कृषि प्रधान देश में आज किसान सिर्फ कर्ज माफी तक ही सीमित
सहरसा से सहयोगी संवाददाता की रिपोर्ट :-
सहरसा जिले के मीर टोला स्थित आफिस में रविवार को वैश्य समाज के तत्वावधान में देश के सातवें प्रधानमंत्री स्वर्गीय चौधरी चरण सिंह की 116 वीं जयंती समारोह पूर्वक मनाया गया।
इस जंयती समारोह का अध्यक्षता कर रहे जिलाध्यक्ष मोहन प्रसाद साह ने कहा कि चौधरी चरण सिंह सिर्फ़ एक राजनीतिज्ञ, एक किसान नेता, एक पार्टी के अध्यक्ष और एक भूतपूर्व प्रधानमंत्री का नाम ही नहीं था, चरण सिंह एक विचारधारा का भी नाम था।चरण सिंह की राजनीति में कोई दुराव या कोई कपट नहीं था, बल्कि जो उन्हें अच्छा लगता था, उसे वो ताल ठोक कर अच्छा कहते थे, और जो उन्हें बुरा लगता था, उसे कहने में उन्होंने कोई गुरेज़ भी नहीं किया।
वैश्य महासभा के प्रदेश उपाध्यक्ष अर्जुन चौधरी ने कहा कि उनका बहुत रौबीला व्यक्तित्व होता था, जिनके सामने लोगों की बोलने की हिम्मत नहीं पड़ती थी।
रालोसपा जिला अध्यक्ष चंदन बगाची ने कहा कि अपने प्रधानमंत्री कार्यकाल के दौरान चरण सिंह भारतीय किसानों की दशा सुधारना चाहते थे और इसके लिए कई पॉलिसीज भी लाए। इसकी बड़ी वजह यह थी कि वह खुद भी किसान परिवार से थे और किसानों की समस्या को अच्छी तरह समझ सकते थे।
वैश्य समाज के जिला उपाध्यक्ष देवेन्द्र कुमार देव ने कहा कि हम सबको पता है कि भारत एक कृषि प्रधान देश है। इसका मतलब है कि यहां की जनसंख्या का एक बड़ा भाग कृषि पर निर्भर है।
किसानों की वजह से हमारे खाने की व्यवस्था होती है लिहाजा उनकी मेहनत के सम्मान के लिए एक दिन तो बनता है आज का दिन यानी 23 दिसंबर उन्हीं किसानों को समर्पित है जो भारत की अर्थव्यवस्था की रीढ़ की हड्डी भी कहे जाते हैं।
संचालन कर रहे जिला प्रवक्ता राजीव रंजन साह ने कहा कि आज सोचनीय विषय है कि आजादी के इतनो दिनों के बाद भी देश की राजनीति किसान पर ही केन्द्रित रहा लेकिन आज तक किसान सिर्फ कर्ज माफी तक रह गया है।
इस जंयती समारोह मे वार्ड पार्षद अरूण निराला , बैजनाथ चौधरी , संतोष कुमार मुगेरी ,पूर्व पार्षद कामेश साह., पैक्स अध्यक्ष हरेराम साह ,सुरेंद्र साह ,कृष्ण मोहन चौधरी ,नीरज गुप्ता , दिलीप साह , विमल साह ,पंकज भगत ,शशि सोनी , नीरज राम ,शाक्ति गुप्ता ,सत्यनारायण साह, सुनील साह ,अभिनंदन कुमार ,संतोष कुमार लड्डू, देवनरायण चौधरी , रामनाथ साह ,मुन्ना भगत , राजेंद्र भगत , लालबहादुर साह , किशोर साह ,शांति साह ,सिकंदर साह ,दिनेश साह ,रुपेश साह ,किशोर साह ,केदार साह , जनार्दन साह आदि शामिल थे ।
सहरसा से सहयोगी संवाददाता की रिपोर्ट :-
सहरसा जिले के मीर टोला स्थित आफिस में रविवार को वैश्य समाज के तत्वावधान में देश के सातवें प्रधानमंत्री स्वर्गीय चौधरी चरण सिंह की 116 वीं जयंती समारोह पूर्वक मनाया गया।
इस जंयती समारोह का अध्यक्षता कर रहे जिलाध्यक्ष मोहन प्रसाद साह ने कहा कि चौधरी चरण सिंह सिर्फ़ एक राजनीतिज्ञ, एक किसान नेता, एक पार्टी के अध्यक्ष और एक भूतपूर्व प्रधानमंत्री का नाम ही नहीं था, चरण सिंह एक विचारधारा का भी नाम था।चरण सिंह की राजनीति में कोई दुराव या कोई कपट नहीं था, बल्कि जो उन्हें अच्छा लगता था, उसे वो ताल ठोक कर अच्छा कहते थे, और जो उन्हें बुरा लगता था, उसे कहने में उन्होंने कोई गुरेज़ भी नहीं किया।
वैश्य महासभा के प्रदेश उपाध्यक्ष अर्जुन चौधरी ने कहा कि उनका बहुत रौबीला व्यक्तित्व होता था, जिनके सामने लोगों की बोलने की हिम्मत नहीं पड़ती थी।
रालोसपा जिला अध्यक्ष चंदन बगाची ने कहा कि अपने प्रधानमंत्री कार्यकाल के दौरान चरण सिंह भारतीय किसानों की दशा सुधारना चाहते थे और इसके लिए कई पॉलिसीज भी लाए। इसकी बड़ी वजह यह थी कि वह खुद भी किसान परिवार से थे और किसानों की समस्या को अच्छी तरह समझ सकते थे।
वैश्य समाज के जिला उपाध्यक्ष देवेन्द्र कुमार देव ने कहा कि हम सबको पता है कि भारत एक कृषि प्रधान देश है। इसका मतलब है कि यहां की जनसंख्या का एक बड़ा भाग कृषि पर निर्भर है।
किसानों की वजह से हमारे खाने की व्यवस्था होती है लिहाजा उनकी मेहनत के सम्मान के लिए एक दिन तो बनता है आज का दिन यानी 23 दिसंबर उन्हीं किसानों को समर्पित है जो भारत की अर्थव्यवस्था की रीढ़ की हड्डी भी कहे जाते हैं।
संचालन कर रहे जिला प्रवक्ता राजीव रंजन साह ने कहा कि आज सोचनीय विषय है कि आजादी के इतनो दिनों के बाद भी देश की राजनीति किसान पर ही केन्द्रित रहा लेकिन आज तक किसान सिर्फ कर्ज माफी तक रह गया है।
इस जंयती समारोह मे वार्ड पार्षद अरूण निराला , बैजनाथ चौधरी , संतोष कुमार मुगेरी ,पूर्व पार्षद कामेश साह., पैक्स अध्यक्ष हरेराम साह ,सुरेंद्र साह ,कृष्ण मोहन चौधरी ,नीरज गुप्ता , दिलीप साह , विमल साह ,पंकज भगत ,शशि सोनी , नीरज राम ,शाक्ति गुप्ता ,सत्यनारायण साह, सुनील साह ,अभिनंदन कुमार ,संतोष कुमार लड्डू, देवनरायण चौधरी , रामनाथ साह ,मुन्ना भगत , राजेंद्र भगत , लालबहादुर साह , किशोर साह ,शांति साह ,सिकंदर साह ,दिनेश साह ,रुपेश साह ,किशोर साह ,केदार साह , जनार्दन साह आदि शामिल थे ।


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