Monday, 17 December 2018

दो दिवसीय संतमत सत्संग सह ध्यान योग शिविर भक्तिमय माहौल में सम्पन्न

जगत कल्याण के लिए लिए ईश्वर की प्रार्थना करनी चाहिए : स्वामी शंकर जी महराज

सिमरी बख्तियारपुर (सहरसा) ब्रजेश भारती की रिपोर्ट :-

सहरसा जिले के सिमरी बख्तियारपुर प्रखंड के तरियामा रोड स्थित प्राथमिक विद्यालय पहाड़पुर के प्रांगण में दो दिवसीय संतमत सत्संग सह ध्यान योग कार्यक्रम भक्तिमय माहौल में संपन्न हो गया।
इस सत्संग कार्यक्रम में भागलपुर सहित अन्य जगहों के महराज एवं साधु महात्माओ का पदार्पण हुआ। प्रवचन देते हुए ज्ञान के निकेतन स्वामी शंकर जी महाराज ने कहा कि संसार में भगवान प्राप्ति व व्यक्ति कल्याण के लिए अलग-अलग साधन साधन मार्ग है।

भक्ति योग श्रेष्ट योग है, इससे बढ़कर कोई श्रेष्ठ साधन नहीं है। भगवान के प्रति प्रेम रखना होना भक्ति योग है। हमारे भीतर जो चिंगारी है, जो प्रकाश है, जो ज्ञान है, वैराग्य है, उस ज्ञान का वैराग्य का प्रेम तेज का जगत में व्यवहार करना, जीवन को शांति में जीते हुए हर स्थिति में अपने दिल दिमाग को परमात्मा में लगाए रखना ही श्रेष्ठ है।
वहीं उन्होंने कहा कि इस जगत कल्याण के लिए ईश्वर की प्रार्थना करनी चाहिए, ईश्वर की प्रार्थना करने से सारे क्लेश दूर हो जाते हैं। प्रत्येक व्यक्ति को अपने माता - पिता का सम्मान करना चाहिए। माता-पिता को भगवान समझ कर उसकी पूजा करना चाहिए। हर व्यक्ति के घरो में रामायण और गीता की पूजा होनी चाहिए।

इधर उपस्थित पूज्य श्याम बाबा, पूज्य सर्वेश्वरानन्द बाबा, पूज्य शंभू बाबा, पूज्य सुकुमार बाबा सहित अन्य महात्मा व साधु संतो ने बारी-बारी से अपना प्रवचन दिये। जिस प्रवचन को सुनने हेतु काफी संख्या में क्षेत्र के दूर दराजो से भी महिला एवं पुरूष आए। आसपास का पूरा क्षेत्र दोनो दिन भक्तिमय माहौल में तब्दील रहा।
सत्संगी शिक्षक कवीन्द्र जी के द्वारा आयोजित दो दिवसीय सत्संग कार्यक्रम को मुख्य रूप से अशोक यादव, रघुनी यादव, रमेश साह, डा शंभू शरण, कलानंद कुमार के द्वारा सफल बनाने में अहम योगदान रहा।

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