युवा किसान ने कहा एलपीसी के लिए मांगी घुस, लिपिक ने कहा आरोप बेबूनियांद
सिमरी बख्तियारपुर (सहरसा) ब्रजेश भारती की रिपोर्ट :-
सहरसा जिले के सिमरी बख्तियारपुर अंचल कार्यालय में सोमवार दोपहर उस वक्त हो हल्ला शुरू हो गया जब एक युवा किसान खम्हौती गांव निवासी सोहन कुमार एवं अंचल के प्रधान लिपिक विलास बैठा के बीच एलपीसी प्रमाण पत्र को लेकर तीखी नौक झौंक हो गई।
दोनों के बीच नौक झौंक इस कदर बढ़ गई थी मामला हाथापाई तक पहुंच गई हलांकि आमजनों के बीच बचाव के बाद मामला शांत कराया गया।
इस बीच हो हंगामा की सुचना पर बख्तियापुर थाना के एसआई निजामुद्दीन दलबल के साथ अंचल कार्यालय पहुंच मामले की छानबीन किया।
वही इस घटना के आक्रोशित वहां उपस्थित किसानों राजेश कुमार रवि, दीपक कुमार, गुड्डू कुमार, अभिमन्यु, सुनील कुमार आदि ने अंचल प्रशासन के विरुद्ध जमकर नारेबाजी कर हंगामा करने लगा।
किसानों का कहना था कि अंचल कार्यालय में प्रधान लिपिक विलास बैठा ने एलपीसी प्रमाण पत्र देने के एवज में रूपए की मांग किया नहीं देने पर उसके साथ मारपीट कर धक्का मार कार्यालय से बाहर कर दिया जो तानासाही को दर्शाता है। इस संबंध में दर्जनों किसानों ने एक हस्ताक्षरित आवेदन अंचलाधिकारी सहित वरीय अधिकारियों को प्रेरित कर प्रधान लिपिक पर कार्रवाई की मांग की है।
प्रखंड मुख्यालय स्थित अंचल कार्यालय में सोमवार की दोपहर अंचल कर्मियो के द्वारा एलपीसी प्रमाण-पत्र देने में विलंब किये जाने पड़ किसानो के द्वारा हंगामा मचाया गया। वहीं एलपीसी प्रमाण-पत्र देने में रूपया की मांग किये जाने का आरोप किसानो के द्वारा लगाया गया। वहीं हंगामा की सूचना पड़ थाना से आये दरोगा मो निजाम उद्दीन सहित अन्य पुलिस बलो ने कार्यालय पहुंच अंचल कर्मियो से पूछताछ किया। इसको लेकर करीब एक दर्जन किसानो ने अंचल कर्मियो पर रूपया मांगे जाने का आरोप लगाते हुए अंचलाधिकारी को हस्ताक्षरित आवेदन देकर उचित कार्रवाई करने की मांग किया है।
इस संबंध में प्रधान लिपिक विलास बैठा से पुछे जाने पर बताया कि उक्त युवा किसान एलपीसी के लिए आया था वह अपना प्रमाण पत्र ले लेने के बाद एक दुसरे का एलपीसी की मांग करने लगा जिस पर मेरे द्वारा प्रमाण पत्र देने से इंकार कर दिया जिस पर वह बदतमीजी पर उतारू हो गया तो हमने आफिस से निकल जाने को कह अपने काम करने चला गया। घुस लेने का आरोप मनगढ़ंत एवं बेबूनिया है।
इस बावत सीओ धर्मदेव चौधरी ने बताया कि हम आरोप लगाने वाले किसानो को बुलाये हैं। मामले की जांच की जाएगी। वहीं उन्होंने कहा कि मेरे कार्यालय में घूस नहीं चलता है।
सिमरी बख्तियारपुर (सहरसा) ब्रजेश भारती की रिपोर्ट :-
सहरसा जिले के सिमरी बख्तियारपुर अंचल कार्यालय में सोमवार दोपहर उस वक्त हो हल्ला शुरू हो गया जब एक युवा किसान खम्हौती गांव निवासी सोहन कुमार एवं अंचल के प्रधान लिपिक विलास बैठा के बीच एलपीसी प्रमाण पत्र को लेकर तीखी नौक झौंक हो गई।
दोनों के बीच नौक झौंक इस कदर बढ़ गई थी मामला हाथापाई तक पहुंच गई हलांकि आमजनों के बीच बचाव के बाद मामला शांत कराया गया।
इस बीच हो हंगामा की सुचना पर बख्तियापुर थाना के एसआई निजामुद्दीन दलबल के साथ अंचल कार्यालय पहुंच मामले की छानबीन किया।
किसानों का कहना था कि अंचल कार्यालय में प्रधान लिपिक विलास बैठा ने एलपीसी प्रमाण पत्र देने के एवज में रूपए की मांग किया नहीं देने पर उसके साथ मारपीट कर धक्का मार कार्यालय से बाहर कर दिया जो तानासाही को दर्शाता है। इस संबंध में दर्जनों किसानों ने एक हस्ताक्षरित आवेदन अंचलाधिकारी सहित वरीय अधिकारियों को प्रेरित कर प्रधान लिपिक पर कार्रवाई की मांग की है।
प्रखंड मुख्यालय स्थित अंचल कार्यालय में सोमवार की दोपहर अंचल कर्मियो के द्वारा एलपीसी प्रमाण-पत्र देने में विलंब किये जाने पड़ किसानो के द्वारा हंगामा मचाया गया। वहीं एलपीसी प्रमाण-पत्र देने में रूपया की मांग किये जाने का आरोप किसानो के द्वारा लगाया गया। वहीं हंगामा की सूचना पड़ थाना से आये दरोगा मो निजाम उद्दीन सहित अन्य पुलिस बलो ने कार्यालय पहुंच अंचल कर्मियो से पूछताछ किया। इसको लेकर करीब एक दर्जन किसानो ने अंचल कर्मियो पर रूपया मांगे जाने का आरोप लगाते हुए अंचलाधिकारी को हस्ताक्षरित आवेदन देकर उचित कार्रवाई करने की मांग किया है।
इस संबंध में प्रधान लिपिक विलास बैठा से पुछे जाने पर बताया कि उक्त युवा किसान एलपीसी के लिए आया था वह अपना प्रमाण पत्र ले लेने के बाद एक दुसरे का एलपीसी की मांग करने लगा जिस पर मेरे द्वारा प्रमाण पत्र देने से इंकार कर दिया जिस पर वह बदतमीजी पर उतारू हो गया तो हमने आफिस से निकल जाने को कह अपने काम करने चला गया। घुस लेने का आरोप मनगढ़ंत एवं बेबूनिया है।
इस बावत सीओ धर्मदेव चौधरी ने बताया कि हम आरोप लगाने वाले किसानो को बुलाये हैं। मामले की जांच की जाएगी। वहीं उन्होंने कहा कि मेरे कार्यालय में घूस नहीं चलता है।





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