आब्सटेट्रिक्स एंड गैनीकोलोलोजिकल सोसाइटी’ के तत्वाधान में हुआ कार्यक्रम
एब्नार्मल यूटराइन ब्लीडिंग विषय पर की गई विस्तृत चर्चा
सहरसा से भार्गव भारद्वाज की रिपोर्ट :-
सहरसा जिले के सदर अस्पताल प्रशिक्षण सभा कक्ष में रविवार को सहरसा, मधेपुरा एवं सुपौल जिले के कई नामचीन स्त्री रोग विशेषज्ञों का एक सेमिनार आयोजित की गई।
सेमिनार का विधिवत उद्घाटन उपरांत सभी डाक्टरों ने हाल के दिनों में महिलाओं में बढ़ रहे विभिन्न बिमारियों सहित अन्य बिन्दुओं पर विस्तृत चर्चा कर जानकारी साझा की।
सेमिनार में सिरकत करने पहुंचे पटना पीएमसीएच की नामचीन प्रोफेसर स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ गीता सिन्हा ने इस सेमिनार की मुख्य वक्ता के रूप में महिलाओं में तेजी से बढ़ रहे कई संगीन विमारियों पर चर्चा की तो वहीं इस सेमिनार में शिरकत कर रही कई स्त्री रोग विशेषज्ञ इसके उपचार के साथ साथ बचाव के भी सुझाव दिए।
सेमिनार में मुख्य रूप से महिलाओं में तेजी से बढ़ रही एब्नार्मल यूटराइन ब्लीडिंग बिमारी पर चर्चा की गई।
क्या है यह बिमारी -
एब्नार्मल यूटराइन ब्लीडिंग (एयूबी) में गर्भाशय से अनियमित खून बहता है। जो सामान्य से रूप से अधिक, अनियमित या भारी होता है। उदाहरण के लिए महिलाओं को मासिक धर्म की अवधि के दौरान काफी ज़्यादा रक्तस्राव होता है। गर्भावस्था के दौरान रक्तस्राव होना एक अलग समस्या है। यदि महिलाएं गर्भवती हैं और उसके योनि से खून बह रहा है, तो तुरंत अपने डॉक्टर से मिल इसका उपचार बहुत जरूरी है।
एब्नार्मल यूटराइन ब्लीडिंग के कई कारण होते हैं। कभी-कभी हार्मोन के स्तर में होने वाले बदलावों के कारण भी यह होता है। यह गर्भाशय में वृद्धि या थक्के जमने जैसी समस्याओं के कारण भी हो सकता है। यह सम्भोग के बाद और रजोनिवृत्ति के बाद भी हो सकता है।
वहीं इस सेमिनार में सहरसा के नामचीन स्त्री रोग विशेषज्ञ,डॉ कल्याणी सिंह,डॉ संगीता ठाकुर, डॉ,आर मोहन,डॉ कोमल गुप्ता,डॉ विनीता शर्मा,डॉ करुणा शंकर,डॉ निशा कुमारी, डॉ सीमा झा,समेत सहर के कई नामचीन स्त्री रोग विशेषज्ञों ने की शिरकत।
तकरीबन तीन घंटो के इस सेमिनार में महिलाओं को इस गंभीर बीमारी से बचाव के भी कई सुझाव दिए गए।



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