अस्पताल का निरीक्षण कर डीएम को पत्र लिखकर वस्तुस्थिति से कराया अबगत
आशा बहाली व जन्म मृत्यु प्रमाण पत्र में खुले आम लिया जा रहा है घुस : लोजद नेता
डाक्टर मिले हैं दलाल से प्राईवेट मेडिकल से मरीज दवा लेने को विवस
सिमरी बख्तियारपुर (सहरसा) ब्रजेश भारती।
सहरसा जिले के अनुमंडलीय अस्पताल सिमरी बख्तियारपुर में लचर स्वास्थ्य व्यवस्था के संबंध में मीडिया के द्वारा आईना दिखाए जाने के बाद इस और सभी का ध्यान आकृष्ट हुआ है।
युवा क्रान्ति के द्वारा पैदल मार्च की घोषणा के बाद अब लोजद ने भी इस पर अपना कड़ा रूख अख्तियार कर लिया है। लोजद के प्रदेश उपाध्यक्ष सह पूर्व सहरसा जिला परिषद उपाध्यक्ष रितेश रंजन ने अनुमंडलीय अस्पताल का निरीक्षण कर वस्तुस्थिति से अवगत हो इस संबंध में डीएम सहरसा को पत्र लिख पुरे व्यवस्था के संबंध जानकारी से अवगत कराया है।
डीएम को लिखे पत्र में रितेश रंजन ने कहा है कि सिमरी बख्तियारपुर अस्पताल पर तीनों प्रखंडो सिमरी बख्तियारपुर, सलखुआ एवं बनमा ईटहरी की जनता निर्भर परंतु सच्चाई यह है कि आज के वक्त में अस्पताल बदहाली के दौर से गुजर रहा है।
अस्पताल के आसपास मौजूद प्राइवेट दवाई दुकान में अस्पताल के प्रभारी एवं अन्य डॉक्टर प्राइवेट तौर पर इलाज करते हैं, जिससे अस्पताल के ज्यादातर मरीज को दलाल की मदद से वहां ले जाया जाता है।
दवाई दुकानदार से चूंकि प्रभारी एवं अन्य डॉक्टर काफी लाभान्वित होते हैं जिस कारण मरीज को प्राइवेट दुकानदारों की दवाई लेने पर विवश किया जाता है। यह दुकाने अस्पताल से महज 10 कदम की दूरी पर है जो जांच का विषय है।
इसके अलावे सिमरी बख्तियारपुर अस्पताल में मरीज बीमारी ठीक कराने आते है, लेकिन पानी में अत्यधिक आयरन होने के कारण मरीजों को काफी परेशानी होती है अतः यहां आयरन मुक्त पानी की व्यवस्था कराई जाए।
इसके अलावा अस्पताल में सतीश शर्मा जो बीसीएम पद पर पदस्थापित हैं, वह खुलेआम आशा की बहाली में पचास हजार से लाख रुपए तक अवैध रूप से पैसे लेते हैं और इसके पश्चात ही बहाली करते हैं अस्पताल में जन्म - मृत्यु प्रमाण पत्र मे पैसा लिया जाता जो जांच का विषय है।
साथ ही अस्पताल में साफ-सफाई एवं भोजन की व्यवस्था आउटसोर्सिंग के जरिए एनजीओ के माध्यम से चलाया जा रहा है, जिसमें बड़े पैमाने पर धांधली है। अस्पताल में ना तो बेडशीट उपलब्ध रहता है और ना ही साफ सफाई होता है।
जेनरेटर भी सिर्फ दिखावे में रखा हुआ है, सभी मिलकर बंदरबांट में लगे हुए हैं।
लोकतांत्रिक जनता दल के प्रदेश उपाध्यक्ष रितेश रंजन ने बताया कि बिहार सरकार स्वास्थ्य सुविधा गरीबो को उपलब्ध कराने के नाम पर लंबे - चौड़े वादे करती है परंतु जमीनी हकीकत सच से कोसो दूर है। रितेश ने बताया कि इस अनुमंडलीय अस्पताल की लचर व्यवस्था के खिलाफ आम जनों में काफी आक्रोश है जो कभी भी आंदोलन का रूप ले सकता है। आगे लोजद अगर समय रहते व्यवस्था में सुधार नहीं देखेगा तो उग्र आंदोलन को बाध्य होगी।
आशा बहाली व जन्म मृत्यु प्रमाण पत्र में खुले आम लिया जा रहा है घुस : लोजद नेता
डाक्टर मिले हैं दलाल से प्राईवेट मेडिकल से मरीज दवा लेने को विवस
सिमरी बख्तियारपुर (सहरसा) ब्रजेश भारती।
सहरसा जिले के अनुमंडलीय अस्पताल सिमरी बख्तियारपुर में लचर स्वास्थ्य व्यवस्था के संबंध में मीडिया के द्वारा आईना दिखाए जाने के बाद इस और सभी का ध्यान आकृष्ट हुआ है।
युवा क्रान्ति के द्वारा पैदल मार्च की घोषणा के बाद अब लोजद ने भी इस पर अपना कड़ा रूख अख्तियार कर लिया है। लोजद के प्रदेश उपाध्यक्ष सह पूर्व सहरसा जिला परिषद उपाध्यक्ष रितेश रंजन ने अनुमंडलीय अस्पताल का निरीक्षण कर वस्तुस्थिति से अवगत हो इस संबंध में डीएम सहरसा को पत्र लिख पुरे व्यवस्था के संबंध जानकारी से अवगत कराया है।
डीएम को लिखे पत्र में रितेश रंजन ने कहा है कि सिमरी बख्तियारपुर अस्पताल पर तीनों प्रखंडो सिमरी बख्तियारपुर, सलखुआ एवं बनमा ईटहरी की जनता निर्भर परंतु सच्चाई यह है कि आज के वक्त में अस्पताल बदहाली के दौर से गुजर रहा है।
अस्पताल के आसपास मौजूद प्राइवेट दवाई दुकान में अस्पताल के प्रभारी एवं अन्य डॉक्टर प्राइवेट तौर पर इलाज करते हैं, जिससे अस्पताल के ज्यादातर मरीज को दलाल की मदद से वहां ले जाया जाता है।
दवाई दुकानदार से चूंकि प्रभारी एवं अन्य डॉक्टर काफी लाभान्वित होते हैं जिस कारण मरीज को प्राइवेट दुकानदारों की दवाई लेने पर विवश किया जाता है। यह दुकाने अस्पताल से महज 10 कदम की दूरी पर है जो जांच का विषय है।
इसके अलावे सिमरी बख्तियारपुर अस्पताल में मरीज बीमारी ठीक कराने आते है, लेकिन पानी में अत्यधिक आयरन होने के कारण मरीजों को काफी परेशानी होती है अतः यहां आयरन मुक्त पानी की व्यवस्था कराई जाए।
इसके अलावा अस्पताल में सतीश शर्मा जो बीसीएम पद पर पदस्थापित हैं, वह खुलेआम आशा की बहाली में पचास हजार से लाख रुपए तक अवैध रूप से पैसे लेते हैं और इसके पश्चात ही बहाली करते हैं अस्पताल में जन्म - मृत्यु प्रमाण पत्र मे पैसा लिया जाता जो जांच का विषय है।
साथ ही अस्पताल में साफ-सफाई एवं भोजन की व्यवस्था आउटसोर्सिंग के जरिए एनजीओ के माध्यम से चलाया जा रहा है, जिसमें बड़े पैमाने पर धांधली है। अस्पताल में ना तो बेडशीट उपलब्ध रहता है और ना ही साफ सफाई होता है।
जेनरेटर भी सिर्फ दिखावे में रखा हुआ है, सभी मिलकर बंदरबांट में लगे हुए हैं।
लोकतांत्रिक जनता दल के प्रदेश उपाध्यक्ष रितेश रंजन ने बताया कि बिहार सरकार स्वास्थ्य सुविधा गरीबो को उपलब्ध कराने के नाम पर लंबे - चौड़े वादे करती है परंतु जमीनी हकीकत सच से कोसो दूर है। रितेश ने बताया कि इस अनुमंडलीय अस्पताल की लचर व्यवस्था के खिलाफ आम जनों में काफी आक्रोश है जो कभी भी आंदोलन का रूप ले सकता है। आगे लोजद अगर समय रहते व्यवस्था में सुधार नहीं देखेगा तो उग्र आंदोलन को बाध्य होगी।


No comments:
Post a Comment