Friday, 21 December 2018

एक सुपरविजन रिपोर्ट बना पुलिस इंस्पेक्टर सहित सभी कर्मीयों के निलंबन की वजह

एक पत्रांक व दिनांक से एक केश का दो बार निर्गत कर दी गई प्रवेक्षण रिपोर्ट

एक में आरोपी को दुसरे में कर दिया गया आरोप मुक्त, डीआईजी कर दिया सभी को स्पेंड

सिमरी बख्तियारपुर (सहरसा) ब्रजेश भारती।

एक पुलिस पदाधिकारी हर रोज एक दो केश का जांच कर फिर उसकी रिपोर्ट तैयार करता है लेकिन क्या आप जानते हैं यही एक रिपोर्ट जब उस पदाधिकारी सहित पुरे कार्यालय कर्मीयों के निलंबन का कारण बन जाए तो क्या होगा। 
जी हां यही हुआ है सहरसा जिले के बख्तियारपुर पुलिस सर्किल इन्स्पेक्टर कार्यालय में। एक ही केश का दो परिवेक्षण रिपोर्ट वो भी एक ही पत्रांक दिनांक से निकाले जाने की वजह से सर्किल इन्स्पेक्टर सहित सभी कार्यालय कर्मीयों को डीआईजी ने निलंबित कर दिया। 

कोसी रेंज के पुलिस उपमहानिरीक्षक सुरेश प्रसाद चौधरी ने गुरूवार को सिमरीबख्तियारपुर अंचल के पुलिस निरीक्षक समेत पुलिस अंचल कार्यालय में कार्यरत सभी कर्मियों को निलंबित कर दिया। इनपर सलखुआ थाना में दर्ज एक कांड में दो बार पर्यवेक्षण टिप्पणी निर्गत करने का आरोप है।
जानकारी के अनुसार पुलिस निरीक्षक सत्यनारायण राय द्वारा सलखुआ थाना में दर्ज कांड संख्या 165/18 में दो बार पर्यवेक्षण टिप्पणी निर्गत कर दिया गया। इस मामले को गंभीरता से लेते हुए डीआइजी ने इसे कार्य में लापरवाही मानते हुए इंस्पेक्टर समेत कार्यालय में कार्यरत सभी कर्मियों को निलंबित कर दिया।

क्या है मामला -

सलखुआ थाना में कुछ माह पूर्व साधारण प्रकृति का एक मामला दर्ज किया गया। इस मामले के पर्यवेक्षण की जिम्मेवारी पुलिस अधीक्षक द्वारा पुलिस निरीक्षक को दी गई। जिसके बाद पुलिस निरीक्षक द्वारा इस कांड का पर्यवेक्षण टिप्पणी निकाला गया। एक ही मामले में एक ही ज्ञापांक व तिथि से दो पर्यवेक्षण टिप्पणी निकाले जाने के बाद इसकी शिकायत डीआइजी के यहां की गई। जिसकी जांच मुख्यालय डीएसपी रश्मि को सौंपा गया। जांच में पाया गया कि पर्यवेक्षण में लापरवाही बरती गई है। जिसके बाद डीआइजी ने इंस्पेक्टर सत्यनारायण राय समेत कार्यालय में कार्यरत सभी कर्मियों को निलंबित कर दिया गया।

एक में दोषी व दूसरे में निर्दाेष -

जानकारी के अनुसार पुलिस निरीक्षक द्वारा जो दो पर्यवेक्षण टिप्पणी एक ही ज्ञापांक व तिथि से जारी किया गया उसमें एक टिप्पणी में उक्त कांड के आरोपी मिथिलेश यादव को निर्दोष बता दिया गया। लेकिन जब बात नहीं बनीं तो उसी ज्ञापांक व तिथि पर दूसरी टिप्पणी जारी कर दी गई जिसमें उसे आरोपित कर दिया गया। जिसका खुलासा होने के बाद यह कार्रवाई की गई है।

क्या कहते हैं डीआईजी -

कोसी रेंज के डीआईजी सुरेश प्रसाद चौधरी की मानें तो यह गंभीर लापरवाही है। इस मामले में जांच कराने के बाद इंस्पेक्टर समेत कार्यालय के सभी कर्मियों को निलंबित कर दिया गया है।

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