Friday, 30 November 2018

कुछ इस कदर हो रहा है सहरसा जिले के स्कूल में बच्चों का परिभ्रमण

भेड़ बकरी की तरह गाड़ी में ठुस बच्चों का कराया गया परिभ्रमण

लूट खसोट की योजना बन कर रह गई है मुख्यमंत्री परिभ्रमण योजना

सहरसा से ब्रजेश भारती की रिपोर्ट :-

सहरसा...। बच्चे राष्ट्र के भविष्य हैं, लेकिन उनकी जिम्मेदारी जिनपर है वही उनके भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रहे है । सुरक्षा के सिद्धांत यानी बच्चे सुरक्षित रहे इसका भी अनुपालन नही हो रहा है । 
मामला है। मामला सहरसा जिले के नवहट्टा प्रखंड के उत्क्रमित मध्य विद्यालय नौला का है , जहां स्कूल के गुरु जी द्वारा मुख्यमंत्री परिभ्रमण योजना को स्कूल के शिक्षकों द्धारा इस योजना को जान जोखिम में डालो योजना बनाकर रख दिया गया है । इस योजना के तहत मध्य विद्यालय के छात्र-छात्राओं को विभिन्न पर्यटन स्थल घूमकर अपने ज्ञान में इजाफा करना है । 
लेकिन सहरसा के उत्क्रमित मध्य विद्यालय नौला के बच्चे जान-जोखिम में डालकर पयर्टन स्थल पर घुमाए जा रहे हैं । एक चार पहिया जीप वाहन पर छोटे - छोटे बच्चे बच्चियों को भेड़ बकरियों के तरह ठूस कर बिठा दिया गया। इतना ही नहीं कई बच्चों को इस ठंड के मौसम में गाड़ी के छत पर बिठा दिया गया और इससे भी नही हुआ तो स्कूल के मास्टर जी एक ही बाइक पर तीन - तीन बच्चों को बिठा लिया और चल दिये परीभ्रमन कराने। इन छोटे छोटे बच्चों को 25 किलोमीटर दूर नवहट्टा से सहरसा स्थित मत्स्यगंधा झील घुमाने लाया गया था। 
बच्चों के साथ जिस तरह से स्कूल प्रशासन द्वारा यह खेल खेला जा रहा है उससे कभी भी कोई बड़ा हादसा हो सकता है । इस दौरान जब जी मीडिया ने परीभ्रमन पर आए स्कूल के शिक्षक से इस मामले पर सवाल किया तो वो अपनी गलती छुपाते हुए अपने आप को बच्चों का अभिभावक बताते हुए कहते हैं की मजबूरी में बच्चों को इस तरह से यहां लाना पड़ा। वहीं स्कूली बच्चों का कहना था उन्हें मास्टर जी द्वारा गाड़ी के छत पर बैठने कहा गया था । 
तस्वीरों से साफ जाहिर होता है कि सरकार के इस महत्वाकांक्षी परियोजना का कैसे माखौल उड़ाया जा रहा है और इस कार्यक्रम का खानापूर्ति कर सरकारी राशि का बंदरबांट किया जा रहा है ।  इस विद्यालय के शिक्षक को बच्चे के दुर्घटनाग्रस्त होने, ठंड लगने या ट्रैफिक नियम के पालन करने का कोई भय नही है । 'माईनेज' करने के फार्मूला पर चलनेवाले ऐसे ही शिक्षक सरकारी स्कूल की व्यवस्था को बदनाम कर रहे है ।

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