👉अपनी दस सुत्री मांगों को लेकर सहरसा के मुख्य डाकघर के समीप दिया धरना
👉मांगे नहीं माने जाने तक अनवरत चलेगा यह हड़ताल : संघ
सहरसा से ✍️ V & N संवाददाता की रिपोर्ट :-
देश व्यापी हड़ताल के आह्वान पर सहरसा में ग्रामीण डाक कर्मीयों ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर मंगलवार से अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दिया है। हड़ताल की वजह से ग्रामीण डाक सेवा प्रभावित होने की संभावना जताई जा रही है।
अखिल भारतीय ग्रामीण डाक सेवक संघ के बैनर तले अपनी दस सूत्री मांगों को लेकर सहरसा प्रधान डाकघर के मुख्य गेट के समीप डाक कर्मी धरना बैठ गए हैं। धरने पर बैठे ग्रामीण डाक कर्मियों ने अपनी मांगों को लेकर जमकर की नारेबाजी।
देशभर में करीब दो लाख 80 हजार ग्रामीण डाककर्मियों के हड़ताल पर जाने की प्रमुख वजह जीडीएस वेतनमानों में संशोधन के लिए कमलेशचंद्र कमेटी की रिपोर्ट पर कैंची चलाकर इसे लागू किया गया है। ग्रामीण डाक कर्मियों में केंद्र सरकार के प्रति गहरा रोष व्याप्त हैं और कमेटी की रिपोर्ट को मूलरूप में ही लागू किए जाने की मांग की है।
यह हैं मांगें -
संगठनों ने 10 सूत्रीय मांग पत्र में कमलेशचंद्र कमेटी को मूलरूप से एक जनवरी 2016 से लागू करने, वेतनमान में संशोधन को लेकर जो कमेटी ने फॉर्मूला सुझाया था, उसे लागू करने, ग्रच्युटी राशि को कम से कम पांच लाख करने, जीआईएस लिमिट को बढ़ाकर पांच लाख करने, ईएसआई, ईपीएफ को लागू करने, स्थानांतरण नीति को बदलले चिल्ड्रन अलाउंस लागू करने, एमएसपी का लाभ देने तथा ग्रामीण डाकघरों का काम आठ घंटे करने की मांग की गई।
धरना पर बैठे ग्रामीण डाक कर्मियों का कहना है जब तक मांगें पूरी नही होगी यह हड़ताल अनिश्चितकालीन जारी रहेगा। वही ग्रामीण क्षेत्रों में इस हड़ताल से काम काज पर असर होने की संभावना को देखते हुए डाक विभाग का हाथ पैर फुलने की संभावना जताई जा रही है। अब देखना जरूरी है कि यह हड़ताल कब तक जलती है या सरकार इनकी मांगे मान लेती है।
👉मांगे नहीं माने जाने तक अनवरत चलेगा यह हड़ताल : संघ
सहरसा से ✍️ V & N संवाददाता की रिपोर्ट :-
देश व्यापी हड़ताल के आह्वान पर सहरसा में ग्रामीण डाक कर्मीयों ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर मंगलवार से अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दिया है। हड़ताल की वजह से ग्रामीण डाक सेवा प्रभावित होने की संभावना जताई जा रही है।
अखिल भारतीय ग्रामीण डाक सेवक संघ के बैनर तले अपनी दस सूत्री मांगों को लेकर सहरसा प्रधान डाकघर के मुख्य गेट के समीप डाक कर्मी धरना बैठ गए हैं। धरने पर बैठे ग्रामीण डाक कर्मियों ने अपनी मांगों को लेकर जमकर की नारेबाजी।
देशभर में करीब दो लाख 80 हजार ग्रामीण डाककर्मियों के हड़ताल पर जाने की प्रमुख वजह जीडीएस वेतनमानों में संशोधन के लिए कमलेशचंद्र कमेटी की रिपोर्ट पर कैंची चलाकर इसे लागू किया गया है। ग्रामीण डाक कर्मियों में केंद्र सरकार के प्रति गहरा रोष व्याप्त हैं और कमेटी की रिपोर्ट को मूलरूप में ही लागू किए जाने की मांग की है।
यह हैं मांगें -
संगठनों ने 10 सूत्रीय मांग पत्र में कमलेशचंद्र कमेटी को मूलरूप से एक जनवरी 2016 से लागू करने, वेतनमान में संशोधन को लेकर जो कमेटी ने फॉर्मूला सुझाया था, उसे लागू करने, ग्रच्युटी राशि को कम से कम पांच लाख करने, जीआईएस लिमिट को बढ़ाकर पांच लाख करने, ईएसआई, ईपीएफ को लागू करने, स्थानांतरण नीति को बदलले चिल्ड्रन अलाउंस लागू करने, एमएसपी का लाभ देने तथा ग्रामीण डाकघरों का काम आठ घंटे करने की मांग की गई।
धरना पर बैठे ग्रामीण डाक कर्मियों का कहना है जब तक मांगें पूरी नही होगी यह हड़ताल अनिश्चितकालीन जारी रहेगा। वही ग्रामीण क्षेत्रों में इस हड़ताल से काम काज पर असर होने की संभावना को देखते हुए डाक विभाग का हाथ पैर फुलने की संभावना जताई जा रही है। अब देखना जरूरी है कि यह हड़ताल कब तक जलती है या सरकार इनकी मांगे मान लेती है।



No comments:
Post a Comment