पुरे महिना दोपहर 12 बजे से 3 बजे तक किया जा रहा है जांच
देब हॉस्पिटल की आंख रोग विशेषज्ञ डॉ सुषमा ओझा देव चला रही है विशेष जागरूकता अभियान
सहरसा से सहयोगी संवाददाता राजीव कुमार की विशेष रिपोर्ट :-
स्वर्ण लोक के देवता के बाद धरती के भगवान का दर्जा प्राप्त डाक्टर सच में भगवान होते हैं चुंकि इनके हाथों में मनुष्य की जान होती है। हालांकि समय के साथ इस पेशे का बाजारीकरण ने इन्हें बदनाम भी कर रखा है लेकिन कुछ डाक्टर अभी भी ऐसे हैं जो समय समय पर समाज सेवा के क्षेत्र में जागरूकता अभियान व मुफ्त जांच शिविर आदि चला इस क्षेत्र में नेक कार्य कर रहे हैं।
आज ऐसे ही एक डाक्टर का नाम हम बताने जा रहे हैं जो पुरे नवम्बर माह मुफ्त में आमजनों का आंख की जांच कर उचित प्रामर्श देने का काम कर रही है।
जी हां ये डाक्टर है सहरसा के पूरब बाजार वीआईपी रोड स्थित देव हॉस्पीटल की डाक्टर सुषमा ओझा देव। इस महीने सामाजिक उद्देश्यों के साथ पूरा महीना फ्री जांच कैंप चला रही है। मरीजों के लिए जो मधुमेह के कारण आंखों की समस्या या बीमारियों से ग्रसित हैं,वे इन सुविधाओं का लाभ उठा रहे हैं।
डॉ सुषमा ओझा बताती है कि मधुमेह आंख की बीमारी व आंखों की समस्याओं के निदान के लिए एहतियातन उपाय मरीजों को जरूरी है क्योंकि यह धीरे-धीरे गंभीर दृष्टि हानि या अंधेपन तक ले जाती है। डॉक्टर सुषमा कहती है कि मधुमेह आंख की बीमारी में मधुमेह रेटिनोपैथी, मोतियाबिंद, ग्लूकोमा प्रमुख है।
उन्होंने कही कि इन बीमारियों से रेटीना में रक्त वाहिकाओं को नुकसान होता है। आंख के अंदर द्रव दबाव में वृद्धि ऑप्टिक तंत्रिका की क्षती और दृष्टि के नुकसान की ओर ले जाती है।
वो बताती है कि जिन मरीजों को मधुमेह की समस्या है वह प्रत्येक वर्ष अपनी आंखों की जांच अवश्य कराएं। यह गंभीर बात है कि मधुमेह या डायबिटीज के कारण आंखों में उत्पन्न हो रहे रोग की कोई प्रारंभिक लक्षण नहीं दिखाई देती है। नजरें जब धूमिल होती हैं तो मरीज पूरी तरह रोग ग्रस्त हो चुका होता है। तब तक काफी लेट हो चुका होता है।
नवंबर का पूरा महीना आंखों के जागरूकता और विश्व मधुमेह आंख रोगों के लिए जाना जाता है। इस महीने में आंखों को एलर्जी का भी सामना करना पड़ता है।
कोशी के पिछड़े इलाकों में आंखों के अंधेेपन से संबंधित बिमारियो में इजाफा हुआ है,और मेडिकल महकमा इसमें बेहतर काम भी कर रहा है,साथ ही कइ समाजिक संगठन भी इसमे बढ़िया काम कर रहे हैं। राइस मील कैम्पस स्थित देव हॉस्पिटल पूरे महीने मरीजों के लिए मुफ्त आई चेक अप कैंप चला रही है।
नवंबर के पूरे महीने में छुट्टी के दिनों को छोड़कर प्रत्येक दिन 12:00 बजे से 3:00 बजे तक मरीजों की आंखों की सेहत का मुफ्त जांच हो रहा है। देव हॉस्पिटल के डॉक्टर विजेंद्र देव कहते हैं कि मरीजों की आंख की जांच डॉक्टर सुषमा ओझा देव कर रही है। उन्होंने कहा कि मरीज केवल डायबिटिक जांच या संबंधित रोग का किसी भी जगह अगर उपचार कराते हो तो उस डॉक्टर के पुर्जे के साथ अवश्य मिले और इस मुफ्त सुविधा का लाभ उठावें।
वही इस मुफ्त जांच का लाभ लेने के लिए दर्जनों मरीज सिर्फ दो दिनों में ही पहुंच चुके है।
देब हॉस्पिटल की आंख रोग विशेषज्ञ डॉ सुषमा ओझा देव चला रही है विशेष जागरूकता अभियान
सहरसा से सहयोगी संवाददाता राजीव कुमार की विशेष रिपोर्ट :-
स्वर्ण लोक के देवता के बाद धरती के भगवान का दर्जा प्राप्त डाक्टर सच में भगवान होते हैं चुंकि इनके हाथों में मनुष्य की जान होती है। हालांकि समय के साथ इस पेशे का बाजारीकरण ने इन्हें बदनाम भी कर रखा है लेकिन कुछ डाक्टर अभी भी ऐसे हैं जो समय समय पर समाज सेवा के क्षेत्र में जागरूकता अभियान व मुफ्त जांच शिविर आदि चला इस क्षेत्र में नेक कार्य कर रहे हैं।
आज ऐसे ही एक डाक्टर का नाम हम बताने जा रहे हैं जो पुरे नवम्बर माह मुफ्त में आमजनों का आंख की जांच कर उचित प्रामर्श देने का काम कर रही है।
जी हां ये डाक्टर है सहरसा के पूरब बाजार वीआईपी रोड स्थित देव हॉस्पीटल की डाक्टर सुषमा ओझा देव। इस महीने सामाजिक उद्देश्यों के साथ पूरा महीना फ्री जांच कैंप चला रही है। मरीजों के लिए जो मधुमेह के कारण आंखों की समस्या या बीमारियों से ग्रसित हैं,वे इन सुविधाओं का लाभ उठा रहे हैं।
डॉ सुषमा ओझा बताती है कि मधुमेह आंख की बीमारी व आंखों की समस्याओं के निदान के लिए एहतियातन उपाय मरीजों को जरूरी है क्योंकि यह धीरे-धीरे गंभीर दृष्टि हानि या अंधेपन तक ले जाती है। डॉक्टर सुषमा कहती है कि मधुमेह आंख की बीमारी में मधुमेह रेटिनोपैथी, मोतियाबिंद, ग्लूकोमा प्रमुख है।
उन्होंने कही कि इन बीमारियों से रेटीना में रक्त वाहिकाओं को नुकसान होता है। आंख के अंदर द्रव दबाव में वृद्धि ऑप्टिक तंत्रिका की क्षती और दृष्टि के नुकसान की ओर ले जाती है।
वो बताती है कि जिन मरीजों को मधुमेह की समस्या है वह प्रत्येक वर्ष अपनी आंखों की जांच अवश्य कराएं। यह गंभीर बात है कि मधुमेह या डायबिटीज के कारण आंखों में उत्पन्न हो रहे रोग की कोई प्रारंभिक लक्षण नहीं दिखाई देती है। नजरें जब धूमिल होती हैं तो मरीज पूरी तरह रोग ग्रस्त हो चुका होता है। तब तक काफी लेट हो चुका होता है।
नवंबर का पूरा महीना आंखों के जागरूकता और विश्व मधुमेह आंख रोगों के लिए जाना जाता है। इस महीने में आंखों को एलर्जी का भी सामना करना पड़ता है।
कोशी के पिछड़े इलाकों में आंखों के अंधेेपन से संबंधित बिमारियो में इजाफा हुआ है,और मेडिकल महकमा इसमें बेहतर काम भी कर रहा है,साथ ही कइ समाजिक संगठन भी इसमे बढ़िया काम कर रहे हैं। राइस मील कैम्पस स्थित देव हॉस्पिटल पूरे महीने मरीजों के लिए मुफ्त आई चेक अप कैंप चला रही है।
नवंबर के पूरे महीने में छुट्टी के दिनों को छोड़कर प्रत्येक दिन 12:00 बजे से 3:00 बजे तक मरीजों की आंखों की सेहत का मुफ्त जांच हो रहा है। देव हॉस्पिटल के डॉक्टर विजेंद्र देव कहते हैं कि मरीजों की आंख की जांच डॉक्टर सुषमा ओझा देव कर रही है। उन्होंने कहा कि मरीज केवल डायबिटिक जांच या संबंधित रोग का किसी भी जगह अगर उपचार कराते हो तो उस डॉक्टर के पुर्जे के साथ अवश्य मिले और इस मुफ्त सुविधा का लाभ उठावें।
वही इस मुफ्त जांच का लाभ लेने के लिए दर्जनों मरीज सिर्फ दो दिनों में ही पहुंच चुके है।



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