अपनी विभिन्न 15 सुत्री मांगों के समर्थन में विभिन्न प्रखंडों से सैकड़ों की संख्या में महिलाएं पहुंची प्रदर्शन में
सहरसा से V & N संवाददाता की रिपोर्ट :-
अपनी 15 सूत्री मांगों को लेकर 05 दिसंबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चल रही आगनबाड़ी सेविका-सहायिका का आक्रोश 15 वें दिन फुट पड़ा। गुरूवार को सहरसा में विभिन्न प्रखंडों से सैकड़ो की संख्या में जुटे सेविका-सहायिकाओं ने समाहरणालय गेट के समक्ष धरना देकर सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
वे लोग आवाज दो हम एक है के नारे के साथ सरकार की दो रंगी नीति पर जमकर खड़ी खोटी सुनायी।हड़ताल के कारण सभी आंगनबाड़ी केंद्र पूरी तरह ठप है।केंद्रों में बच्चों की पढ़ाई,भोजन व नवजात बच्चों का टिकाकरण का कार्य प्रभावित है।उनलोगों का कहना है की अब हमें तीन हजार मानदेय स्वीकार नहीं है।जब तक हमारी सभी माँगे नही मानी जायेगी हड़ताल जारी रहेगा।वे सभी सरकारी कर्मचारी का दर्जा देते हुए सेविका को क्लास -3 एवं सहायिका को क्लास-4 के रूप में समायोजित करने,दर्जा नहीं मिलने तक सेविका को 18000 एवं सहायिका को12000 हजार मानदेय देने की मांग पर अड़े है
उनकी अन्य मांगों में 54 दिन हड़ताल के बाद 16 मई 2017 को हुए समझौते के आलोक में लंबित मांगों को शीघ्र निष्पादन करने,गोवा,तेलांगना व अन्य राज्यों की तरह 7 हजार रूपया सेविका एवं 45 सौ रूपये साहायिका को अतिरिक्त प्रोत्साहन राशि दिया देने, सेवानिवृत्ति के बाद पांच हजार मासिक पेंशन या एक मुफ्त पांच लाख की राशि देने,बीमा का लाभ सुनिश्चित करने,चयन मार्गदर्शिका व दण्डनिरूपण की प्रक्रिया कानून समस्त बनाने,चार घंटा से अधिक काम के लिए मजबूर नहीं करने,कार्य का समय 8 घंटा निर्धारित करने,समान काम के लिए समान वेतन प्रणाली लागू करने,मिनी आंगनबाड़ी केंद्रों के सेविकाओं को भी सामान मानदेय देने,हड़ताल अवधि का मानदेय न काटकर छुट्टी एवं कार्य में समायोजन किया करने,निर्धारित कर्तव्यों के अतिरिक्त अन्य कार्यों में प्रतिनियुक्त नहीं करने के संबंधित विभागीय परिपत्र संख्या-768 दिनांक 27.02.2012 का अनुपालन सुनिश्चित करने,अपरिहार्य हो तो प्रतिनियुक्त संबंधि लिखित आदेश एवं कार्य अनुरूप परिश्रमिक का भुगतान अनिवार्य रूप से करने,
महंगाई के आलोक में मकान किराया भत्ता की राशि में सुमुचित वृद्धि कर भुगतान की प्रक्रिया का सरलीकरण करते हुए नियमित भुगतान सुनिश्चित करने,मानदेय का न्यूनतम निर्धारण के आधार पर नियमित भुगतान तथा लंबित मानदेय का शीघ्र भुगतान सुनिश्चित किया करने,बिना भौतिक सत्यापन के पोषाहार राशि की वसूली पर तुरंत रोक लगाने एवं वसूल की गई राशि को शीघ्र वापस करने,किसी तरह का निजीकरण नहीं करने और जीविका गैर सरकारी संगठनों,स्वयं सहायता समूह,कारपोरेट आदि को सौंपने की साजिश पर रोक लगाने की है।
सहरसा से V & N संवाददाता की रिपोर्ट :-
अपनी 15 सूत्री मांगों को लेकर 05 दिसंबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चल रही आगनबाड़ी सेविका-सहायिका का आक्रोश 15 वें दिन फुट पड़ा। गुरूवार को सहरसा में विभिन्न प्रखंडों से सैकड़ो की संख्या में जुटे सेविका-सहायिकाओं ने समाहरणालय गेट के समक्ष धरना देकर सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
वे लोग आवाज दो हम एक है के नारे के साथ सरकार की दो रंगी नीति पर जमकर खड़ी खोटी सुनायी।हड़ताल के कारण सभी आंगनबाड़ी केंद्र पूरी तरह ठप है।केंद्रों में बच्चों की पढ़ाई,भोजन व नवजात बच्चों का टिकाकरण का कार्य प्रभावित है।उनलोगों का कहना है की अब हमें तीन हजार मानदेय स्वीकार नहीं है।जब तक हमारी सभी माँगे नही मानी जायेगी हड़ताल जारी रहेगा।वे सभी सरकारी कर्मचारी का दर्जा देते हुए सेविका को क्लास -3 एवं सहायिका को क्लास-4 के रूप में समायोजित करने,दर्जा नहीं मिलने तक सेविका को 18000 एवं सहायिका को12000 हजार मानदेय देने की मांग पर अड़े है
महंगाई के आलोक में मकान किराया भत्ता की राशि में सुमुचित वृद्धि कर भुगतान की प्रक्रिया का सरलीकरण करते हुए नियमित भुगतान सुनिश्चित करने,मानदेय का न्यूनतम निर्धारण के आधार पर नियमित भुगतान तथा लंबित मानदेय का शीघ्र भुगतान सुनिश्चित किया करने,बिना भौतिक सत्यापन के पोषाहार राशि की वसूली पर तुरंत रोक लगाने एवं वसूल की गई राशि को शीघ्र वापस करने,किसी तरह का निजीकरण नहीं करने और जीविका गैर सरकारी संगठनों,स्वयं सहायता समूह,कारपोरेट आदि को सौंपने की साजिश पर रोक लगाने की है।


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