Friday, 8 February 2019

इस शख्स के घर जैसे आई लक्ष्मी की सरस्वती भी साथ दे दी...

शिक्षक पुत्र एसडीएम पद के लिए चयनित हुए विनय ने कहा लगातार प्रयास व लगन से मिली सफलता

बीपीएससी परीक्षा में 316 वां रैंक प्राप्त कर बढ़ाया कोशी सहित परिजनों का मान

सहरसा के नवहट्टा से गेस्ट संवाददाता राजेश उर्फ पप्पू की रिपोर्ट :-

इस शिक्षक पुत्र शख्स के घर जैसे ही लक्ष्मी रूपी पुत्री रत्न प्राप्त हुआ वैसे ही सरस्वती की देवी विद्या भी साथ होकर सफलता का परचम लहरा दी। 
जी हां लगातार प्रयास सच्ची लगन एवं मेहनत का फल विनय को आखिरकार मिल ही गया । बिहार लोक सेवा आयोग की संयुक्त परीक्षा में 316 वां स्थान प्राप्त कर न केवल परिवार का बल्कि कोशी इलाके का गौरव बढ़ाया है ।
शिक्षक चंद्रानंद पाठक एवं मां मीरा देवी के पुत्र अपनी सफलता का श्रेय माता पिता के मार्गदर्शन के साथ ही पत्नी अमृता के सहयोग व प्रोत्साहन को देते हैं । चाचा तारानंद पाठक कहते है बचपन से मुन्ना मेघावी रहा । प्राथमिक विद्यालय में भी हमेशा अव्वल रहता था। उन्होंने कहा कि प्रारंभ से उन्हें सिविल सेवा में जाने की तमन्ना थी । परिवार के लोग व रिश्तेदार  समेत मित्रमंडली हमेशा हौसला बढाते रहे । इससे पुर्व यु पी एस सी झारखंड पी एस सी उत्तरप्रदेश पी एस सी में इन्टरव्यू तक पहुंच चुके थे । सफलता अंतिम पायदान तक नहीं पहुंच सका । कन्या जन्म पर घर में खुशी अब आसपास के लोगों को समझ आई । पुत्री शैली के जन्म के साथ सफलता सिर चुमने लगा । असफलता के  बावजूद नौकरी की चाह में किसी कम्पीटीशन में भाग नहीं लिया । 
एसडीएम बने विनय ने कहा असफलता से घबराना नहीं चाहिए न ही पीछे मुड़ना चाहिए । सतत लगन से मुकाम मिलता ही है । मुलतः सुपौल जिला के सल्हौनी निवासी विनय उर्फ मुन्ना की पढाई सहरसा में ही हुई । जिला स्कूल से मैट्रिक एवं एम एल टी कालेज सहरसा से स्नातक की पढ़ाई के बाद दिल्ली व पटना में कोचिंग ली व सिविल सेवा में सफल मित्रों के साथ जुड़े रहने का भी लाभ मिला । सिविल सेवा में चयन जनता की सेवा  कल्याण विकास की अभिलाषा पुरी करेगा । मुन्ना के घर दोहरी खुशी ने सबको खुश कर दिया है। 

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