Friday, 18 January 2019

1150 मेगावाट के Super power grid का आज सीएम करेंगे शिलान्यास, तैयारी पूरी

मुख्यमंत्री आगमन की तैयारी पूरी, सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम, बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने की संभावना

आने वाले तीन वर्षों में कोसी क्षेत्र बिजली के मामले में पूरी तरह से आत्मनिर्भर हो जाएगा

सहरसा से ब्रजेश भारती की रिपोर्ट -

बिहार के पिछड़े इलाकों की गिनती में अव्वल दर्जा प्राप्त कोशी क्षेत्र का इलाका अगामी तीन वर्षों में बिजली के मामले में पूरी तरह से आत्मनिर्भर हो जाएगा। प्रमंडल का सबसे बड़ा 400/220/132 का सुपर ग्रिड सहरसा जिला मुख्यालय से सटे सतर कटैया प्रखंड के सिहौल में सन 2021 तक बन कर तैयार हो जाएगा। 
करीब 300 करोड़ की लागत से तैयार होने वाली कोसी क्षेत्र की एक और बड़ी परियोजना की नींव नये साल में बतौर तोहफा के रूप में सहरसा को मिलने जा रहा है। 

उर्जामंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव ने बताया कि इस ग्रिड के तैयार हो जाने के बाद न सिर्फ कोसी प्रमंडल के तीनों जिला सहरसा, सुपौल और मधेपुरा बल्कि मुंगेर प्रमंडल के बेगूसराय और खगड़िया जिला बिजली उपलब्धता के मामले में आत्मनिर्भर हो जाएगा। सरकार का उद्देश्य अब 24 घंटे और 100 प्रतिशत बिजली उपलब्ध कराना है।
आज के शिलान्यास समारोह में केन्द्रीय उर्जा राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार राजकुमार सिंह, राज्य के उर्जामंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव, आपदा प्रबंधन मंत्री दिनेश चन्द्र यादव, जिले के प्रभारी मंत्री रमेश ऋृषिदेव सहित पावर ग्रिड कॉरपोरेशन से जुड़े अन्य वरीय अधिकारीयों सहित अन्य लोग मौजूद रहेंगे।

सीएम कार्यक्रम को लेकर अधिकारियों की टीम कर रही है मोनेटरिंग -

पावर ग्रिड के अधिकारी और जिला प्रशासन शिलान्यास समारोह को भव्य बनाने की तैयारी में जुटा है। कार्यक्रम स्थल पर मेला जैसा नजारा कई दिनों पूर्व से है। भव्य पंडाल और मंच को अंतिम रूप दिया जा चुका है। क्षेत्र सहित कोशी कमिश्नरी के विभिन्न क्षेत्रों से बड़ी संख्या में मुख्यमंत्री को सुनने एवं शिलान्यास समारोह का गवाह बनने के लिए बड़ी संख्या में भीड़ जुटाने की संभावना जताई जा रही है।
मुख्यमंत्री के आगमन को लेकर बनाए गए है दो हेलीपेड -

सहरसा- सुपौल मुख्य मार्ग से सटे पूरब सिहौल अगुवानपुर मार्ग में स्थित प्रस्तावित शिलान्यास स्थल पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और केन्द्रीय उर्जा राज्यमंत्री राजकुमार सिंह के आगमन को लेकर दो हेलीपेड बनाए गए हैं। एक हेलीपेड पर केन्द्रीय उर्जा राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार राजकुमार सिंह उतरेंगे। वहीं दूसरे हेलीपेड पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार उतरेंगे।कल अर्थात 19 जनवरी को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार इसका शिलान्यास करेंगे। 
जिला प्रशासन व अन्य शिलान्यास समारोह को सफल बनाने के तत्पर -

शिलान्यास समारोह में कोई कमी न रह जाए इसके लिए आलाधिकारी लगातार कार्यक्रम स्थल पर नजर बनाए हुए हैं। गुरुवार की शाम जिलाधिकारी शैलजा शर्मा, एसपी राकेश कुमार , अपर समाहर्ता धीरेंद्र झा, उप विकास आयुक्त राजेश कुमार सिंह, अपर समाहर्ता लोक शिकायत निवारण पुरुषोत्तम पासवान, सदर अनुमंडल पदाधिकारी , अग्निशमन पदाधिकारी संजय सिंह सहित अन्य अधिकारियों ने की जा रही तैयारी का जायजा लिया। जिलाधिकारी शैलजा शर्मा ने मुख्य कार्यकारी अधिकारी एम क्यू हौदा को तैयारी संबंधी कई निर्देश दी। शिलान्यास समारोह को लेकर पावर ग्रिड के चीफ जेनरल मैनेजर जार्ज डैनी,धर्मवीर कुमार रांची से सहरसा में कैंप कर रहे हैं। इनके अलावा महाप्रबंधक पंकज कुमार सिंह, मैनेजर संजीव कुमार, प्रमोद कुमार , प्रणव झा, आदि तैयारी में जुटे दिखे। 
सीएम नीतीश की सभा की तैयारी को लेकर जुटे जदयू कार्यकर्ता -

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार द्वारा सिहौल में सुपर पावर ग्रिड शिलान्यास समारोह के मौके पर होने वाली सभा को लेकर जदयू ने तैयारी को अंतिम रूप दे दिया है । जदयू नेता घनश्याम चौधरी सहित अन्य ने बताया कि सत्तरकटैया के आसपास कई गांवों का दौरा कर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की सभा में पहुंचने के लिए लोगों से आग्रह किया गया है। 
क्या है यह सुपर पावर ग्रिड -

प्राप्त जानकारी के अनुसार तीन सौ करोड़ कि लागत से 38 एकड़ में बनने वाली इस पावरग्रिड का निर्माण कार्य स्वीटजरलैंड की एबीबी कम्पनी द्वारा किया जाएगा। ओकाही – सिहौल पावरग्रिड मिथिलांचल ट्रांसमिशन लिमिटेड कोसी प्रमंडल का पहला बिद्युत उपकेन्द्र होगा जहां से कोसी एवं मुंगेर प्रमंडल के लिए विद्युत आपूर्ति की जाएगी। इस उपकेन्द्र से 14 सौ एमभीए बिद्युत की सप्लाई होगी। पावरग्रिड के पी के सिंह ने बताया कि यहां 400/ 220/132 केभीए बिजली उत्त्पन होगी।

स्वीटजरलैंड की कंपनी को निर्माण का जिम्मा -

स्वीटजरलैंड की ए.बी.बी कंपनी करेगी पावरग्रीड का निर्माण। सिहौल में बनने वाले पावरग्रिड मिथिलांचल ट्रांसमिशन लिमिटेड के निर्माण का जिम्मा स्वीटजरलैंड की कंपनी ए.बी.बी को सौंपा गया है। 35 एकड़ मे बनने वाली इस ग्रिड से सहरसा , सुपौल , मधेपुरा , खगड़िया एवं बेगूसराय जिलों को बिजली आपूर्ति कि जाएगी। किशनगंज – पटना डबल सर्किट लाइन से इस ग्रिड मे 14 सौ mva विद्युत की सप्लाई की जाएगी। उपलब्ध उक्त बिजली मे सहरसा को 132 kv आपूर्ति किया जाएगा।वहीं खगड़िया एवं बेगूसराय जिले को 220 kv बिजली आपूर्ति किया जाएगा। ग्रिड निर्माण हेतु निर्धारित 35 एकड़ जमीन में ढाई सौ से अधिक भूस्वामियों से अबतक 32 एकड़ जमीन ग्रिड हेतु रजिस्ट्री करा लिया गया है।वहीं तीन एकड़ जमीन की प्रक्रिया जारी है।

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