Sunday, 16 December 2018

सड़क किनारे बेसुध मिली अज्ञात युवती, इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती, रेप की आशंका

एनएच 107 कब्रिस्तान के समीप सुबह सबेरे लोगों की पड़ी नजर तो पहुंचा दिया अस्पताल

एक बार फिर अस्पताल प्रबंधन एवं पुलिस की संवेदनहीनता आई सामने 

सिर्फ एम्बूलेंस कर्मी के सहारे बेहतर ईलाज के लिए रेफर कर दिया जिला अस्पताल

सिमरी बख्तियारपुर (सहरसा) ब्रजेश भारती की रिपोर्ट :-

सहरसा जिले के बख्तियारपुर थाना क्षेत्र के एनएच 107 स्टेट पोखर कब्रिस्तान के समीप सड़क किनारे से रविवार सुबह लावारिश हालत में दर्द से कराहती एक अज्ञात युवती पर स्थानिय लोगों की नजर पड़ी। 
स्थानिक कुछ महिलाएं एवं एक युवक ने पहले उससे पुछताछ कर कुछ जानना चाहा लेकिन वह कुछ बोलने की हालत में नहीं थी। एक युवक ने उसे एक महिला के सहारे स्थानिय अनुमंडलीय अस्पताल सिमरी बख्तियारपुर में भर्ती करा दिया। 

स्थानिय मीडिया कर्मियों की पहल के बाद उस अज्ञात युवती का इलाज शुरू किया गया। वही किसी अन्य मामले में पड़ताल को पहुंचे बख्तियापुर पुलिस को मामले की जानकारी देने के बाद पुलिस ने भी उक्त युवती से पुछताछ कर जानकारी लेना चाहा लेकिन वह युवती कुछ बोलने की स्थिति में नहीं थी।
नर्स एवं उस वक्त ड्यूटी पर तैनात डाक्टर हरेन्द्र कुमार आर्य ने उस युवती का इलाज शुरू कर दिया। लेकिन कुछ समय बाद डाक्टर ने बेहतर ईलाज के लिए सहरसा रेफर कर दिया।

रेफर किए गए मेडिकल पर्ची में रेप की आशंका व्यक्त की गई है। स्थानिय लोगों ने पीड़ित युवती से रात के अंधेरे में दुष्कर्म की घटना को अंजाम दे सड़क किनारे फेंक देने की आशंका व्यक्त किया है। 
लेकिन यहां भी बख्तियारपुर पुलिस व अनुमंडलीय अस्पताल प्रशासन की संवेदनहीनता देखने को मिली। जहाँ एक ओर रेप की वजह से युवती दर्द से कराह रही थी वहीं दूसरी ओर पीड़ित युवती को सिर्फ एम्बुलेंस चालक और इमरजेंसी मेडिकल टेक्नीशियन के साथ सहरसा रेफर कर पुलिस व अस्पताल प्रबंधन ने अपना पल्ला झाड़ लिया।
ऐसे में सवाल यह उठता है की आखिर घटना की जानकारी होने के बावजूद पुलिस ने पीड़िता के साथ एक भी पुलिस कर्मी को क्यों नहीं भेजा। सवाल अनुमंडलीय अस्पताल प्रशासन पर भी उठता है की आखिर मरीज के साथ एक भी महिला नर्स या महिला कर्मी को क्यों नहीं भेजा गया।  जब इस मामले में ड्यूटी पर तैनात अस्पताल के चिकित्स्क से पूछा गया तो उनका कहना था आपको जो लिखना है लिखिए। फ़िलहाल युवती का इलाज सदर अस्पताल में चल रहा है। पीड़ित युवती अपना नाम पता और कुछ भी बोलने से असमर्थ है। संभावना यह भी व्यक्त की जा रही है की युवती को नशीला पदार्थ खिलाया गया है।
हालांकि पुरे मामले पर से पर्दा उस वक्त ही उठेगा जब युवती पूरी तरह ठीक हो कर पुरे मामले का खुलासा ना कर दे। चुंकि युवती की पहचान भी नहीं हो पाई है। 

No comments: