Sunday, 18 November 2018

सिमरी बख्तियारपुर में दर्जनों रक्तवीरो ने शिविर में किया रक्तदान

कोशी रक्तदानी-महादानी की टीम ने स्थानीय कला भवन में लगाया रक्तदान शिविर

सिमरी बख्तियारपुर (सहरसा) ब्रजेश भारती की रिपोर्ट :-

कोशी जैसे पिछड़े इलाके में भी अब आमजनों के बीच रक्तदान के प्रति जागरूक देखी जा रही है। अब रक्तदान के लिए युवा ही नहीं बल्कि युवतियां भी आगे बढ़कर रक्तदान कर रही है। 
रविवार को सहरसा जिले के सिमरी बख्तियारपुर नगर पंचायत अन्तर्गत हाई स्कूल मैदान स्थित कला भवन में कोशी रक्तदानी-महादानी की टीम द्वारा दुसरा रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया।
इस रक्तदान शिविर का उद्घाटन भारत के सैनिक शम्भू शर्मा, अजय कुमार, प्रसिद्ध उद्योगपति सुशील जायसवाल, महखड़ मुखिया प्रतिनिधि फ़िरोज़ आलम ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलन कर किया ।

शिविर को संबोधित करते हुए कोशी रक्तदानी महादानी टीम के संस्थापक विष्णु कुमार ने सर्वप्रथम अतिथियों को पौधा देकर सम्मानित किया। साथ ही बताया कि सिमरी बख्तियारपुर प्रखंड के महखड़ पंचायत निवासी अरविन्द यादव की पुत्री स्मिता कुमारी जो थैलीसीमिया बीमारी से पीड़ित है, को  टीम द्वारा गोद लिया गया है। 
उन्होंने जानकारी दी कि थैलीसीमिया एक ऐसी बीमारी है जिसमें शरीर में रक्त नहीं बनता है। अतः मरीज को हर महीने रक्त चढ़ाना पड़ता है। इसलिए कोशी रक्तदानी महादानी टीम द्वारा स्मिता कुमारी को लगने वाला रक्त निःशुल्क उपलब्ध कराया जायेगा। 

टीम के अध्यक्ष सुभाष चंद्रा ने सभी रक्तवीरों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि रक्तवीरों के सहयोग से ही रक्तदान शिविर का कार्यक्रम सफल हो पाता है। 
इस शिविर में रक्तविरांगना स्वीकृति कुमारी, संगीता कुमारी, रक्तवीर संतोष मोदी, रवि कुमार रंजन, राहुल कुमार, राजवीर सिंह, बिमलेश कुमार भारती, महेंद्र प्रसाद, राजू कुमार, शाहबाज खान, शेमस रजा, सुशील कुमार आदि ने मिलकर लगभग 50 यूनिट रक्तदान किया। 
इस अवसर पर जे पी सिंह, चन्दन यादव, विजेंद्र भगत, एच डी एफ सी के रमेश कुमार आदि मौजूद थे। 

कार्यक्रम को सफल बनाने में सोनू कुमार, शास्त्री सुमन, रौशन राज बादशाह, पंकज कुमार, नितेश सिंह,परवेज़ आरजू, शफी अहमद, गोपाल शर्मा, भवेश, सुमित कुमार, सन्नी श्रीवास्तव, पल्लव गुप्ता, राहुल सैम, पंकज एच डी एम, मनीष, आदि के साथ साथ एम् डी एच मसाले, एच डी एफ सी बैंक, एम् एच सिक्योरिटी का भी महत्वपूर्ण योगदान रहा।

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