Thursday, 31 January 2019

सिमरी के चॉकलेट फैक्ट्री पर कानपुर की एक फैक्ट्री की शिकायत पर दिल्ली कोर्ट का छापा

मिलते जुलते नाम से कैन्डी बनाने का दावा, कोर्ट के आदेश पर हुई कार्रवाई

स्थानिय लोगों व फैक्ट्री मालिक ने जप्त कर नहीं ले जाने दी प्रोडक्ट

सिमरी बख्तियारपुर (सहरसा) ब्रजेश भारती की रिपोर्ट :-

सहरसा जिले के सिमरी बख्तियारपुर अनुमंडल क्षेत्र के नगर पंचायत अन्तर्गत शर्मा चौक के समीप स्थित कोशी कन्फेक्सनरी चॉकलेट फैक्ट्री पर उत्तर प्रदेश के कानपुर मिलटन कन्फेक्फश्नरी फैक्ट्री के शिकायत पर दिल्ली कोर्ट से प्रति नियुक्त टीम के द्वारा गुरुवार को छापेमारी की गई।
चार घंटों तक चली छापेमारी के दौरान फैक्ट्री में काफी हाई - वोल्टेज ड्रामा हुआ। जिसके बाद बाहर से आई टीम खाली हाथ वापस लौट गई।

● ड्रीम क्रीम और पी-नट्स प्रोडक्ट पर है आपत्ति -
गुरुवार दोपहर कानपुर से मिलटन कन्फेक्शनरी और मार्को प्रोडक्ट्स के मैनेजर राकेश प्रकाश दिल्ली के तीसहजारी कोर्ट से नियुक्त मजिस्ट्रेट केशव श्रीवास्तव, दिवाल नाथ त्रिपाठी और वकील प्रवर कुमार शर्मा के साथ बख्तियारपुर थाना पहुंचे। 
बख्तियारपुर थाना में उक्त लोगो ने बताया कि कोशी कन्फेक्शनरी सिमरी बख्तियारपुर में हमारे प्रोडक्ट ड्रीम क्रीम और पी - नट्स से मिलता - जुलता प्रोडक्ट बना कर बेचा जा रहा है। जिसकी शिकायत दिल्ली के तीस हजारी कोर्ट में की गई। तत्पश्चात कोर्ट ने कोसी कन्फेक्शनरी में बने माल को कब्जे में ले कोर्ट को उपलब्ध कराने का आदेश दिया था। जिसके बाद बाहर से आये मजिस्ट्रेट के संग बख्तियारपुर थानाध्यक्ष राजमणि ने एसआई निजामुद्दीन को पुलिस बल के साथ फैक्ट्री भेजा।
● खूब हुई गर्मा गरम बहस -

दिल्ली से आई मजिस्ट्रेट शर्मा चौक स्थित कोसी कन्फेक्शनरी में बख्तियारपुर पुलिस के संग दोपहर एक बजे के करीब पहुंची। कोर्ट से प्रतिनियुक्त मजिस्ट्रेट ने फैक्ट्री के अंदर औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के उपरांत मैनेजर राकेश प्रकाश ने बताया कि फैक्ट्री के अंदर हमारे प्रोडक्ट्स ड्रीम क्रीम और पी - नट्स से मिलते - जुलते दर्जनों कार्टून प्रोडक्ट को पाया। जिसके बाद कोर्ट से नियुक्त मजिस्ट्रेट के सामने चार चक्के वाहन पर सभी कार्टून को रखा जा रहा था इधर दर्जनों कार्टून चार चक्के वाहन रखे जाने के बाद प्रोडक्ट्स लदा वाहन थाना को रवाना हुआ।
लेकिन गाड़ी जाते ही मामला उलझ गया। फैक्ट्री मालिक से लेकर कुछ बड़े स्थानीय व्यवसायी जिनमें सुशील जयसवाल, जदयू नेता सह वार्ड पार्षद चन्द्र मणि सहित अन्य लोगों ने लोकल मजिस्ट्रेट मंगाने की मांग पर अड़ गए। इस दौरान दोनों पक्षो के बीच जमकर बहस हुई। दिल्ली से आई टीम जहां कोर्ट के आदेश पर अड़ी थी वही स्थानीय व्यवसायी मजिस्ट्रेट मंगाने पर अड़े रहे  बाद दिल्ली और कानपुर से आई टीम खाली हाथ लौट गई।
इस संबंध में बख्तियापुर थानाध्यक्ष राजमणि से पुछे जाने पर बताया कि फैक्ट्री मालिक ने सहयोग नही किया जिस वजह से दिल्ली की टीम खाली हाथ लौटी गई है।

वही बाहर से आई टीम के राकेश प्रकाश ने बताया कि हमलोग कोर्ट के आदेश पर आए थे। लेकिन फैक्ट्री मालिक ने लोकल मजिस्ट्रेट की मांग की।सारा माल छोड़ कर जा रहे है।आगे जो कोर्ट आदेश करेगी वह करेंगे।

इस सब के संबंध में कोशी कन्फेक्सनरी के मालिक श्याम जायसवाल से पुछे जाने पर बताया कि हमलोगों ने लोकल मजिस्ट्रेट की मांग की। लोकल मजिस्ट्रेट नही रहने की वजह से माल ले नही जाने दिया गया।
सहरसा में नकली व मिलते जुलते नाम की धूम -

इन दिनों सहरसा जिले में ब्रांडेड कंपनियों के मिलते जुलते नाम के प्रोडक्ट्स धुम मचा रहे हैं। यह गोरखधंधा कोई एक कंपनियों तक सीमित नहीं है। गत दिनों सहरसा में कई ब्रांडेड दवा कम्पनी के नाम पर नकली कप सिरप व लीवर टॉनिक का खुलासा हुआ था। उसके चंद दिनों बाद ब्रांडेड कंपनी के नाम रैपर लगा चालव की बिक्री का मामला दर्ज हुआ। ये सब मात्र एक उदाहरण हैं। ऐसे बहुतों कम्पनियों के जैसे मिलते जुलते नाम के प्रोडक्ट्स से कम पढ़े लिखे उपभोक्ता शिकार बन रहे हैं वहीं ऐसे काम करने वाले लोग मालामाल हो रहे हैं। 
कानून में छेद का लेते हैं फायदा -

चुंकि हमारे यहां कम पढ़े लिखे लोग हैं ये लोग इसका फायदा उठा चांदी काट रहे हैं। ब्रांडेड कंपनियों के नाम से मिलते जुलते नाम के शब्दों में कुछ शब्द जोड़ कुछ शब्द छांट बड़े आराम से उसका रजिस्ट्रेशन,ट्रेड लाइसेंस लेकर छोटे मोटे जगह में अपना धंधा शुरू कर देते हैं। लेकिन इस सब के बीच ठगे जाते अनपढ़ उपभोक्ता। 

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