तरह से शराबबंदी और दहेज बंदी कार्यक्रम को सफल बनाने का काम नीतीश कुमार जी ने करके दिखाया है वह अपने आप में एक मिसाल है। कानून दशकों से बने है लेकिन पालन करवाने में जो नीतीश कुमार ने किया है वह ऐतिहासिक है।

इस छात्र नेता ने कहा कि माननीय मुख्यमंत्री नीतीश कुमार जी डंके की चोट पर कहते है कि मैं वोट के लिए नहीं, बिहार के विकास के लिए राजनीति करता हूं। कुछ लोग राजनीति के नाम पर सता के गलियारे तक पहुंचने के लिए जातीय समीकरण बनाते हैं और समाज में हो रहे अच्छे कार्यों को भी गलत साबित करने के लिए दुष्प्रचार करते रहते हैं। लेकिन, मैं इसमें विश्वास नहीं करता और न ही इसको तवज्जो देता हूं।

जेपी के छात्र अंदोलन ने देश को राह सुझाया था ठीक उसी तर्ज पर वर्तमान छात्र सम्मेलन जो बापू सभागार में 11 अक्टूबर को होने वाला है वह इस देश को राह सुझाएगा। छात्र हितों से सम्बंधित मुद्दों से लेकर हमारी क्या जिम्मेदारी होगी इसकी रुपरेखा का एक मॉडल हम लोग प्रस्तुत करने का कार्य करेंगे।

Wednesday, 29 August 2018

ये पांच दिव्यांगों ने बना डाली दवाई बैंक,अब कर रहे हैं गरीबों की मदद

सोसल साईट का इस्तेमाल पर बैंक में लाए जाते हैं दवाई

दिन हो या रात ट्राई साइकिल से जरूरतमंदों को पहुंचाते हैं मेडिसिन

पटना से सहयोगी संवाददाता की रिपोर्ट :-

कहां गया है अच्छी सोच हमेशा अच्छाई की ओर ले जाती है। कोई भी काम कठिन नहीं होता है बस उसे करने की अच्छी सोच की जरूरत पड़ती है फिर तो आगे कारवा अपने आप बनता चला जाता है।
कुछ इसी प्रकार की सोच के साथ बिहार के पटना में रहने वाले पांच दिव्यांगों ने अपनी दिव्यांगता को धता बताते हुए दवाई बैंक बना डाला। अव ये जरूरतमंदों के बीच दिन रात कभी भी अपनी ट्राई साइकिल से दवा पहुंचा रहे हैं।

दवाई बैंक के मुख्य संयोजक सामाजिक कार्यकर्ता भरत कौशिक , राकेश कुमार पटेल , रितु चौबे हैं , वही सहयोग के रूप में दिव्यांग छात्र गुड्डू कुमार तथा मनोज कुमार भी शामिल है।
यहां बताते चलें कि दवाई बैंक झुग्गी झोपड़ी , दिव्यांग एवं असहाय , गरीब , कमजोर तबके के लिए बनाया गया है , दवाई बैंक के निर्माणकर्ता  ने बताया कि जब ये लोग गरीबों के बीच शहर के स्लाम में रहने वाले लोगों के बीच जाते थे तो उन्हें दबाई के बिना तरपते एवं मरते देखकर इन सभी की आंखों आंसुओं से भर जाती थी ! इन सभी का मन रोता रहता था यह हमेशा सोचते रहते थे कुछ ऐसा काम करना है जिससे गरीबों की मृत्यु ना हो और कोई दिव्यांग भी ना हो इसलिए इनके मन में कुछ अलग करने की सोच हमेशा रहती थी इन्हें ऐसा महसूस होता था कि दवाई यदि इन गरीबों को मिले तो यह भी अपने स्वास्थ्य को अपने जीवन को ऊंची उड़ान पर ले जा सकते हैं ।

दिव्यांग जनों ने सोचा कि हम दिव्यांग है लेकिन किसी भी गरीब की मृत्यु दवाई के अभाव में होने नहीं देंगे इसलिए ठाना मेडिसिन बैंक बनाकर हॉस्पिटलों में घरों में गरीब असहाय , दिव्यांग एवं कमजोर लोगों के बीच डॉक्टर से दिखाकर शुरुआती दौर की कुछ दवाई दिया जाय ।

इन्हें दवाई देने के लिए कई लोग आ रहे हैं कई दबाई कंपनियो के द्वारा दवाई पहुंचा रही है , इनका काम सोशल साइट Facebook पर WhatsApp पर चल रहा है WhatsApp से जुड़े हुए FACEBOOK से जुड़े हुए लोग सोशल साइट से जुड़कर इन्हें दवाई लेने के लिए बुलाते हैं और यह सभी ट्राई साइकिल से दवाई लाकर मरीजों के बीच पहुंचाते हैं।
रात हो या दिन कभी भी इनके पास कॉल आते ही ये लोग दवाई लेने या फिर देने के लिए हमेशा तैयार रहते हैं। इन सभी का मानना है कि आज दवाई Bank शहर से शुरू होकर  गांव तक पहुंचेगी और पूरा बिहार दवाई के बिना मरने पर मजबूर नहीं होगा ! आने वाले समय में बिहार के विकास में बिहार के निर्माण में दिव्यांग भी अपनी भूमिका निभाने में पीछे नही रहेगें ।

दवाई दान करने के लिए नीचे लिखे लिंक पर सम्पर्क कर सकते हैं :-
https://www.facebook.com/bharat.kaushik.737

Saturday, 19 May 2018

बिहार में होगा पत्रकारों का राष्ट्रीय अधिवेशन, जुटेंगे बड़े-बडे दिग्गज रिपोर्टर

बिहार में पत्रकार सुरक्षा कानून को लेकर चलाया जा रहा अभियान

पटना डेक्स से रिपोटर की रिपोर्ट :-

हम अपने कर्तव्यों के प्रति आखिर इतने उदासीन क्यों हैं ? कहीं हम झुठे अहंकार के शिकार तो नही हैं ? ये प्रश्न भी वाहे बगाहे मेरे मन में कौंधता है । आखिर हम पलासी युध्द के मूकदर्शक छवि की भूमिका में क्यों हैं? हम अपने लोगों की सहायता में योगदान देने से कतराते क्यों हैं ? क्या हमारी दृढ इच्छा शक्ति का क्षरण हो चुका है ? ये बहुत से सवाल हमारे सामने खड़े हैं।हमें हर हाल में इन प्रश्नों के उत्तर ढूंढ़ने होंगे ।हमें हमारी एक दूसरे को नीचा दिखाने की सोंच से बाहर आना होगा ।
उक्त बातें नेशनल जर्नलिस्ट एसोसियन के राष्ट्रीय अध्यक्ष राकेश कुमार गुप्ता ने कही। उन्होंने कहा कि चरित्र रावण का भी था कि अपने अहंकार में अपने बंधु-बांधवों को बलि बेदी पे चढ़ा कर खुद भी मौत की आगोश में चला गया।चरित्र पांडवों का भी था कि एक दूसरे के प्रति समर्पित रह कर कम संख्या रहते हुए भी विजयी रहा।राष्ट्रीय अध्यक्ष राकेश कुमार गुप्ता ने कहा कि बिहार में पत्रकार सुरक्षा कानून को लेकर एक अभियान चलाया जा रहा है।संगठन ने निर्णय लिया है कि बिहार में एक राष्ट्रीय अधिवेशन हो और हम अपनी मांग बिहार सरकार के सामने रखें ।
 “नेशनल जर्नलिस्ट एसोसियन”पत्रकारों को स्वतंत्रता से कार्य करने का संपुर्ण भरोसा दिलाता है । चाहे आप किसी भी संगठन अथवा गैर संगठनवादी हो, झिझकने की आवश्यकता बिल्कुल नहीं है । आप स्वतंत्र हैं ,यहाँ नि:शुल्क नाम पंजीकृत करवाने के लिए ।क्योंकि हमारा मकसद है एक ही छत्रछाया हो पत्रकारिता जगत की ,जिससे कोई बाल बांका ना कर सके ,कोई शोषण ना कर सके , हमारे जांबाज पत्रकार योद्धाओं का। बिहार हो या उत्तर प्रदेश या फिर दिल्ली।हमारा संगठन दिल खोल कर पीड़ित पत्रकार को न्याय दिलाने का काम किया है। श्री गुप्ता ने कहा कि हमारे संगठन का उद्देश्य पत्रकारों के हितार्थ-सुरक्षार्थ पत्रकार सुरक्षा कानून बनवाना है। जिससे हमारा पत्रकार परिवार पूर्ण रूप से सुरक्षित रहें एवम् स्वतन्त्र अभिव्यक्ति में किसी प्रकार की बाधा ना आये।
राष्ट्रीय अध्यक्ष राकेश कुमार गुप्ता ने कहा कि प्रताड़ित पत्रकारों की आवाज हम बुलन्द कर रहे हैं और करते रहेंगे। कार्यवाही हेतु मुख्यमंत्री,डीजीपी डीआईजी,आईजी,सांसद तक को संगठन के स्तर से पत्र लिखकर उन्हें न्याय दिलाया जा रहा है। हम लगातार अपने संगठन की ओर से पत्रकारों की आवाज बन कर उभर रहे हैं।

मधेपुरा के उदय कुमार,गौरव ठाकुर, खगड़िया के राजेश कुमार सिन्हा, पूर्णिया के मनोज कुमार मिश्रा, कटिहार के भाई संजीव गुप्ता,यूपी के रमेश ठाकुर, रायबरेली के मनीष शुक्ल,मुंगेर के कई मित्रों के साथ स्थानीय प्रशासन,दबंगो द्वारा प्रताड़ित किया गया।जिसका हमारी संगठन ने विरोध दर्ज कर धरना प्रदर्शन किया। लगातार अपनी आवाज को बुलंद की और पत्रकार बंधुओं को न्याय दिलाया गया। 
                                                                नेशनल जर्नलिस्ट एसोसियन के राष्ट्रीय महासचिव संजय कुमार सुमन ने कहा कि आए दिन पत्रकारों पे अपराधियों के द्वारा हमले हो रहे हैं तो कहीं प्रसाशन के द्वारा पत्रकारों के कलम को रोकने के लिए फर्जी मुकद्दमे किए जा रहें हैं।देश में पत्रकार सुरक्षा कानून लागू हो नेशनल जर्नलिस्ट एसोसियन ने समस्त भारत में अभियान छेड़ा है। आज हम सब इस सच्चाई से भली भांति परिचित हैं कि शासन -प्रशासन में बैठे लोग पत्रकारों के साथ किस तरह के व्यवहार कर रहे हैं ।अपराधियों के हौसले इतने बुलंद हो गए हैं कि आए दिन कोई न कोई पत्रकार उनका शिकार हो रहा है। राष्ट्रीय महासचिव श्रीसुमन ने कहा कि देश मे हो रही पत्रकारों की हत्याएं और पत्रकार उत्पीड़न को देखते हुए हमने और हमारे साथियो के साथ इस संगठन की नींव रखी थीं, जिसको पुरे देश से भरपूर समर्थन मिल रहा है। आज एक बड़ी ताकत के रूप में हमारी पहचान बन गई हैं। हमारी लड़ाई सिर्फ पत्रकारों को सुविधा दिलाने के लिए नहीं हैं बल्कि हम पत्रकारों का मनोबल बढाकर उसके सम्मान और सुरक्षा के लिए एक आंदोलन के रूप में खड़े हुए हैं और इनके पीछे हमारी मंशा लोकतंत्र को सुदृढ़ बनाकर देश को ओर मजबूती प्रदान करने की हैं।

श्री सुमन ने कहा कि आज के दौर में जब पत्रकारिता कॉर्पोरेट की दासी बनकर रह गई है। उनको हम फिर भारत माता की सरताज बनाना चाहते हैं। एक पत्रकार ही हैं जो अपने कर्तव्यों का वहन करते हुए इस राष्ट्र को उन्नत बना सकता हैं। हमें फिर से आज़ादी के दौर वाले भगत सिंह और गांधीजी जैसे पत्रकारों को इस पवित्र धरती पर पैदा करना हैं। आज की सरकाऱे पत्रकारों की आज़ादी की पक्षघर नहीं है इसलिए हमें उनसे संघर्ष करके हमारा अधिकार प्राप्त करना पड़ेगा।