भूमि बचाओ संघर्ष समिति का गठन कर किसानों ने विरोध में फूंका बिगुल
सरकार किसानों को गफलत में रख कुछ भी जानकारी नहीं दे रही
संघर्ष समिति के अध्यक्ष बने पशुपति मंडल तो सचिव सैयद कमाल अशरफ
सिमरी बख्तियारपुर (सहरसा) ब्रजेश भारती।
सहरसा जिले के सिमरी बख्तियारपुर नगर पंचायत क्षेत्र के रंगीनिया गांव में सोमवार को एनएच-107 बायपास भूमि संघर्ष समिति के बैनर तले दर्जनों किसानो की एक बैठक आयोजित की गई।
बैठक में प्रखंड क्षेत्र के तीन मौजा बख्तियारपुर(नगर पंचायत) सिमरी एवं भौरा के दर्जनों किसानों ने भाग लिया। वहीं बैठक में किसानों ने जिला प्रशासन के द्वारा बायपास में अधिकृत की जा रही भूमि पर तथा उचित मुआबजा सहित विभिन्न मुद्दो को लेकर विस्तार पूर्वक चर्चा करते हुए आगे की रणनीति पर मुद्दा को जोरशोर से उठाया।
बैठक में किसानो ने एक मत होकर कहा कि बायपास एनएच रंगीनियां चौक से भौरा चौक तक की प्रशासन के द्वारा की जा रही भूमि अधिग्रहण मामले में भू-स्वामी को अंधेरा में रखा जा रहा है। भू-स्वामी को उसकी जमीन की उचित मुआबजा के बारे में नहीं बताया जा रहा है। जबकि बिना मुआबजा बताये हुए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया भी प्रशासन के द्वारा शुरू कर दिया गया है।
इतना ही नहीं भू-स्वामी से सहमति पत्र भी लेना शुरू कर दिया गया है। जिस सहमति पत्र के लिए प्रशासन के द्वारा बार-बार भू-स्वामी को देने के लिए दवाब बनाया जा रहा है। आवासीय भूमि व व्यवसायी जमीन को कृषि भूमि बता दिया गया है। जबकि भारत सरकार के गजट 1,2 एवं 3 में आवासीय होने के बावजूद उसको फिर से गलती कहकर कृषि बता भूमि को अधिग्रहण करना सहित विभिन्न मुद्दो को बैठक में जोरशोर से रखते हुए प्रशासन के खिलाफ विरोध जताया गया।
वहीं भू-स्वामीयों ने प्रशासन से मांग करते हुए कहा कि अधिगृहित की जाने वाली जमीन में भू-स्वामी को उसके जमीन का मुल्य 2018-19 वर्ष के तहत बाजार मुल्य का मुआबजा दी जाए तथा भूमि अधिग्रहण से पहले भू-स्वामी को उसकी मुआबजा के बारे में जानकारी लिखित रूप में दी जाए। साथ ही जिस भूमि पर घर एवं बगीचा है वैसे भू-स्वामी को पुर्नवास की व्यवस्था की जाए। इसके अलावा भी बैठक में कई निर्णय लिया गया। उपस्थित लोगो ने प्रशासन को अल्टीमेटम देते हुए कहा कि अगर हमलोगों की मांगे नहीं मानी गई तो आगे की रणनीति तैयार करते हुए आंदोलन किया जाएगा।
इससे पूर्व बायपास रंगीनियां चौक से भौरा चौक तक में पड़ने वाले भू-स्वामियो ने आयोजित बैठक में एनएच बायपास संघर्ष समिति सिमरी बख्तियारपुर की कमिटी का गठन किया। गठित की गई कमिटी में सभी ने एकमत होकर भू-स्वामी पशुपति मंडल को अध्यक्ष एवं सैयद कमाल अशरफ को सचिव के रूप में चुन लिया।
भू-स्वामी पन्नालाल यादव की अध्यक्षता में हुई बैठक में मुख्य रूप से संतोष कुमार, नौशाद आलम, सैयद जया अशरफ, वासुदेव यादव, सैयद गुलजार अशरफ, हरेकृष्ण नारायण, मो मशीर, खगेन्द्र कुमार, वसीम अशरफ, महेन्द्र बढ़ई, सकील अहमद, राकेश, अब्दुला, अबरार अशरफ, रौशन, अशमत अली हासमी, रामवृक्ष ठाकुर, रविन्द्र कुमार उर्फ मंटू सहित अन्य भू-स्वामी मौजूद रहे।
सरकार किसानों को गफलत में रख कुछ भी जानकारी नहीं दे रही
संघर्ष समिति के अध्यक्ष बने पशुपति मंडल तो सचिव सैयद कमाल अशरफ
सिमरी बख्तियारपुर (सहरसा) ब्रजेश भारती।
सहरसा जिले के सिमरी बख्तियारपुर नगर पंचायत क्षेत्र के रंगीनिया गांव में सोमवार को एनएच-107 बायपास भूमि संघर्ष समिति के बैनर तले दर्जनों किसानो की एक बैठक आयोजित की गई।
बैठक में प्रखंड क्षेत्र के तीन मौजा बख्तियारपुर(नगर पंचायत) सिमरी एवं भौरा के दर्जनों किसानों ने भाग लिया। वहीं बैठक में किसानों ने जिला प्रशासन के द्वारा बायपास में अधिकृत की जा रही भूमि पर तथा उचित मुआबजा सहित विभिन्न मुद्दो को लेकर विस्तार पूर्वक चर्चा करते हुए आगे की रणनीति पर मुद्दा को जोरशोर से उठाया।
बैठक में किसानो ने एक मत होकर कहा कि बायपास एनएच रंगीनियां चौक से भौरा चौक तक की प्रशासन के द्वारा की जा रही भूमि अधिग्रहण मामले में भू-स्वामी को अंधेरा में रखा जा रहा है। भू-स्वामी को उसकी जमीन की उचित मुआबजा के बारे में नहीं बताया जा रहा है। जबकि बिना मुआबजा बताये हुए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया भी प्रशासन के द्वारा शुरू कर दिया गया है।
इतना ही नहीं भू-स्वामी से सहमति पत्र भी लेना शुरू कर दिया गया है। जिस सहमति पत्र के लिए प्रशासन के द्वारा बार-बार भू-स्वामी को देने के लिए दवाब बनाया जा रहा है। आवासीय भूमि व व्यवसायी जमीन को कृषि भूमि बता दिया गया है। जबकि भारत सरकार के गजट 1,2 एवं 3 में आवासीय होने के बावजूद उसको फिर से गलती कहकर कृषि बता भूमि को अधिग्रहण करना सहित विभिन्न मुद्दो को बैठक में जोरशोर से रखते हुए प्रशासन के खिलाफ विरोध जताया गया।
वहीं भू-स्वामीयों ने प्रशासन से मांग करते हुए कहा कि अधिगृहित की जाने वाली जमीन में भू-स्वामी को उसके जमीन का मुल्य 2018-19 वर्ष के तहत बाजार मुल्य का मुआबजा दी जाए तथा भूमि अधिग्रहण से पहले भू-स्वामी को उसकी मुआबजा के बारे में जानकारी लिखित रूप में दी जाए। साथ ही जिस भूमि पर घर एवं बगीचा है वैसे भू-स्वामी को पुर्नवास की व्यवस्था की जाए। इसके अलावा भी बैठक में कई निर्णय लिया गया। उपस्थित लोगो ने प्रशासन को अल्टीमेटम देते हुए कहा कि अगर हमलोगों की मांगे नहीं मानी गई तो आगे की रणनीति तैयार करते हुए आंदोलन किया जाएगा।
इससे पूर्व बायपास रंगीनियां चौक से भौरा चौक तक में पड़ने वाले भू-स्वामियो ने आयोजित बैठक में एनएच बायपास संघर्ष समिति सिमरी बख्तियारपुर की कमिटी का गठन किया। गठित की गई कमिटी में सभी ने एकमत होकर भू-स्वामी पशुपति मंडल को अध्यक्ष एवं सैयद कमाल अशरफ को सचिव के रूप में चुन लिया।
भू-स्वामी पन्नालाल यादव की अध्यक्षता में हुई बैठक में मुख्य रूप से संतोष कुमार, नौशाद आलम, सैयद जया अशरफ, वासुदेव यादव, सैयद गुलजार अशरफ, हरेकृष्ण नारायण, मो मशीर, खगेन्द्र कुमार, वसीम अशरफ, महेन्द्र बढ़ई, सकील अहमद, राकेश, अब्दुला, अबरार अशरफ, रौशन, अशमत अली हासमी, रामवृक्ष ठाकुर, रविन्द्र कुमार उर्फ मंटू सहित अन्य भू-स्वामी मौजूद रहे।


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