Saturday, 24 November 2018

सहरसा पुलिस के लिए अपह्वत प्रभु की हत्या बना चुनौती, अब हाथ खाली

मृतक प्रभु पासवान का 12 नवम्बर को हुआ था अपहरण,दस दिन बाद नहर के समीप मिला शव

आक्रोशित लोगों ने शुक्रवार को जमकर शहर में काटा था बबाल

सहरसा से भार्गव भारद्वाज की रिपोर्ट :-

सहरसा सदर थाना क्षेत्र के सराही मुहल्ले से गत 12 नवम्बर से अपहृत व्यक्ति प्रभु पासवान की दस दिनों बाद हत्या सहरसा पुलिस के लिए बहुत बड़ा चुनौती बन गया है। हालांकि पुलिस का हाथ अभी तक खाली है। 
वही पुलिस सुत्रों की माने तो पुलिस ने इस मामले का अन्दर ही अन्दर मामले का उद्भेदन कर दोषी को चिन्हित कर कर लिया है। जल्द उन लोगों को गिरफ्तार कर मामले का खुलासा कर लिया जाएगा।

क्या है पुरा मामला -
सहरसा सदर थाना क्षेत्र के सराही मुहल्ले से बीते 12 नवम्बर से लापता शख्स प्रभु पासवान का शव बीते 22 नवंबर गुरुवार देर शाम सदर थाना क्षेत्र के नरियार स्थित पसराहा नहर के समीप मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई। 

शुक्रवार सुबह जैसे से ही लोगों को जानकारी मिली उसके बाद आक्रोषित लोगो ने थाना चौक को पूरी तरह जामकर सड़कों पर टायर जलाकर आगजनी करते हुए जमकर बवाल काटा। आक्रोशित लोगों ने पुलिस प्रशासन के विरोध में जमकर नारेबाजी करते हुए हत्यारे की गिरफ्तारी सहित मृतक के परिजनों को मुआवजे देने की मांग करने लगे। 
स्थित तनावपूर्ण देखते हुए प्रसासन की ओर से भाड़ी संख्यां में पुलिस बलों को तैनात कर दिया गया। वहीं प्रदर्शनकारियों से वार्ता करने सदर एसडीपीओ प्रभाकर तिवारी,सदर एसडीओ शम्भू नाथ झा पहुंचे और प्रदर्शन सदर थाना अध्यक्ष आर के सिंह पुलिस बल के साथ थे मौजूद।

बताते चलें कि मृतक 12 नवम्बर से घर से लापता था और परिजन ने 12 तारीख को ही थाने में अपहरण का मामला करवाया था दर्ज,और 13 तारीख को मृतक के परिजनों ने एसपी राकेश कुमार से मिलकर आवेदन देकर सकुशल बरामद होने की लगाई थी गुहार।
वहीं इस घटना को लेकर पूर्व लोजपा प्रत्याशी सरिता पासवान ने कहा कि माननीय मुख्यमंत्री जी भी सहरसा आये हुए थे हमलोगों ने उनके पास भी आवेदन लगाया था।सहरसा जिला में गरीब मजदूरों को हक़ दिलानेवाला कोई नही,इंसाफ दिलानेवाला कोई नही।हमलोगों ने 10 दिन पहले पीड़ित परिवार के साथ जाकर आवेदन दिया था और कहा था जो इसपर कार्रवाई कीजिये। हमलोगों को शंका है कि मेरे परिवार के व्यक्ति की हत्या हो चुकी है,लेकिन प्रशासन का रुख दूसरा था बार बार उन्होंने कहा कि आपके व्यक्ति की हत्या नही हुई है, वो कर्ज के करण घर से भाग गया है।इसलिए मैं प्रशासन से मांग करती हूँ कि हमारे व्यक्ति को जिंदा क्यों नही वापिस किये,और जब परिवार के लोग डेड बॉडी को खोजकर दिया तो आप दोषी पर कार्रवाई कीजिये और मृतक के परिवार के लोगों को 5 लाख का मुआवजा दीजिये और साथ ही साथ उसके परिवारों में एक व्यक्ति को सरकारी नोकरी दीजिये जिससे उसके परिवार का भरण पोषण हो सके।
 वहीं जाम स्थल पर सदर एसडीओ शम्भू नाथ झा,सदर एसडीपीओ प्रभाकर तिवारी ने आक्रोषित लोगों को समझा बुझाकर जाम हटवाकर शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिये भेजा सदर अस्पताल।और उन्होंने कहा कि तत्काल मुख्यमंत्री पारिवारिक लाभ योजना के तहत  20 हजार का चेक मृतक के पत्नी को उपलब्ध कराया जा रहा है और कल्याण विभाग से भी जो मुआवजा का प्रावधान है पुलिस प्रतिवेदन के आधार पर वो भी मृतक के परिवार को उपलब्ध करवाया जायेगा।

इस घटना को लेकर सदर एसडीपीओ प्रभाकर तिवारी ने कहा कि जो भी इस हत्याकांड में शामिल है उसकी गिरफ्तारी कर उचित कार्रवाई की जायेगी।

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