तकनीकी कारणों से देर रात बाद प्रोजेक्ट मैनेजर ने परिचालन पर लगाई रोक
तेज रफ्तार गाड़ी चलने पर होती थी हल्की कम्पन, कुछ काम अभी भी चल रहा है
29 अगस्त 10 को हुआ परिचालन बंद, 25 सितंबर को 18 को पैदल पार हुआ था शुरू
सहरसा से ब्रजेश भारती की रिपोर्ट :-
कोशी क्षेत्र के लोगों को सोमवार देर शाम गुड न्यूज देखने व सुनने का मौका मिला। आठ वर्षों बाद देश की राजधानी से सीधा सम्पर्क भंग कर रखा डुमरी पुल पर सोमवार देर शाम से चार चक्का का परिचालन शुरू कर दिया गया है। लेकिन चार घंटे बाद ही परिचालन पर तकनीकी कारणों से रोक लगा दिया गया।
कम्पनी के प्रोजेक्ट मैनेजर के के रंजन ने फोन पर जानकारी देते हुए बताया कि कल शाम हुई परिचालन को ट्रायल मान सकते हैं। गाड़ी परिचालन शुरू किया गया था लेकिन गाड़ी की स्पीड तेज गति से चलने पर पुल में हल्की कम्पन हो रही थी चुंकि काम अभी पुनत: पूर्ण नहीं हुआ है।
एक पाए में रबर पेड लगाने का काम अंतिम चरण में है 25 नवम्बर तक फिर से एक बार ट्रायल कर आवागमन चालू किया जाएगा। इस माह के अंत तक हर हाल में पुर्ण रूपेण चार चक्का वाहनों के लिए परिचालन शुरू कर दिया जाएगा। वही दिसंबर के प्रथम सप्ताह तक सभी प्रकार के वाहनों के लिए परिचालन शुरू कर दिया जाएगा।
यहां बताते चलें कि सोमवार देर शाम खगड़िया जिले के बेलदौर विधायक पन्ना लाल पटेल ने पुल पर परिचालन की शुरुआत ट्रायल शुरू किया था।
इससे पहले बीते 25 सितम्बर को बाइक और पैदल यात्रियों के लिए पुल पर परिचालन शुरू हुआ था।
मामले की पुष्टि करते हुए एसपी सिंगला कंपनी के प्रोजेक्ट मैनेजर केके रंजन ने बताया कि पुल पर हल्के चार चक्के वाहनों का परिचालन शुरू कर दिया गया था लेकिन कुछ तकनीकी कारणों से पुनः परिचालन रोका गया है। अभी छोटा-छोटा कुछ काम बचा हुआ है। दस दिनों में काम पूरा कर लिया जाएगा। इसके बाद भारी वाहनों का परिचालन शुरू होगा।
पुल पर परिचालन शुरू होने से कोसी और फरकिया क्षेत्र वासियों में खुशी की लहर दौड़ गई थी।
बता दें कि डुमरी पुल पर वाहनों का परिचालन लगभग आठ वर्ष के बाद शुरू हुआ है। 29 अगस्त 2010 को कोसी नदी के कटाव के कारण डुमरी पुल का पाया धंस जाने से भारी वाहनों का परिचालन बंद कर दिया गया था। कुछ माह बाद बाइक व पैदल यात्री छोड़कर सभी प्रकार के वाहनों के परिचालन पर रोक लगा दी गई थी। इसके बाद 50 करोड़ की लागत से डुमरी पुल के क्षतिग्रस्त भाग के जीर्णोद्धार का काम एसपी सिंगला कंपनी को मिलने के बाद उसने कार्य शुरू कर इसे बनाया है।
तेज रफ्तार गाड़ी चलने पर होती थी हल्की कम्पन, कुछ काम अभी भी चल रहा है
29 अगस्त 10 को हुआ परिचालन बंद, 25 सितंबर को 18 को पैदल पार हुआ था शुरू
सहरसा से ब्रजेश भारती की रिपोर्ट :-
कोशी क्षेत्र के लोगों को सोमवार देर शाम गुड न्यूज देखने व सुनने का मौका मिला। आठ वर्षों बाद देश की राजधानी से सीधा सम्पर्क भंग कर रखा डुमरी पुल पर सोमवार देर शाम से चार चक्का का परिचालन शुरू कर दिया गया है। लेकिन चार घंटे बाद ही परिचालन पर तकनीकी कारणों से रोक लगा दिया गया।
कम्पनी के प्रोजेक्ट मैनेजर के के रंजन ने फोन पर जानकारी देते हुए बताया कि कल शाम हुई परिचालन को ट्रायल मान सकते हैं। गाड़ी परिचालन शुरू किया गया था लेकिन गाड़ी की स्पीड तेज गति से चलने पर पुल में हल्की कम्पन हो रही थी चुंकि काम अभी पुनत: पूर्ण नहीं हुआ है।
एक पाए में रबर पेड लगाने का काम अंतिम चरण में है 25 नवम्बर तक फिर से एक बार ट्रायल कर आवागमन चालू किया जाएगा। इस माह के अंत तक हर हाल में पुर्ण रूपेण चार चक्का वाहनों के लिए परिचालन शुरू कर दिया जाएगा। वही दिसंबर के प्रथम सप्ताह तक सभी प्रकार के वाहनों के लिए परिचालन शुरू कर दिया जाएगा।
यहां बताते चलें कि सोमवार देर शाम खगड़िया जिले के बेलदौर विधायक पन्ना लाल पटेल ने पुल पर परिचालन की शुरुआत ट्रायल शुरू किया था।
इससे पहले बीते 25 सितम्बर को बाइक और पैदल यात्रियों के लिए पुल पर परिचालन शुरू हुआ था।
मामले की पुष्टि करते हुए एसपी सिंगला कंपनी के प्रोजेक्ट मैनेजर केके रंजन ने बताया कि पुल पर हल्के चार चक्के वाहनों का परिचालन शुरू कर दिया गया था लेकिन कुछ तकनीकी कारणों से पुनः परिचालन रोका गया है। अभी छोटा-छोटा कुछ काम बचा हुआ है। दस दिनों में काम पूरा कर लिया जाएगा। इसके बाद भारी वाहनों का परिचालन शुरू होगा।
पुल पर परिचालन शुरू होने से कोसी और फरकिया क्षेत्र वासियों में खुशी की लहर दौड़ गई थी।
बता दें कि डुमरी पुल पर वाहनों का परिचालन लगभग आठ वर्ष के बाद शुरू हुआ है। 29 अगस्त 2010 को कोसी नदी के कटाव के कारण डुमरी पुल का पाया धंस जाने से भारी वाहनों का परिचालन बंद कर दिया गया था। कुछ माह बाद बाइक व पैदल यात्री छोड़कर सभी प्रकार के वाहनों के परिचालन पर रोक लगा दी गई थी। इसके बाद 50 करोड़ की लागत से डुमरी पुल के क्षतिग्रस्त भाग के जीर्णोद्धार का काम एसपी सिंगला कंपनी को मिलने के बाद उसने कार्य शुरू कर इसे बनाया है।



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