Saturday, 12 January 2019

जदयू ने बहुचर्चित रितेश-सउद जमीन विवाद प्रकरण में जिलाधिकारी से रोक हटाने की मांग

जदयू की विशेष बैठक में डीएम से भवन निर्माण कार्य पर पुनर्विचार की कही गई बात

मांग नहीं मानी जाने पर मुख्यमंत्री से सच्चाई को कराया जाएगा अवगत

सहरसा से भार्गव भारद्वाज की रिपोर्ट :-

सहरसा जिले के सिमरी बख्तियारपुर अनुमंडल क्षेत्र के नगर पंचायत अन्तर्गत वार्ड नं 13 स्थित रितेश रंजन सउद आलम जमीनी विवाद प्रकरण में जदयू ने जिलाधिकारी से रोक पर पुनर्विचार करने की मांग की है।
इस संबंध में में शुक्रवार को सहरसा में पूर्व विधायक अरुण कुमार यादव, जिलाध्यक्ष चन्द्र देव मुखिया, प्रदेश उपाध्यक्ष युवा जदयू अमर यादव, अंजुम हुसैन, गरीब दास, आनंदी प्रसाद मेहता, मो अनवार, दिनेश पासवान सहित अन्य नेताओं ने एक हस्ताक्षरित आवेदन डीएम सहरसा को प्रेषित कर कहा है कि बख्तियारपुर मजा अंतर्गत भौजी नंबर 526 खाता संख्या 216 खेसरा संख्या 50 13 जो सउद आलम की खरीदी जमीन है। इसी जमीन पर निर्माण कार्य हो रहा था जिसके पुरब में खेसरा संख्या 5014 भी है जो श्रीमती ललिता रंजन पति आर पी रंजन की भूमि है। 

वह अपने जमीन पर मकान निर्माण करा लिया इस क्रम में ना तो पड़ोसी को जानकारी दी ना ही नापी कराया। इसका जब सउद आलम ने विरोध किया तो रितेश रंजन ने विरोध स्वरूप नगर पंचायत को मेल जोल में ले सउद आलम के भवन निर्माण पर रोक लगवा दिया। 
पत्र में कहा गया है कि सच्चाई यह है कि सिमरी बख्तियारपुर नगर पंचायत क्षेत्र में किसी भी व्यक्ति द्वारा भवन निर्माण का अनुमोदन नही लिया। स्वयं रितेश रंजन ने भी अपने मकान निर्माण में नप से अनुमोदन नही लिया। ऐसी परिस्थिति में सिर्फ सउद आलम के निर्माण में अनुमोदन का हवाला देकर निर्माण पर रोक न्याय संगत नहीं है। ऐसी परिस्थिति में निर्माण पर रोक पर पुनर्विचार कर निर्माण कार्य करने रोक हटाने की दिशा में अग्रसर कार्रवाई की जाए। 

पत्र में कहा गया है कि अगर सच्चाई से अवगत होने के बावजूद रोक नहीं हटाया गया तो उपरोक्त सच्चाई से मुख्यमंत्री का घेराव कर सच्चाई से अवगत कराया जाएगा।

No comments: