ग्रामीण चिकित्सक पुत्र हमेशा रहता हैं कुछ नया करने की चाह में
सिमरी बख्तियारपुर(सहरसा) ब्रजेश भारती की एक्सक्लूसिव रिपोर्ट :-
कोशी के ईलाके में हरेक साल आने वाले बाढ़ व उस बाढ़ के समय आवागमन का एक मात्र साधन नाव वह नाव भी लकड़ी से बना जिसमें कुछ तो मानव श्रम तो कुछ डीजल इंजन चालित होता है।
इसी सब बातों को ध्यान में रखते सिमरी बख्तियारपुर के रोजवैली विद्यालय वर्ग चार का एक होनहार छात्र सिमरी पंचायत के सिमरी गांव निवासी ग्रामीण चिकित्सक श्याम पौद्दार का पुत्र गुलशन राज ने एक ऐसे मोटरबोट का मॉडल निर्माण कर सफल परिक्षण कर दिखा दिया जो सौर उर्जा से संचालित होता है। साथ ही इस मोटरबोट को रिमोट से नियंत्रित किया जा सकता है।
शिक्षकों के समक्ष किया पानी में परिक्षण -
छात्र गुलशन ने अपने विद्यालय के सामने पोखर के पानी में इस मोटरबोट मॉडल का सफल परिक्षण कर सबको अचंभित कर दिया। मोटरबोट मॉडल को पानी में रखते ही छात्र गुलशन ने अपने हाथों ले रखे रिमोट से चला उपस्थित लोगो को अचंभित कर दिया।विद्यालय के डायरेक्टर राजीव कुमार ने बताया कि यह छात्र शुरू से ही कुछ नया करने की कोशिश करता है। आज यही जुनुन इसको यहां पहुंचा दिया है।
छात्र गुलशन राज ने बताया की इस मोटरबोट में छोटा-छोटा चार मोटर लगा है जो पानी को काट आगे पीछे चलता है। यह मॉडल थर्मोकॉल से बनाया गया जिसमें मोटर व रिमोट खिलौने का लगा है। गुलश का कहना है कि अगर सभी सामान उपलब्ध हो जाये तो बिना ईंधन के सौलर चालित पानी का जहाज बना देगा।
कोसी में अधिकांश डीजल इंजन नाव होता संचालित-
कोसी इलाके में बाढ़ के समय कम बजट का ये मोटरबोट नाव बहुत ही उपयोगी साबित हो सकता है।जहाँ बाढ़ के समय कोसी का तीनो जिला सहित आसपास के इलाके के कई जिला के दर्जनों प्रखंड बाढ़ के पानी से घिर जाता है। जहाँ आवागमन की सुबिधा नही रहने एवं नाव भी पर्याप्त मात्रा में नही रहने के कारण लोगो को काफी परेसानी होती है।
इस इलाके में इस तरह का कम बजट का ये मोटर बाइक लोगो का काफी लाभ मिलेगा। अभी अधिकांश नावें या तो मानव श्रम से चलता है या फिर बडी नावें डीजल इंजन पम्प सेट से चलाया जाता है जिसमें डीजल की खपत के साथ किसी भी समय जौगार से बने रहने के कारण खराब होने की संभावना बनी रहती है ऐसे में अगर यह सौर चालित मोटरबोट तैयार कर ली जाय तो वरदान साबित होगा।
सिमरी बख्तियारपुर(सहरसा) ब्रजेश भारती की एक्सक्लूसिव रिपोर्ट :-
कोशी के ईलाके में हरेक साल आने वाले बाढ़ व उस बाढ़ के समय आवागमन का एक मात्र साधन नाव वह नाव भी लकड़ी से बना जिसमें कुछ तो मानव श्रम तो कुछ डीजल इंजन चालित होता है।
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| परिक्षण करता छात्र गुलशन |
शिक्षकों के समक्ष किया पानी में परिक्षण -
छात्र गुलशन ने अपने विद्यालय के सामने पोखर के पानी में इस मोटरबोट मॉडल का सफल परिक्षण कर सबको अचंभित कर दिया। मोटरबोट मॉडल को पानी में रखते ही छात्र गुलशन ने अपने हाथों ले रखे रिमोट से चला उपस्थित लोगो को अचंभित कर दिया।विद्यालय के डायरेक्टर राजीव कुमार ने बताया कि यह छात्र शुरू से ही कुछ नया करने की कोशिश करता है। आज यही जुनुन इसको यहां पहुंचा दिया है।
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| अपने शिक्षकों के साथ गुलशन |
कोसी में अधिकांश डीजल इंजन नाव होता संचालित-
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| छात्र गुलशन राज |
कोसी इलाके में बाढ़ के समय कम बजट का ये मोटरबोट नाव बहुत ही उपयोगी साबित हो सकता है।जहाँ बाढ़ के समय कोसी का तीनो जिला सहित आसपास के इलाके के कई जिला के दर्जनों प्रखंड बाढ़ के पानी से घिर जाता है। जहाँ आवागमन की सुबिधा नही रहने एवं नाव भी पर्याप्त मात्रा में नही रहने के कारण लोगो को काफी परेसानी होती है।
इस इलाके में इस तरह का कम बजट का ये मोटर बाइक लोगो का काफी लाभ मिलेगा। अभी अधिकांश नावें या तो मानव श्रम से चलता है या फिर बडी नावें डीजल इंजन पम्प सेट से चलाया जाता है जिसमें डीजल की खपत के साथ किसी भी समय जौगार से बने रहने के कारण खराब होने की संभावना बनी रहती है ऐसे में अगर यह सौर चालित मोटरबोट तैयार कर ली जाय तो वरदान साबित होगा।



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