Thursday, 27 December 2018

61 वां उर्स-ए-फरीदी समारोह धूमधाम से सम्पन्न,कई कार्यक्रम आयोजित

हजरत शाह जाफर अली फारूकी फरीदी के सरबेला गांव स्थित मजार पर की गई

दो दिवसीय मेले के आयोजन के साथ जलसा व कव्वाली का भी हुआ प्रोग्राम

सिमरी बख्तियारपुर (सहरसा) ब्रजेश भारती की रिपोर्ट :-

सहरसा जिले के सिमरी बख्तियारपुर अनुमंडल क्षेत्र अन्तर्गत बनमा ईटहरी प्रखंड के सरबेला पंचायत अंतर्गत फरीदगंज सरबेला में बुधवार की सुबह कुतबे सहरसा हजरत शाह जाफर अली फारूकी फरीदी की मजार पर अनुमंडल क्षेत्र के विभिन्न हिस्सों से आये हजारों की संख्या में फरीदी बिरादरान के लोगों के द्वारा चादर पोशी कर दुआएं मांगी गई। वहीं दो दिवसीय आयोजित कार्यक्रम का बुधवार को चादर पोशी, दुआएं के साथ लंगर वितरण कर धूमधाम से समापन हुआ।
महबूब इलाही वेलफेयर एजुकेशनल सोसाइटी के बैनर तले कुतबे सहरसा हजरत शाह जाफर अली फारूकी फरीदी की याद में 61 वां उर्स-ए-फरीदी एक समारोह कर धूमधाम से मनाया गया। इस मौके पर दो दिन मंगलवार एवं बुधवार को कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जिसमें मंगलवार की शाम उर्स व जलसा का कार्यक्रम एवं बुधवार को उनके मजार पर चादर पोशी के साथ दुआएं का कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इसके बाद समापन के दौरान लंगर का वितरण किया गया।
मालूम हो कि यूपी के रहने वाले मौलाना शाह जाफर अली की मौत फरीदगंज सरबेला में आने के दौरान हो जाना बताया जाता है। इन्हें पहुंचा हुआ मौलवी फरीद विरादरी के द्वारा माना जाता है। जिसके प्रति लोगों में असीम श्रद्धा थी जो अब तक चली आ रही है। स्थानीय लोगों में फरीद विरादरी के द्वारा फरीदगंज सरबेला में उनकी याद में उनका मजार स्थापित कर दिया गया। मजार स्थापित होने के बाद तब से अब तक प्रत्येक वर्ष अनुमंडलीय स्तरीय कार्यक्रम उनकी याद में मनाया जाता आ रहा है। इस अवसर पर जलसा व कव्वाली कार्यक्रम के बाद दूसरे दिन उनकी मजार पर चादर पोशी के साथ-साथ दोनों दिन भव्य मेला का भी आयोजन किया जाता है। 
मंगलवार को आयोजित जलसा व कव्वाली कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे अलहाज डा. अनवर अली सौहेल फरीदी ने कुरान के साथ कार्यक्रम की शुरूआत करते विस्तारपूर्वक लोगो को धार्मिक बातें बताई। उन्होंने सभी से धर्म पर ईमानदारी के साथ चलने का आह्वान किया। कहा कि इस्लाम में झूठ बोलना बहुत बड़ी गुनाह है। इसके अलावा उन्होंने बच्चों को शिक्षित करने सहित उन्हें अच्छी मार्गदर्शन उनके अभिभावको को देने की अपील किया। कहा कि शिक्षा ही हमारे समाज की सर्वप्रथम मूल मंत्र है। जिन्हें सभी को अमल में लाने की जरूरत है। हमारे समाज में शिक्षा की दरों में बहुत कमी है जिसे हम सभी को बढ़ावा देने की सख्त जरूरत है। 

वहीं जलसा व कव्वाली में मंचासीन हजरत मुफ्ती शहरेयार कादरी, मौलाना मुफ्ती मुमताज अहमद मिशवाही, हजरत मुफ्ती कासिम, हजरत मोसाहिद रजा कादरी, मुफ्ती साजिदुरूर रहमान सहित शायर हजरत तबारक अंजूम ने एक से बढ़कर एक कव्वाली पेश कर लोगों को मंत्रमुग्ध करते हुए पूरी रात ठंड के बावजूद सभी को झूमने पर मजबूर कर दिया। 
जिसमें "ख्वाजा पिया की शाम में, धार्मिक गुरूओं की शान में......" ने जैसे अनेको गायन प्रस्तुत कर लोगों की खूब तालियां बटोरी गई। कार्यक्रम में महिला-पुरूष सहित बच्चों ने हजारों की संख्या में पहुंच जमकर आनंद लिया। जो कि अनुमंडल क्षेत्र के विभिन्न हिस्सों से आये हुए थे। वहीं जलसा व कव्वाली में बिहार सहित यूपी, उड़ीसा, इलाहबाद, गिरीडीह व अन्य हिस्सों से मौलाना पधारें हुए थे।

हाफिज मो मोब्सीर रजा नजामी के मंच संचालन में चली दो दिवसीय कार्यक्रम में मुख्य रूप से अधिवक्ता नसरूल हौदा फरीदी, सफीनूल आलम, जौवार अहमद फरीदी, गुलाम शब्बीर फरीदी, गुलाम सिबतेन फरीदी, गुलाम शब्बर फरीदी, गुलाम सादेन फरीदी, डा मशूहुदुल हसन फरीदी, इसार अहमद कादरी, अम्मार अहमद कादरी, अकील अहमद सहित अन्य सैकड़ो की संख्या में फरीदी विरादरी मौजूद थे।

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