सहरसा में बेख़ौफ़ बदमाशों का कहर बदस्तूर जारी, कानून व्यवस्था पर उठने लगा उंगूली
सहरसा से ब्रजेश भारती की रिपोर्ट :-
सुबे सहित सहरसा में कानून नाम की कोई चीज नहीं बची है, अपराधी बेलगाम हो गए हैं। पुलिस प्रशासन का डर समाप्त हो गया है। अपराधी एक के बाद एक घटना को अंजाम दे पुलिस के लिए चुनौती पेश कर रहे हैं।
ताज़ा मामला सहरसा बस्ती से सामने आया है शुक्रवार शाम रंगदारी नहीं देने पर एक रिक्सा चालक के पुत्र ओटो चालक को गोली मार मौत के घाट उतार दिया है।
घटना के संबंध में प्राप्त जानकारी के अनुसार बस्ती निवासी रिक्शा चालक मो. अम्मान का पुत्र ओटो चालक मो. चांद शाम को ऑटो चलाकर घर लौटा। दरवाजे के पास ऑटो लगाकर वो खड़ा था। इसी दौरान बाइक सवार दो बदमाश आए और पेट में गोली मार दी। गोली की आवाज सुनकर परिजन घर से बाहर निकले और सदर अस्पताल लाया गया। जहां चिकित्सक डा. एसके आजाद ने उसे मृत घोषित कर दिया।
इधर मौत की खबर मिलते ही अस्पताल में उसके परिचितों की भीड़ लग गई और लोगों ने हंगामा किया। मौके पर थानाध्यक्ष आरके सिंह पहुंच मृतक के परिजनों से बात कर रहे हैं। गोली मारने वाले आरोपी बस्ती के ही रहने वाले मो0 सिटी बराबर उससे रंगदारी मांगता था। आज रंगदारी मांगने पर चांद ने अपनी गरीबी का हवाला देकर कहा कि वह रंगदारी देने की स्थिति में नहीं है ।बस इसी बात पर मो0 सिटी ने चांद के पेट में गोली मार दी।
कुल मिलाकर कहा जा सकता है कि सुबे सहित सहरसा में सुशासन बाबू का शासन खत्म हो चुका है पुलिस का खौफ अपराधियों पर से खत्म हो गया है। हर रोज हो रही अपराधीक वारदात आमजनों को चैंन की नींद खत्म कर दी है।Rangdhari nahi dene par auto chalak ki hatiya
सहरसा से ब्रजेश भारती की रिपोर्ट :-
सुबे सहित सहरसा में कानून नाम की कोई चीज नहीं बची है, अपराधी बेलगाम हो गए हैं। पुलिस प्रशासन का डर समाप्त हो गया है। अपराधी एक के बाद एक घटना को अंजाम दे पुलिस के लिए चुनौती पेश कर रहे हैं।
ताज़ा मामला सहरसा बस्ती से सामने आया है शुक्रवार शाम रंगदारी नहीं देने पर एक रिक्सा चालक के पुत्र ओटो चालक को गोली मार मौत के घाट उतार दिया है।
इधर मौत की खबर मिलते ही अस्पताल में उसके परिचितों की भीड़ लग गई और लोगों ने हंगामा किया। मौके पर थानाध्यक्ष आरके सिंह पहुंच मृतक के परिजनों से बात कर रहे हैं। गोली मारने वाले आरोपी बस्ती के ही रहने वाले मो0 सिटी बराबर उससे रंगदारी मांगता था। आज रंगदारी मांगने पर चांद ने अपनी गरीबी का हवाला देकर कहा कि वह रंगदारी देने की स्थिति में नहीं है ।बस इसी बात पर मो0 सिटी ने चांद के पेट में गोली मार दी।
कुल मिलाकर कहा जा सकता है कि सुबे सहित सहरसा में सुशासन बाबू का शासन खत्म हो चुका है पुलिस का खौफ अपराधियों पर से खत्म हो गया है। हर रोज हो रही अपराधीक वारदात आमजनों को चैंन की नींद खत्म कर दी है।Rangdhari nahi dene par auto chalak ki hatiya



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